Raipur: कार को बचाने अचानक मारी ब्रेक, केबिन में फंसा ट्रक ड्राइवर, तीन घंटे रेस्क्यू के बाद पुलिस ने सुरक्षित निकाला

Raipur Highway Accident: राजधानी रायपुर के वीआइपी चौक पर देर रात कार को बचाते हुए एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क हादसे का शिकार हो गया। सड़क हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 09:39 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 09:45 AM (IST)

Raipur: कार को बचाने अचानक मारी ब्रेक, केबिन में फंसा ट्रक ड्राइवर, तीन घंटे रेस्क्यू के बाद पुलिस ने सुरक्षित निकाला

रायपुर। Raipur Highway Accident: राजधानी रायपुर के वीआइपी चौक पर देर रात कार को बचाते हुए एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क हादसे का शिकार हो गया। सड़क हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना पर मौके पर फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम के साथ पहुंची तेलीबांधा थाना पुलिस ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कटर से ट्रक का केबिन काटकर ड्राइवर को बाहर निकाला।

दरअसल, घटना तेलीबांधा थाना इलाके का है। जानकारी के अनुसार जमशेदपुर से भारी लोहे की सरिया लेकर एक ट्रक रायपुर होते हुए पूना जा रहा था। शनिवार की रात वीआइपी चौक पर ट्रक के सामने एक कार आ गई, जिसे बचाते हुए ट्रक ड्राइवर ने अचानक ब्रेक मार दी। इससे ट्रक में रखा सरिया केबिन में घुस गया और ड्राइवर उदयगिरी केबिन में बुरी तरह फंस गया।naidunia_image

ड्राइवर ने खुद को बाहर निकालने के लिए लोगों से मदद मांगी। राहगीरों ने ड्राइवर को केबिन में बुरी तरह फंसा देख तेलीबांधा थाना की पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर तेलीबांधा थाना की पुलिस फायर ब्रिगेड समेत मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंची।

पुलिस टीम ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कटर से ट्रक का केबिन काटकर ड्राइवर को बाहर निकाला। पुलिस टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर ट्रक ड्राइवर को सकुशल बाहर निकाला और उसकी जान बचाई।

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    वर्ष 2007 में दिल्‍ली की भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में पोस्‍ट ग्रैजुएट डिप्‍लोमा किया है। अध्‍ययन के बाद मैंने दिल्‍ली में अलग-अलग संस्‍थानाें में दो वर्ष सेवा दी। इसके बाद मैंने हिंदुस्‍तान न्‍यूजपेपर मे

Holi 2024: होली पर बाजार में बरसेंगे 300 करोड़, सबसे ज्यादा मार्केट में मोदी मुखौटे के साथ इन चीजों की बढ़ी डिमांड

Holi Market in Raipur: रंगों के त्योहार होली के रंग में पूरा बाजार डूब गया है। बाजार में मोदी की फोटोवाली पिचकारी, मुखौटा और टीशर्ट भी मौजूद है। इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 08:47 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 08:47 AM (IST)

Holi 2024: होली पर बाजार में बरसेंगे 300 करोड़, सबसे ज्यादा मार्केट में मोदी मुखौटे के साथ इन चीजों की बढ़ी डिमांड

HighLights

  1. – रंगों के त्योहार होली के रंग में रायपुर का पूरा बाजार डूब गया
  2. – रंग-गुलाल से लेकर मिष्‍ठान भंडारों में ग्राहकों की उमड़ी भीड़
  3. – मशीनगन पिचकारी के साथ मोदी मुखौटे की बढ़ी डिमांड

रायपुर। Holi Market in Raipur: रंगों के त्योहार होली के रंग में पूरा बाजार डूब गया है। गोलबाजार, मालवीय रोड, कटोरातालाब, आमापारा, टिकरापारा, संतोषीनगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगे पिचकारियों और रंग-गुलाल के संस्थानों में खरीदारों की भीड़ बढ़ती जा रही है। रविवार को ही होलिका दहन होने के कारण शनिवार दोपहर से ही बाजार में भीड़ लगी रही।

