Holi Celebration: मंदिर में दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। यहां पर परंपरा के अनुसार होली खेली गई।
By Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 25 Mar 2024 04:06 PM (IST)
Up to date Date: Mon, 25 Mar 2024 04:21 PM (IST)
HighLights
- होली के पर्व पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के साथ एक-दूसरे पर रंग डाला।
- भगवान शिव का दिन सोमवार और होली का पर्व होने से यह दिन और भी विशेष हो गया।
- श्रद्धालुओं ने होली खेलने के बाद की बलदाऊ जी की आरती।
Holi Celebration: जबलपुर। मध्य प्रदेश का एकमात्र बलदाऊ मंदिर जबलपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित है। होली के पर्व पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के साथ एक-दूसरे पर रंग डाला। पंडित राजेंद्र गुजराती ने बताया कि सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दिन के साथ होली के पर्व आने पर यह दिन और भी विशेष हो गया।
मंदिर में दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। यहां पर परंपरा के अनुसार होली खेली गई। सभी भक्तों ने फूलों और गुलाल से होली खेली और एक दूसरे के चेहरे पर खुशी का रंग लगाया। होली खेलने के बाद बलदाऊ जी की आरती की हुई।
संवेदनशील क्षेत्रों में घूमे एसपी, दो हजार से ज्यादा जवान तैनात
होली पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। नौ थाना क्षेत्रों में संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि होली का पर्व आपसी भाईचारा व खुशियों का है। इसमें विघ्न डालने की कोशिश करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाए।
उन्होंने बताया कि होली पर शांति व सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। साथ ही बंगाल की एसएसबी की 53 वीं बटालियन की एक कंपनी के 75 अधिकारियों व जवानों को रिजर्व रखा गया है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की जा रही है। शहर में 22 ब्रीथ एनालाइजर चेक पाइंट बनाए गए।
रंग गुलालों के बीच में निकली नर्मदा पंचकोसी परिक्रमा
हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से प्रतेयक माह की पूर्णिमा को निकाली जाने वाली नर्मदा पंचकोशी परिक्रमा फागुन पूर्णिमा पर संकीर्तन के साथ 428 वी परिक्रमा 9 चरणों में निकली रंग गुलाल खेलते हुए संकीर्तन करते हुए राधा रानी हर हर महादेव के जय कारे करते हुए बड़े उत्साह से भक्त सुबह से ही छोटे छोटे जत्थों में परिक्रमा कर रहे थे।
परिक्रमा हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट से पंचवटी 64 योगनी धुआंधार होते हुए लामेटाघाट नाव पार करके शनि मंदिर इमलिया न्यू भेड़ाघाट होते हुए सरस्वती घाट से नाव पार कर हरे कृष्णा आश्रम में विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ । हरे कृष्णा आश्रम के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज ने सभी भक्तों को बद्रीनाथ धाम से पूजित गोमती चक्र प्रसाद स्वरूप भेंट किया ।






