Bilaspur Crime Information: छोटे भाई के सिर पर मूसल से वार, गले में चला दिया ब्लेड

सिविल लाइन थाना क्षेत्र की घटना, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 04:05 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 04:05 PM (IST)

Bilaspur Crime News: छोटे भाई के सिर पर मूसल से वार, गले में चला दिया ब्लेड
प्रतीकात्मक चित्र।

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मिनीबस्ती में होली के दिन मामूली बातों को लेकर दो भाईयों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान बड़े भाई ने छोटे भाई के सिर पर मूसल से हमला कर दिया। साथ ही उसके गले में ब्लेड से वार किया। हमले में घायल की स्थिति गंभीर है। उसे सिम्स में भर्ती कराया गया है। घायल की मां ने अपने बड़े बेटे के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत की है। इस पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मिनीबस्ती में रहने वाली राजकुमारी मरकाम रोजी मजदूरी करती हैं। उनके दो बेटे बलराम जोशी और राम जोशी हैं। सोमवार की सुबह दोनों भाई होली खेलने के लिए निकले थे। होली खेलने के बाद दोनों भाई दोपहर को घर आ गए। शाम चार बजे के करीब बलराम और राम के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान बलराम ने अपने छोटे भाई को ज्यादा बात करता है कहते हुए मारना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान उसने अपने छोटे भाई के सिर पर मूसल से वार किया।

हमले में घायल छोटे भाई के गले पर उसने ब्लेड मार दिया। मूसल की मार से गंभीर राम के गले से खून की धारा फूट पड़ी। इसे देखकर राजकुमारी बीच-बचाव करने लगी। युवक ने अपनी मां को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद वह घर से भाग निकला। महिला ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। महिला ने घायल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया है। उसने अपने बड़े बेटे के खिलाफ सिविल लाइन थाने में शिकायत की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

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    वर्ष 2010 में गुरु घासीदास विश्‍वविद्यालय, बिलासपुर से ग्रेजुएशन किया है। तत्पश्चात शिक्षा एवं कार्य को आगे बढ़ते हुए मैं दैनिक प्रजापति, इवनिंग टाइम्स एवं लोकस्वर में पत्रकारिता करियर की शुरुआत की 2012—13 मैंन

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला, 5 चीनी नागरिकों की मौत

Pakistan Information: एक हमलावर ने इस्लामाबाद के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दासू में अपने शिविर की जा रहे चीनी इंजीनियरों के एक काफिले को निशाना बनाया।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 03:42 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 03:42 PM (IST)

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला, 5 चीनी नागरिकों की मौत

एजेंसी, पेशावर। उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में एक आत्मघाती हमले में पांच चीनी नागरिक और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई। रॉयटर्स के अनुसार, एक हमलावर ने इस्लामाबाद के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दासू में अपने शिविर की जा रहे चीनी इंजीनियरों के एक काफिले को निशाना बनाया। क्षेत्रीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद अली गंडापुर ने कहा कि हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को काफिले में घुसा दिया।

खबर अपडेट की जा रही है।

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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह

MP Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में एक बार फिर आमने-सामने होंगे तीन उम्मीदवार

Madhya Pradesh Lok Sabha Election 2024: मंडला में ओमकार सिंह मरकाम ने कुलस्ते को दी थी कड़ी टक्कर।

By Prashant Pandey

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 03:21 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 03:25 PM (IST)

MP Lok Sabha Election 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में एक बार फिर आमने-सामने होंगे तीन उम्मीदवार
मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024

HighLights

  1. बैतूल ऐसी सीट है जहां भाजपा और कांग्रेस से फिर वही उम्मीदवार मैदान में है।
  2. बैतूल से दुर्गादास उइके और रामू टेकाम लगातार दूसरी बार प्रतिद्वंद्वी बने हैं।
  3. सतना लोकसभा सीट से भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा विधानसभा चुनाव में भी मैदान में थे।

Madhya Pradesh Lok Sabha Election 2024: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। कहा जाता है कि राजनीति में कभी कुछ भी हो सकता है। कभी एक-दूसरे को धूल चटाने के लिए राजनीति के मैदान में उतरे प्रतिद्वंद्वी एक बार फिर आमने-सामने हैं। वह पिछले चुनाव के आधार पर एक-दूसरे की कमजोरियों पर प्रहार कर बाजी अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगे हैं।