इसके साथ ही मिष्ठान भंडारों में भी उपभोक्ताओं की रौनक देखी जा सकती है। होली बाजार में इस वर्ष खास बात यह है कि चाइना कारोबार पूरी तरह से धड़ाम हो गया है और देशी कंपनियों की ही पिचकारियां और हर्बल रंग-गुलाल उपलब्ध हैं। उपभोक्ता भी इन्हें काफी पसंद कर रहे है। कारोबारियों के अनुसार प्रदेशभर में करीब 300 करोड़ से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद है।naidunia_image

नमकीन के दाम बढ़े

पिछले वर्ष की तुलना में नमकीन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 में होली की तुलना में इस वर्ष होली में नमकीन 20 प्रतिशत महंगी हो गई है। पिछले वर्ष 50 रुपये पैकेट में बिकने वाली नमकीन इस वर्ष 60 रुपये पैकेट में बेचे जा रहे हैं। साथ ही मिष्ठानों की कीमतों में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस वर्ष होली में भी स्पेशल रूप से गिफ्ट पैकेट आए हुए हैं, जिनकी बिक्री काफी हो रही है।

मशीन गन पिचकारी के साथ मोदी मुखौटे की बढ़ी मांग

बाजार में मशीन गन, टैंक वाली पिचकारियों के साथ ही बच्चों के लिए विशेष रूप से कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां भी आई हुई है। बाजार में मोदी की फोटोवाली पिचकारी, मुखौटा और टीशर्ट भी मौजूद है। इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। 50 रुपये से लेकर 900 रुपये तक पिचकारियां उपलब्ध हैं। इसके साथ ही बाजार में हर्बल गुलाल और रंग भी आए हैं। गुलाल 10 रुपये पैकेट से लेकर 70 रुपये पैकेट में उपलब्ध है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष होली पर काफी ज्यादा कारोबार की उम्मीद है।

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‘Panchayat’ fame Actor Jitendra Kumar aka Jeetu narrated his past love story | ‘पंचायत’ फेम जीतू भैया ने सुनाई अपनी पहली लव स्टोरी: बोले- टीचर ने एक लड़की को डांट दिया तो मुझे उससे प्यार हो गया

22 मिनट पहले

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‘पंचायत’ और ‘कोटा फैक्ट्री’ जैसी वेब सीरीज में नजर आए एक्टर जीतेंद्र कुमार ने एक इंटरव्यू में अपनी पहली लव स्टोरी पर बात की। जीतू ने बताया कि वो छोटे शहर से आते हैं और वहां लोगों को अजीब तरीके से प्यार हो जाता है।

उन्होंने बताया कि उनको एक लड़की पर सिर्फ इसलिए क्रश हो गया क्योंकि टीचर में उसे बुरी तरह से डांट दिया था। एक दो दिनों बाद वो क्रश प्यार बन गया।

बतौर लीड एक्टर जीतेंद्र की पहली फिल्म 2019 में रिलीज हुई 'गॉन केश' थी।

बतौर लीड एक्टर जीतेंद्र की पहली फिल्म 2019 में रिलीज हुई ‘गॉन केश’ थी।

मैं उसे लाइफटाइम लव की तरह देखता था: जीतेंद्र
यूट्यूबर राज शमानी को दिए एक इंटरव्यू में जीतेंद्र ने कहा, ‘मुझे एक लड़की से बड़े ही अजीब रीजन से प्यार हो गया था। एक दिन वो क्लास में लेट आई तो टीचर ने उसे ज्यादा बुरी तरह डांट दिया। उसकी कुछ ज्यादा ही बेज्जती हो गई। मैं उस वक्त टॉपर था, तो मुझे लगा कि शायद उसकी जगह मैं होता तो मेरी इतनी डांट नहीं पड़ती।

