Fireplace in Mahakal Temple: सामने आया वीडियो, देखिए महाकाल मंदिर में भस्मारती के दौरान गुलाल डालने के दौरान कैसे लगी आग
घटना के बाद सभी झुलसे लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि डाॅक्टर मौके पर नहीं थे। डाॅक्टरों के देरी से आने पर पुजारी नाराज हुए।
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Mon, 25 Mar 2024 08:24 AM (IST)
Up to date Date: Mon, 25 Mar 2024 08:40 AM (IST)

HighLights
- भस्म आरती के दौरान गुलाल उड़ाते समय हादसा
- चार पुजारियों को उपचार के लिए इंदौर भेजा
- कलेक्टर ने दिए घटना की जांच के आदेश
उज्जैन। महाकाल मंदिर में आरती के दौरान भभकी आग में गंभीर रूप से झुलसे चार पुजारियों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है। घटना के बाद उज्जैन जिला अस्पताल में डॉक्टर विलंब से पहुंचे। इससे लोगों में नाराजगी देखी गई। मंदिर में आग से पुजारियों और सेवकों सहित 13 लोग झुलस गए।
हादसे के बाद महाकाल मंदिर में अफरातफरी के हालात निर्मित हो गए थे। उल्लेखनीय है कि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार सुबह भस्म आरती के दौरान आग भभक गई। सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से चार लोगों को इंदौर रेफर किया गया है। कलेक्टर नीरज सिंह के अनुसार सभी की हालत खतरे से बाहर है।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh | 13 individuals injured in a fireplace that broke out within the ‘garbhagriha’ of Mahakal Temple throughout bhasma aarti at this time. Holi celebrations had been underway right here when the incident occurred. The injured have been admitted to District Hospital.
(Earlier visuals… pic.twitter.com/cIUSlRirwo
— ANI (@ANI) March 25, 2024
उड़ाया जा रहा था गुलाल और भभकी आग
महाकाल मंदिर में रोज की तरह सोमवार तड़के भस्म आरती हो रही थी। होली के कारण श्रृंगार के बाद गर्भगृह और उसके ठीक बाहर गुलाल उड़ाया जा रहा था। इस दौरान आग भभकी। बताया जा रहा है कि गुलाल में केमिकल होने के कारण आग लगी। गर्भगृह की दीवार को गुलाल से बचाने के लिए फ्लैक्स भी लगाए गए थे। इसमें भी आग लगी। अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाया गया। घटना में सत्यनारायण, चिंतामन, रमेश, अंश, शुभम, विकास, महेश, मनोज, संजय, आनंद, सोनू और राजकुमार नाम के पुजारी और सेवक झुलसे हैं।
डाॅक्टरों के देरी से पहुंचने पर पुजारी नाराज
घटना के बाद सभी झुलसे लोगों को जिला अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि डाॅक्टर मौके पर नहीं थे। डाॅक्टरों के देरी से आने पर पुजारी नाराज हुए। ताबड़तोड़ अधिकारियों को फोन किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर नीरज सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे। बाद में चार पुजारियों को इंदौर अरबिंदो अस्पताल रैफर किया गया।
कमेटी करेगी जांच
कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि सभी झुलसे लोगों का बेहतर उपचार किया जा रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है। आग कैसे लगी, इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई है।