मंडला से भाजपा प्रत्याशी फग्गन सिंह कुलस्ते और कांग्रेस के ओमकार सिंह मरकाम 2014 के बाद फिर आमने-सामने हैं। तब मरकाम एक लाख 10 हजार 469 मतों से हार गए थे। इसी तरह बैतूल से दुर्गादास उइके और रामू टेकाम लगातार दूसरी बार प्रतिद्वंद्वी बने हैं।

पिछले लोकसभा चुनाव में टेकाम तीन लाख 60 हजार 241 मतों से पराजित हुए थे। सतना लोकसभा सीट से भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा विधानसभा चुनाव में भी मैदान में थे। कुशवाहा ने इसमें गणेश सिंह 4,041 मतों से हराया था।

लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सभी 29 तो कांग्रेस ने 22 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इनमें बैतूल ऐसी सीट है जहां भाजपा और कांग्रेस से फिर वही उम्मीदवार मैदान में है। इस सीट पर कांग्रेस से आखिरी बार 1991 में असलम शेर खान जीते थे। 1996 से लगातार भाजपा जीतती आ रही है।

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वर्तमान सांसद दुर्गादास उइके पहली बार 2019 में जीते थे। रामू टेकाम आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। क्षेत्र में उनकी पकड़ को देखते हुए कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। वह विधानसभा चुनाव में बैतूल से टिकट मांग रहे थे, तभी पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें लोकसभा का टिकट दिलाने का आश्वासन दिया था।

सतना लोकसभा सीट पिछले छह बार (1998 से) भाजपा जीत रही है। ऐसे में यह सीट कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। सिद्धार्थ कुशवाहा पिछले विधानसभा चुनाव में गणेश सिंह को हराकर दूसरी बार विधायक बने हैं। दोनों प्रत्याशी ओबीसी वर्ग से हैं। इस वर्ग के मतदाता भी यहां बड़ी संख्या में हैँ।

सिद्धार्थ के पिता सुखलाल कुशवाहा भी यहां से 1996 में कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन सिंह और भाजपा के वीरेंद्र सखलेचा को हराकर जीते थे। जातिगत समीकरण को देखते हुए बसपा ने यहां से नारायण त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

मंडला सीट की बात करें तो भाजपा प्रत्याशी और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते 2019 के लोकसभा चुनाव में 97 हजार 674 मतों से जीते थे, पर पिछला विधानसभा चुनाव निवास सीट से कांग्रेस के चैन सिंह बरकड़े से हार गए थे।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014

Chhattisgarh: सुकमा के इस गांव में है होली मनाने की अनोखी परंपरा, सुख-शांति और स्‍वस्‍थ बने रहने के लिए अंगारों पर चलते हैं लोग

Distinctive Custom in Sukma: छत्‍तीसगढ़ सहित पूरे देश में रंगोंं का पर्व हर्षोल्‍लास से मनाया गया। इसी बीच छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले से अनोखे तरीके से होली मनाने की खबर सामने आई है। यहां पर होलिका दहन के बाद लोग अंगारों पर चलते हैं।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 03:15 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 03:15 PM (IST)

Chhattisgarh: सुकमा के इस गांव में है होली मनाने की अनोखी परंपरा, सुख-शांति और स्‍वस्‍थ बने रहने के लिए अंगारों पर चलते हैं लोग

सुकमा। Distinctive Custom in Sukma: छत्‍तीसगढ़ सहित पूरे देश में रंगोंं का पर्व हर्षोल्‍लास से मनाया गया। इसी बीच छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले से अनोखे तरीके से होली मनाने की खबर सामने आई है। यहां पर होलिका दहन के बाद लोग अंगारों पर चलते हैं। अनोखे तरीके से होली मनाने का यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, होली पर सुकमा जिले के पेंदलनार गांव में अनोखी परंपरा है। यहां होलिका दहन के बाद ग्रामीण आग पर नंगे पैर चलते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुख-शांति और स्‍वस्‍थ रहने के लिए वर्षों से ये परंपरा चलती आ रही है। ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा से गांव में सुख-शांति बनी रहती है। बताया जा रहा है कि ये प्रभा इसी गांव में है, जिसे आसपास के गांव के लोग देखने आते हैं।

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    वर्ष 2007 में दिल्‍ली की भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में पोस्‍ट ग्रैजुएट डिप्‍लोमा किया है। अध्‍ययन के बाद मैंने दिल्‍ली में अलग-अलग संस्‍थानाें में दो वर्ष सेवा दी। इसके बाद मैंने हिंदुस्‍तान न्‍यूजपेपर मे