एक-दो दिन बाद वो लड़की क्रश बन गई और मुझे प्यार हो गया। वो क्रश काफी वक्त तक रहा और मैं उसे अलग ही नजरों से देखता था कि यह मेरा लाइफटाइम लव है।’

2019 में रिलीज हुई वेब सीरीज 'कोटा फैक्ट्री' में जीतू भैया का रोल प्ले करके जीतेंद्र ने घर-घर में पहचान बनाई।

2019 में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘कोटा फैक्ट्री’ में जीतू भैया का रोल प्ले करके जीतेंद्र ने घर-घर में पहचान बनाई।

एक्टर बोले- ‘छोटे शहरों में ऐसे ही प्यार हो जाता है’
जीतेंद्र ने आगे कहा, ‘छोटे शहरों में आपको किसी से प्यार करने के और किसी पर क्रश होने के आपको इसी तरह के अजीब रीजन मिलेंगे। जहां को-एड स्कूल कम होंगे और जहां लड़के और लड़कियों को अलग-अलग सेक्शन में रखा जाएगा। अगर आप इस तरह के माहौल में पले-बढ़े हैं तो आपको ऐसे की कारणों से प्यार हो जाता है।’

2020 में रिलीज हुई आयुष्मान खुराना स्टारर 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' जीतेंद्र की पहली थिएट्रिकल रिलीज फिल्म थी।

2020 में रिलीज हुई आयुष्मान खुराना स्टारर ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ जीतेंद्र की पहली थिएट्रिकल रिलीज फिल्म थी।

‘एक लड़की को रोता देख दोस्त को हो गया था प्यार’
जीतू ने इस मौके पर आईआईटी खड़गपुर के अपने एक दोस्त का किस्सा भी शेयर किया। एक्टर ने कहा- ‘हम एक बार ट्रेन से जयपुर से कोलकाता जा रहे थे। हमारे 12 दोस्तों के ग्रुप में एक लड़की भी थी जिसको दिवाली ब्रेक के बाद नया लैपटॉप मिला था।

हम सभी उसके लिए बहुत खुश थे पर अगली सुबह उसका लैपटॉप चोरी हो गया। वो लड़की रो रही थी और मेरे दोस्त को उससे प्यार हो गया। आज तक प्यार है उसको उस लड़की से, वो कभी मूव ऑन ही नहीं कर पाया।’

वेब सीरीज 'पंचायत' का पहला सीजन 2020 में रिलीज हुआ था। इसमें जीतेंद्र, अभिषेक त्रिपाठी नाम का किरदार निभाते हैं।

वेब सीरीज ‘पंचायत’ का पहला सीजन 2020 में रिलीज हुआ था। इसमें जीतेंद्र, अभिषेक त्रिपाठी नाम का किरदार निभाते हैं।

वर्कफ्रंट पर जीतेंद्र जल्द ही वेब सीरीज ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में नजर आएंगे। यह प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसके अलावा वो ‘कोटा फैक्ट्री’ के अगले सीजन में भी नजर आएंगे।

Delhi LIVE: पीएम मोदी के खिलाफ हमलावर AAP, वहीं BJP का केजरीवाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ होलिका दहन आज

AAP vs BJP on Arvind Kejriwal: भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने खुद को कट्टर ईमानदार बताते हुए दिल्ली और देश की जनता को धोखा दिया है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 08:02 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 08:02 AM (IST)

Delhi LIVE: पीएम मोदी के खिलाफ हमलावर AAP, वहीं BJP का केजरीवाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ होलिका दहन आज
भगवंत मान ने कहा है कि हम कोर्ट से अनुमति मांगेंगे कि केजरीवाल को जेल से ही सरकार चलाने की अनुमति दी जाए।

HighLights

  1. दिल्ली शराब नीति कांड में हुई है केजरीवाल की गिरफ्तारी
  2. हाई कोर्ट से भी नहीं राहत, होली बाद ही होगी सुनवाई
  3. ईडी के नो समन की अनदेखी के बाद हुई कार्रवाई

एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति कांड में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से हंगामा जारी है। इस बीच, रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी बनाम भाजपा का विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

आम आदमी पार्टी ने रविवार को पुतला दहन का कार्यक्रम रखा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने की कोशिश की जाएगी। बता दें, पूरे घटनाक्रम के बाद पीएम मोदी आप कार्यकर्ताओं के निशाने पर हैं।

केजरीवाल के भ्रष्टाचार का होलिका दहन

वहीं दिल्ली के भाजपा कार्यकर्ता भी आज सड़कों पर होंगे और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार का होलिका दहन करेंगे। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने खुद को कट्टर ईमानदार बताते हुए दिल्ली और देश की जनता को धोखा दिया है।naidunia_image

जेल में मुख्यमंत्री कार्यालय खोलने की अनुमति मांगेंगे: भगवंत मान

इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे और जेल में रहते हुए काम करेंगे।

बकौल भगवंत मान, हम कोर्ट से अनुमति मांगेंगे कि केजरीवाल को जेल से ही सरकार चलाने की अनुमति दी जाए। कहीं संविधान में नहीं लिखा है कि जेल में रहते हुए काम नहीं किया जा सकता है।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Loksabha Election 2024: ग्‍वालियर-चंबल अंचल की चार में से तीन लोकसभा सीटों पर अभी कांग्रेस उम्‍मीदवार का इंतजार

ग्वालियर-चंबल अंचल में लगभग चार माह पूर्व हुये विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने भाजपा को बराबर से टक्कर दी थी।लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर होने के कारण ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस मात खा रही है।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 07:30 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 07:30 AM (IST)

Loksabha Election 2024: ग्‍वालियर-चंबल अंचल की चार में से तीन लोकसभा सीटों पर अभी कांग्रेस उम्‍मीदवार का इंतजार

HighLights

  1. कांग्रेस में अभी इंतजार, भाजपा उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार शुरू किया
  2. अंचल की चारों सीटों पर भाजपा का पहले से परचम लहरा रहा है।
  3. भाजपा ने एक पखवाड़े पूर्व ही अंचल की चारों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कांग्रेस की लोकसभा उम्मीदवार की सूची का कांग्रेसियों ने सुबह से लेकर रात तक इंतजार किया।अंचल की चार में से तीन लोकसभा सीटों पर कांग्रेस अब तक उम्मीदवार अब तक घोषित नहीं कर पाई है। जबकि लोकसभा की यह तीनों सीटें महत्वपूर्ण हैं।

अंचल की चारों सीटों पर भाजपा का पहले से परचम लहरा रहा है। कांग्रेस ने पहली सूची में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भिंड लोकसभा सीट से फूल सिंह बरैया को प्रत्याशी घोषित किया है। दूसरी तरफ भाजपा ने एक पखवाड़े पूर्व ही अंचल की चारों सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी।

भाजपा उम्मीदवार कार्यकर्ताओं व क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं से मेल-मुलाकात के बाद चुनाव-प्रचार के लिए मैदान में उतर गये हैं। भाजपा में बैठकों का दौर भी चल रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेस खेमे में उम्मीदवारी घोषित नहीं होने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। संगठन स्तर पर भी लोकसभा चुनाव की कोई तैयारी जमीन पर नजर नहीं आ रहीं हैं। जिसके कारण भाजपा ने चुनाव प्रचार के पहले चरण में ही कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया है।