India Tour Of Australia: 32 सालों के बाद आस्ट्रेलिया में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी भारतीय टीम

India Tour Of Australia: भारत ने साल 2017 से लगातार घरू और विदेश में सीरीज जीत के साथ ही बार्डर गावस्कर ट्राफी पर कब्जा बरकरार रखा है।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 03:02 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 03:02 PM (IST)

India Tour Of Australia: 32 सालों के बाद आस्ट्रेलिया में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी भारतीय टीम

India Tour Of Australia: स्पोर्ट्स डेस्क, मेलबोर्न। आस्ट्रेलिया ने इस साल के अंत में भारत के खिलाफ होने वाली घर में होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट पर्थ में 22 नवंबर से खेला जाएगा। भारत इस आस्ट्रेलियाई दौरे पर एडिलेड में एक डे-नाइट टेस्ट भी खेलेगी। शेष तीन टेस्ट ब्रिस्बेन, मेलबोर्न और सिडनी में खेले जाएंगे।

सन 1991-92 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब आस्ट्रेलिया और भारत बार्डर-गावस्कर ट्राफी में पांच टेस्ट खेलेंगे। इस सीरीज के जरिये दोनों ही टीमों के पास अगले साल होने वाली आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बनाने का अवसर रहेगा। आस्ट्रेलिया ने पिछले साल इंग्लैंड के द ओवल में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के खिताब पर कब्जा जमाया था। लेकिन भारत ने साल 2017 से लगातार घरू और विदेश में सीरीज जीत के साथ ही बार्डर गावस्कर ट्राफी पर कब्जा बरकरार रखा है।

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पाकिस्तान से खेलेगा छोटे फार्मेट में

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले आस्ट्रेलिया एक अन्य एशियाई देश पाकिस्तान की मेजबानी करेगा। इसमें वह नवंबर में पाकिस्तान से तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगा। भारतीय महिला टीम भी पुरुष टीम के साथ ही आस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। दिसंबर में दोनों तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेंगे।

भारत और आस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का कार्यक्रम –

पहला टेस्ट- 22 से 26 नवंबर, पर्थ

दूसरा टेस्ट- 6 से 10 दिसंबर (दिन-रात), एडिलेड

तीसरा टेस्ट- 14 से 18 दिसंबर, ब्रिस्बेन

चौथा टेस्ट- 26 से 30 दिसंबर, मेलबोर्न

पांचवें टेस्ट- 3 से 7 जनवरी 2025, सिडनी

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Lok Sabha Polls 2024: महाराष्ट्र MVA में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं, आज अपने 16 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करेंगे उद्धव ठाकरे

Lok Sabha Polls 2024 सांगली और दक्षिण मध्य मुंबई सीट को लेकर शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच खींचतान हैं।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 02:52 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 02:52 PM (IST)

Lok Sabha Polls 2024: महाराष्ट्र MVA में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं, आज अपने 16 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करेंगे उद्धव ठाकरे
खबर है कि सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और शिवसेना के बीच अभी भी पेंच फंसा हुआ है, जिसको लेकर यह मीटिंग बुलाई गई थी।

HighLights

  1. उद्धव ठाकरे के निवास स्थल मातोश्री में शरद पवार के साथ लंबी बैठक हुई।
  2. जयंत पाटिल और संजय राउत भी मौजूद थे।
  3. सीट शेयरिंग पर चर्चा के लिए शरद पवार खुद मातोश्री पहुंचे थे।

एएनआई, मुंबई। अप्रैल माह में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो जाएगी और महाराष्ट्र में अभी तक शरद पवार और उद्धव ठाकरे के बीच लोकसभा सीटों को लेकर सहमति नहीं बनी है। महाराष्ट्र की बात की जाए तो यहां कुल 48 लोकसभा सीटें हैं। सोमवार को भी शरद पवार और उद्धव ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर लंबी बैठक चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। इस बीच यह भी संभावना है कि उद्धव ठाकरे आज 15-16 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकते हैं।

मातोश्री में लंबी चली बैठक

उद्धव ठाकरे के निवास स्थल मातोश्री में शरद पवार के साथ लंबी बैठक हुई, जिसमें जयंत पाटिल और संजय राउत भी मौजूद थे। सीट शेयरिंग पर चर्चा के लिए शरद पवार खुद मातोश्री पहुंचे थे। खबर है कि सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और शिवसेना के बीच अभी भी पेंच फंसा हुआ है, जिसको लेकर यह मीटिंग बुलाई गई थी। सांगली और दक्षिण मध्य मुंबई सीट को लेकर शिवसेना (UBT) और कांग्रेस के बीच खींचतान हैं। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि क्या आज उद्धव ठाकरे इन दोनों ही सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान करते हैं या नहीं।