संगठनात्मक रूप से भाजपा के मुकाबले कांग्रेस पहले से कमजोर है। कांग्रेस में पार्टी के स्थान पर उम्मीदवार चुनाव लड़ता है। यह बात कांग्रेसी भी स्वीकार करते हैं। जबकि भाजपा में उम्मीदवार का चेहरा दिखाने के लिए होता है। चुनाव भाजपा कार्यकर्ता व संगठन लड़ता है। संगठनात्मक कमजोरी जग जाहिर होने के बाद भी कांग्रेस अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर पा रही है। वर्तमान राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस का टिकट लोकसभा चुनाव में जीत की गारंटी नहीं होने के कारण दावेदार भी गिनती के हैं। इसके बाद भी मंथन के नाम पर टाइम पास किया जा रहा है।

उम्मीद की जा रही थी अंचल के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची शनिवार की रात तक घोषित हो जायेगी।कांग्रेसी की नजरें दिल्ली व भोपाल कांग्रेस मुख्यालय पर टिकी रहीं। कांग्रेसियों का कहना है कि अब सूची होलिका दहन के साथ होलिकाष्टा समाप्त होने के बाद कांग्रेस ग्वालियर, मुरैना व गुना संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवारी घोषित करेगी।

तीनों लोकसभा सीटें महत्वपूर्ण

ग्वालियर-चंबल अंचल में लगभग चार माह पूर्व हुये विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने भाजपा को बराबर से टक्कर दी थी।लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर होने के कारण ग्वालियर-चंबल अंचल में कांग्रेस मात खा रही है। भाजपा ने गुना सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उम्मीदवारी घोषित की है।

सिंधिया ने लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार शुरु कर दी है। मुरैना से शिवमंगल सिंह तोमर व ग्वालियर से भारत सिंंह कुशवाह ने भी ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में अपना चुनाव प्रचार शुरु कर दिया है। कांग्रेस अभी उम्मीदवारी की गणित में ही उलझी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि जिन नेताओं को चुनाव लड़ना हैं, उन्हें पार्टी हाइकमान ने चुनाव की तैयारी करने के संकेत दे दिये हैं।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Sooraj Barjatya just isn’t doing a movie with Salman | सूरज बड़जात्या, सलमान के साथ फिल्म नहीं बना रहे हैं: फिल्म मेकर अपने बेटे अवनीश के करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं

12 मिनट पहले

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खबरों की मानें तो डायरेक्टर सूरज बड़जात्या सुपरस्टार सलमान खान के साथ फिल्म ‘प्रेम की शादी’ बनाने वाले थे। लेकिन अब सुनने में आ रहा है कि इस प्रोजेक्ट को बीच में ही रोक दिया गया है, क्योंकि सलमान खान और डायरेक्टर के बीच विभिन्न पहलुओं पर असहमति थी।

कई हिट फिल्में देने के बावजूद, सलमान-सूरज की जोड़ी साथ काम नहीं कर रही है
हाल ही में टाइम्स नाउ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान और सूरज बड़जात्या अभी किसी भी प्रोजेक्ट पर साथ काम नहीं कर रहे हैं। फिल्म मेकर अभी किसी भी फिल्म का डायरेक्शन नहीं करेंगे। सूरज बड़जात्या इस समय अपने बेटे अवनीश बड़जात्या के करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

अवनीश ने पिछले साल ‘दोनों’ फिल्म से बतौर डायरेक्टर अपना डेब्यू किया था। लेकिन दुर्भाग्य से ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। अवनीश की पहली फिल्म ना चलने की वजह से सूरज बड़जात्या काफी आहत हुए हैं। इसलिए अब उन्होंने ये सुनिश्चित करने की ठान ली है कि बेटे का करियर रफ्तार पकड़े। सूरज फिलहाल अवनीश की अगली फिल्म की प्लानिंग में व्यस्त हैं।

अवनीश बड़जात्या की फिल्म में नजर आ सकते हैं सलमान खान
अवनीश बड़जात्या की अगली फिल्म में सलमान खान के होने की संभावना के बारे में बात करते हुए, सूत्रों ने बताया कि फिल्म में सुपरस्टार के होने की संभावना है। लेकिन सुपरस्टार फुल रोल नहीं बल्कि कैमियो करते नजर आ सकते हैं।

सलमान खान के आने वाले प्रोजेक्ट्स
सलमान खान एआर मुरुगादॉस की एक्शन एंटरटेनर फिल्म में दिखाई देंगे। ये फिल्म ईद 2025 के मौके पर रिलीज की जाएगी। एआर मुरुगादॉस के अनुसार, फिल्म में सलमान का पहले कभी न देखा गया अवतार नजर आएगा। ये एक पैन इंडिया फिल्म होगी। फिल्म में हाई इंटेंसिटी एक्शन के अलावा इमोशनल ड्रामा भी दिखाया जाएगा।

सलमान खान ‘शेरशाह’ के डायरेक्टर विष्णुवर्धन के साथ ‘द बुल’ नाम की बहुचर्चित एक्शन थ्रिलर पर भी काम कर रहे हैं। इस फिल्म को करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित किया जा रहा है। बता दें, साल 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के बाद अब सलमान और करण की जोड़ी एक बार फिर साथ काम करती नजर आएगी।

सलमान खान भाई सोहेल खान के साथ ‘शेर खान’ प्रोजेक्ट पर भी काम कर सकते हैं। इस प्रोजेक्ट की अनाउंसमेंट साल 2012 में हुई थी, लेकिन फिर ये प्रोजेक्ट रुक गया था। सलमान खान ‘टाइगर बनाम पठान’ में भी दिखाई देंगे। यह फिल्म यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की सबसे रोमांचक आगामी परियोजनाओं में से एक है।

Climate of MP: होली तक प्रदेश का मौसम रहेगा शुष्क, 26 मार्च से इन इलाकों में छा सकते हैं बादल

MP Climate Information Right this moment 26 मार्च को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलने से कुछ नमी आने के कारण बादल छा सकते हैं। फिलहाल मौसम शुष्क बना रहने और तापमान में कुछ और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 10:34 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 06:57 AM (IST)

Weather of MP: होली तक प्रदेश का मौसम रहेगा शुष्क, 26 मार्च से इन इलाकों में छा सकते हैं बादल
तपिश और बढ़ी, रतलाम में पारा 39 डिग्री पर

HighLights

  1. तपिश और बढ़ी, रतलाम में पारा 39 डिग्री पर
  2. मौसम शुष्क रहने से धूप में चुभन बढ़ी
  3. 26 मार्च से इन इलाकों में छा सकते हैं बादल

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। हवाओं का रुख भी दक्षिणी बना हुआ है। इस वजह से प्रदेश के सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। इसी क्रम में शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रतलाम में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अलगे दो दिन में प्रदेश में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

वातावरण शुष्क

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर भारत के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है। वर्तमान में विदर्भ से लेकर केरल तक एक द्रोणिका बनी हुई है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर विशेष असर नहीं पड़ रहा है। हवाओं के साथ नमी नहीं आने की वजह से वातावरण शुष्क बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी मिलने का सिलसिला थम जाने से पूरे प्रदेश में मौसम साफ हो गया है। हवाओं का रुख कभी दक्षिण-पूर्वी तो कभी पश्चिमी हो रहा है। इस वजह से तापमान लगातार बढ़ने लगा है। मौसम का इस तरह का मिजाज दो दिन तक बना रह सकता है।

26 मार्च को छा सकते हैं बादल

उधर, 26 मार्च को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से हवाओं का रुख बदलने से कुछ नमी आने के कारण बादल छा सकते हैं। इस वजह से तापमान में कुछ गिरावट भी हो सकती है। फिलहाल मौसम शुष्क बना रहने और तापमान में कुछ और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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    पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क और ग्राउंड पर 4 सालों से काम कर रहे हैं। अगस्त 2023 से नईदुनिया की डिजिटल टीम में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। इससे पहले ETV Bharat में एक साल कार्य किया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश, मध्