प्रकाश आंबेडकर के कारण फंसा पेंच

महाराष्ट्र में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी के कारण पेंच फंसा हुआ है। प्रकाश आंबेडकर जहां ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संजय राउत की ओर से उन्हें 4 सीटों का प्रस्ताव दिया गया है। इस बीच राष्ट्रीय समाज पार्टी (RSP) भी MVA का साथ छोड़कर NDA में शामिल हो गई है। 22 मार्च तक राष्ट्रीय समाज पार्टी के अध्यक्ष महादेव जानकर MVA के संपर्क में थे, लेकिन 3 दिन बाद ही NDA में शामिल हो गए और उद्धव गुट और कांग्रेस की नीतियों की आलोचना करने लगे।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

Actress BJP Candidate Kangana Ranaut Vs Congress Chief Supriya Shrinate Controversy | BJP कैंडिडेट कंगना पर आपत्तिजनक पोस्ट का विवाद बढ़ा: महिला आयोग का इलेक्शन कमीशन को लेटर, लिखा- कांग्रेस नेताओं का रवैया असहनीय – Shimla Information

शिमला2 घंटे पहले

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कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के बाद गुजरात किसान कांग्रेस के नेता एचएस अहीर ने सोशल मीडिया अकाउंट से मंडी से BJP कैंडिडेट और एक्ट्रेस कंगना रनोट को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया। जिसके जवाब में कंगना ने कहा कि एक महिला को उसकी आइडियोलॉजी के हिसाब से टिकट मिला तो इसमें गलत क्या?

अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भारतीय इलेक्शन कमीशन (ECI)

Pilibhit Lok Sabha Seat: अधीर रंजन चौधरी ने वरुण गांधी को तारीफ की, कांग्रेस में शामिल होने पर पीलीभीत से टिकट संभव

Lok Sabha Chunav 2024: भाजपा ने रविवार रात 111 प्रत्याशियों की पांचवीं लिस्ट जारी की थी। इनमें वरुण गांधी का नाम शामिल नहीं है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 02:54 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 02:57 PM (IST)

Pilibhit Lok Sabha Seat: अधीर रंजन चौधरी ने वरुण गांधी को तारीफ की, कांग्रेस में शामिल होने पर पीलीभीत से टिकट संभव
अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि वरुण गांधी साफ छवि वाले नेता हैं।

HighLights

  1. भाजपा ने काटा है वरुण गांधी का टिकट
  2. अधीर रंजन चौधरी ने दिया खुला ऑफर
  3. सबसे बड़ा सवाल, क्या कांग्रेस में होंगे शामिल

एजेंसी, पीलीभीत (Lok Sabha Chunav 2024)। भाजपा ने पीलीभीत लोकसभा से अपने मौजूदा सांसद वरुण गांधी का टिकट काट दिया। पार्टी ने जितिन प्रसाद को मैदान में उतारा है।

ताजा खबर यह है कि अब कांग्रेस ने वरुण गांधी की तारीफ की है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि वरुण गांधी साफ छवि वाले नेता हैं। यदि वे कांग्रेस में शामिल होते हैं तो पीलीभीत से टिकट से इनकार नहीं है।

बता दें, भाजपा सांसद रहते वरुण गांधी ने कई बार ऐसे बयान दिए, जो पार्टी लाइन से बाहर थे। कई बार उन्होंने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाया।

— Prakash Roy (@royprakash59) March 26, 2024

बता दें, भाजपा ने रविवार रात 111 प्रत्याशियों की पांचवीं लिस्ट जारी की थी। इनमें वरुण गांधी का नाम शामिल नहीं है। वहीं उनकी मां मेनका गांधी को सुल्तानपुर से मैदान में उतारा गया।

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दूसरी ओर, पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी पर यूपी के मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, मुझे यह जिम्मेदारी देने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दूंगा। हम लोगों को पीएम नरेंद्र मोदी के दस साल के कार्यकाल का ट्रैक रिकॉर्ड दिखाएंगे।