Datia Information: वन क्षेत्र से मिट्टी खोदकर ले जा रहे लोगों ने वनरक्षक को पीटा

आरोपितों के साथ आई महिला ने वनरक्षक की चप्पलों से मारपीट कर दी। साथ ही फावड़ा मारकर उसे चोट पहुंचाई।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 06:18 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 06:20 AM (IST)

Datia News:  वन क्षेत्र से मिट्टी खोदकर ले जा रहे लोगों ने वनरक्षक को पीटा

HighLights

  1. विधायक से बातचीत का ओडियो प्रसारित होने पर मामला गरमाया
  2. सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहना के हनुमान मंदिर के पास का मामला
  3. जंगल से मिट्टी खोदकर ले जा रहे लोगों को रोकने पर उन्होंने वनरक्षक की मारपीट कर दी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया । सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहना के हनुमान मंदिर के पास नहर के निकट जंगल से मिट्टी खोदकर ले जा रहे लोगों को रोकने पर उन्होंने वनरक्षक की मारपीट कर दी।

इस संबंध में वनरक्षक अखिल गोस्वामी पुत्र विपिन गोस्वामी निवासी दांतरे की नरिया आसो माई की गली ने सिविल लाइन थाने में शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की रिपोर्ट अज्ञात चार लोगों पर दर्ज कराई है। जिसमें उल्लेख है कि वनक्षेत्र की भूता जंगल स्थित जमीन से कुछ लोग लोडिंग वाहन से मिट्टी खोदकर अवैध रूप से ले जा रहे थे।

जिनमें एक महिला और तीन पुरुष शामिल थे। उक्त लोगों को जब वनरक्षक ने रोका तो आरोपित उससे अभद्रता पर उतर आए। इस दौरान आरोपितों के साथ आई महिला ने वनरक्षक की चप्पलों से मारपीट कर दी। साथ ही फावड़ा मारकर उसे चोट पहुंचाई।

यह पूरा मामले शनिवार को उस समय गरमा गया जब वनरक्षक अखिल गोस्वामी और दतिया विधायक राजेंद्र भारती के बीच हुई बातचीत का एक ओडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। बताया जाता है कि ओडियो में दतिया विधायक, वनरक्षक से पूछ रहे हैं कि बच्चों से मारपीट क्यों करते हो।

इस बात पर वनरक्षक का कहना था कि उक्त लोग वन क्षेत्र से मिट्टी खोदकर ले जा रहे थे जब उन्हें रोका तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और उसे चोट पहुंचाई। वनरक्षक ने कहाकि उक्त लोग विधायक के नाम की धौंस भी दे रहे थे। मारपीट का शिकार हुआ वनरक्षक अखिल गोस्वामी दतिया के भाजपा नेता का पुत्र बताया जाता है।

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    प्रिंट मीडिया में कार्य का 33 वर्ष का अनुभव। डिजिटल मीडिया में पिछले 9 वर्ष से कार्यरत। पूर्व में नवभारत इंदौर और दैनिक जागरण इंदौर में खेल संपादक और नईदुनिया इंदौर में संपादकीय विभाग में अहम जिम्‍मेदारियों का

Pooja Bhatt spoke on nepotism | पूजा भट्ट ने ट्रोलर्स को दिया जवाब: बोलीं- वो गाली देखर अटेंशन पाना चाहते हैं, नेपोटिज्म पर कहा- मेरे साथ 8 नई लड़िकयों ने काम किया

मुंबई12 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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पूजा भट्ट हाल ही में अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘बिग गर्ल्स डोंट क्राई’ में नजर आई हैं। सीरीज में पूजा भट्ट बोर्डिंग स्कूल की प्रिंसिपल का किरदार निभाती दिखाई दी हैं। इसी बीच पूजा भट्ट ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग करने वालों को भी जवाब दिया है। उनका कहना है कि कुछ लोग अटेंशन के भूखे हैं। यही वजह है कि वो गलत तरह के कमेंट करके लोगों का अटेंशन पाना चाहते हैं। इसके अलावा पूजा ने नेपोटिज्म जैसे बड़े मुद्दे पर भी खुलकर बात की है।