क्या वरुण गांधी कांग्रेस में जाएंगे

अधीर रंजन चौधरी के बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या वरुण गांधी कांग्रेस में शामिल होंगे। हालांकि इसकी उम्मीद कम ही है। कहा जा रहा है कि वरुण गांधी की भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बात हो गई है। वे चुनाव नहीं लड़ने के लिए राजी हो गए हैं। वे पार्टी के आदेश का पालन करेंगे।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Bihar Lok Sabha Chunav: बिहार में लालू के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस, 1999 में भी बनी थी ऐसी स्थिति

Bihar Lok Sabha Chunav: बिहार में कांग्रेस गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ी हो या खुद के दम पर, 1999 के बाद से वह राज्‍य में अब तक अपना पुराना गौरव प्राप्त नहीं कर पाई है।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Tue, 26 Mar 2024 02:15 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 26 Mar 2024 02:15 PM (IST)

Bihar Lok Sabha Chunav: बिहार में लालू के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस, 1999 में भी बनी थी ऐसी स्थिति
बिहार में कांग्रेस ने 1998 में राजग के साथ गठबंधन किया था, इसके बाद से कांग्रेस पुराना गौरव हासिल नहीं कर पाई

HighLights

  1. बिहार में दरकता कांग्रेस का कुनबा
  2. राजग के साथ गठबंधन के बाद फिसला आधार मत
  3. राजद अपने सियासी समीकरण का कर रहे विस्‍तार

Bihar Lok Sabha Chunav विकास चन्द्र पाण्डेय, पटना। बिहार में कांग्रेस की सियासत मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। बीते कुछ दशकों में कांग्रेस लोकसभा चुनाव खुद के दम पर लड़ी हो या लालू यादव की अगुवाई वाली राजद के साथ दोनों ही स्थितियों में कांग्रेस को कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। इस चुनाव में भी कांग्रेस की राह आसान नजर नहीं आ रही है।

दरअसल, कांग्रेस ने भले ही इंडी अलायंस के साथ गठबंधन किया है, लेकिन बिहार में लालू यादव के तेवर कांग्रेस के लिए मुश्किल हालात पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की सहमति के बगैर ही वामपंथी दलों की सीटें तय कर दी है, तो वहीं राजद प्रत्याशियों को सिंबल भी बांटे जा रहे हैं। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है, जब लालू यादव खुद फैसले ले रहे हो। कांग्रेस ने जब पहली बार राजद के साथ गठबंधन किया, तब भी कांग्रेस को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।

1998 में हुआ था पहला गठबंधन

कांग्रेस ने साल 1998 में पहली बार राजद के साथ गठबंधन किया। उसके बाद 1999 में चुनाव हुए। तब बिहार-झारखंड एक थे और उस समय 54 लोकसभा सीटें हुआ करती थी। गठबंधन के चलते कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ 13 सीटें ही मिली। इनमें से 5 पर दोस्ताना मुकाबला हुआ और कांग्रेस सिर्फ दो सीटें ही जीत सकी। इसके बाद से कांग्रेस बिहार में कभी नहीं उठ पाई।

2009 में खुद के दम पर लड़ा चुनाव

कांग्रेस ने साल 2009 का चुनाव खुद के दम पर लड़ा। दरअसल, राजद ने इस चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटें ही देने का फैसला किया। इसमें सासाराम, औरंगाबाद और मधुबनी लोकसभा सीटें थी, यहां कांग्रेस के पहले से ही सांसद थे, ऐसे में कांग्रेस ने राजद से गठबंधन तोड़ दिया, लेकिन कांग्रेस सिर्फ दो सीटें ही जीत पाई और दो सीटों पर निकटम प्रतिद्वंदी रही। यहां तक की राजद भी दो सीटों पर सिमट कर रह गई।

2010 में राजद की हुई दुर्गति

साल 2010 में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए। इस बार भी दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। यहां राजद बुरी तरह पीट गई। जबकि कांग्रेस के वोट में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

2019 में सिर्फ एक सीट ने बचाई लाज

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और राजद ने फिर एक साथ आने का फैसला किया और महागठबंधन में रहकर चुनाव लड़ा। बिहार में राजद को एक भी सीट नहीं मिली, सिर्फ कांग्रेस एक ही सीट किशनगंज जीत सकी।

लालू की रणनीति में फंसी कांग्रेस

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा बताते हैं कि लालू यादव बिहार में अपनी सरकार बनाना चाहते थे, इसके लिए उन्हें कांग्रेस का साथ चाहिए था, एक बार कांग्रेस उनके पाले में आई तो लालू यादव ने उसके आधार मतों में सेंधमारी चालू कर दी और कांग्रेस को बिहार में विकल्प के तौर पर उभरने नहीं दिया। इसके लिए उन्होंने यादवों और मुसलमानों को अपनी ओर कर लिया, जबकि सवर्ण भाजपा की तरफ होते चले गए। वहीं अन्‍य जातियां राजद के साथ हो गई। लिहाजा कांग्रेस का सवर्ण और अनुसूचित जाति को मिलाकर जो जनाधार था, वह खिसकते चला गया।

यहां राजद ने मुसलमान और यादवों यानी माई के समीकरण दम पर बिहार शानदार राजनीतिक पारी खेली और अब लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव इस समीकरण का विस्‍तार कर इसे माई से बाप की ओर यानी बहुजन, अगड़ा व पिछड़ा की ओर ले जा रहे हैं। जबकि अब तक कांग्रेस अपना कोई समीकरण नहीं बना पाई और अब ये हालात है कि कांग्रेस पूरी तरह राजद पर आश्रित है।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

    पत्रकारिता क …

Tiger Shroff and Akshay Kumar Starrer Bade Miyan Chote Miyan Trailer launch | ‘बड़े मियां छोटे मियां’ ट्रेलर रिलीज: दुश्मन से लड़ने के बाद आपस में भिड़ते दिखे अक्षय-टाइगर, सोनाक्षी सिन्हा का कैमियो; ईद पर रिलीज होगी फिल्म

38 मिनट पहले

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अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ स्टारर ‘बड़े मियां छोटे मियां’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। फिल्म में दोनों एक्टर्स विलेन बने साउथ के सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन के नापाक मंसूबों से देश को बचाते नजर आएंगे।

फिल्म में अक्षय-टाइगर और पृथ्वीराज के अलावा मानुषी छिल्लर, अलाया एफ, सोनाक्षी सिन्हा और रोनित रॉय भी नजर आएंगे। पहले यह फिल्म दिसंबर 2023 में रिलीज होनी थी। अब यह ईद के मौके पर 10 अप्रैल को थिएटर्स में रिलीज होगी।

फिल्म में अक्षय और टाइगर के अलावा मानुषी और अलाया भी नजर आएंगी।

फिल्म में अक्षय और टाइगर के अलावा मानुषी और अलाया भी नजर आएंगी।

दुश्मन ने चुराया ऐसा हथियार जो ला सकता है प्रलय
साढ़े 3 मिनट के इस ट्रेलर में अक्षय और टाइगर देश को एक ऐसे दुश्मन से बचाते नजर आ रहे हैं जिसकी ना कोई पहचान और ना ही कोई चेहरा। इस दुश्मन का लक्ष्य सिर्फ बदला है और वो अपना नाम प्रलय बताता है। ट्रेलर में दिखाया है कि विलेन साइंटेस्ट कबीर (पृथ्वीराज) ने एक ऐसा हथियार चुरा लिया है जिससे पूरे देश का विनाश हो सकता है।

इस फिल्म के जरिए डायरेक्टर अली अब्बास जफर फैंस को एक्शन का जबरदस्त डोज देने वाले हैं।

इस फिल्म के जरिए डायरेक्टर अली अब्बास जफर फैंस को एक्शन का जबरदस्त डोज देने वाले हैं।

और फिर मिशन पर जुट जाते हैं अक्षय-टाइगर
अब देश को इस साइकोपैथ विलेन से बचाने और वो हथियार वापस लाने के लिए राकेश (टाइगर) और फिरोज (अक्षय) को मिशन पर लगाया जाता है। इन दोनों के किरदार आर्मी बैकग्राउंड वाले हैं और इस मिशन में दोनों की मदद करती हैं पैम (अलाया) और कैप्टन मीशा (मानुषी)। इस ट्रेलर में सोनाक्षी सिन्हा की भी झलक है। हालांकि, उनके किरदार को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।

ट्रेलर के अंत में अक्षय और टाइगर एक-दूसरे से लड़ते नजर आए।

ट्रेलर के अंत में अक्षय और टाइगर एक-दूसरे से लड़ते नजर आए।

ट्रेलर के लास्ट में फेस ऑफ करते दिखे अक्षय-टाइगर
जबरदस्त एक्शन से भरे इस ट्रेलर के अंत में अक्षय और टाइगर भी आपस में भिड़ते नजर आए। इस फिल्म को ‘सुल्तान’ और ‘टाइगर जिंदा है’ जैसी फिल्में डायरेक्ट करने वाले अली अब्बास जफर ने डायरेक्ट किया है। वहीं इसके प्रोड्यूसर जैकी भगनानी हैं।