1999 में बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवॉर्ड में पूजा को फिल्म जख्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था।

1999 में बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवॉर्ड में पूजा को फिल्म जख्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था।

नेपोटिज्म पर बोलीं पूजा भट्ट

पूजा इंडस्ट्री में नेपोटिज्म शब्द सुन-सुनकर थक चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मेरी इसी सीरीज में एक नहीं बल्कि 8 नई लड़कियों को ब्रेक मिला है। वो सभी लड़कियां अलग-अलग जगह और कल्चर से हैं। इसमें नेपोटिज्म कहां है? अपने पिता महेश भट्ट की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वो हमेशा से नए लोगों को मौका देते आए हैं। इसलिए मेरी फैमिली पर नेपोटिज्म को लेकर कोई उंगली नहीं उठा सकता है।

पूजा भट्ट महेश भट्ट और पहली पत्नी किरण भट्ट की बेटी हैं।

पूजा भट्ट महेश भट्ट और पहली पत्नी किरण भट्ट की बेटी हैं।

पूजा ने कहा मुझे स्टार मेरे पिता ने नहीं, दर्शकों ने बनाया है। उनका मानना है कि अगर मैं आज भी काम कर रही हूं तो दर्शकों की वजह से ही कर रही हूं। ये दर्शकों का प्यार है कि मुझे 52 साल की उम्र में भी काम मिल रहा है।

पूजा ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म 'आशिकी' उनके माता-पिता की लव स्टोरी पर बेस्ड है।

पूजा ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म ‘आशिकी’ उनके माता-पिता की लव स्टोरी पर बेस्ड है।

इंडस्ट्री के लोगों के लिए उनका कहना है कि अगर आप क्रिटिसिज्म एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे हैं, तो तारीफ भी एक्सेप्ट ना करें। क्रिटिसिज्म हो या तारीफ पूजा हर चीज के लिए खुद को तैयार रखती हैं।

उन्होंने कहा- हर किसी की लाइफ में कुछ मोरल एथिक्स होने चाहिए। अपनी बात रखने की ताकत होनी चाहिए। मेरे लिए भट्ट साहब (पिता महेश भट्ट) सबसे बढ़कर हैं, लेकिन अगर मैं उनकी किसी बात से सहमत नहीं हूं, तो ये बात मैं उन्हें बताऊंगी। मैं उनकी हां में हां नहीं मिला सकती हूं, और भट्ट साहब इसकी रिस्पेक्ट करते हैं।

उन्होंने बताया कि हम सभी एक साथ रहते हैं, लेकिन मेरे घर में सभी को अपना ओपिनियन रखने का पूरा हक है। वहीं सोसाइटी आपको कुछ कंडीशन के साथ अपना पक्ष रखने की छूट देती है।

मां किरण, भाई राहुल और पिता महेश भट्ट के साथ पूजा।

मां किरण, भाई राहुल और पिता महेश भट्ट के साथ पूजा।

जेंडर देखकर किसी को काम नहीं देना चाहिए- पूजा भट्ट

पूजा से पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में फीमेल एक्ट्रेस और डायरेक्टर्स को मेल की तुलना में बराबर मौका मिलता है? इसपर पूजा ने कहा- मेरी लाइफ में सबसे बड़े फेमिनिस्ट मेल ही रहे हैं, तो ऐसा कहना सही नहीं होगा। कई बार पुरुष आपकी भावनाएं महिलाओं से ज्यादा समझते हैं। उनका मानना है कि जेंडर देखकर काम नहीं दिया जाना चाहिए। काम उसी को मिलना चाहिए, जो उसका सही हकदार हो।

पूजा को ये देखकर खुशी होती है कि आज के जमाने में सेट पर बहुत सी महिलाएं मौजूद होती हैं। उन्होंने कहा- मेरे जमाने में सेट पर मुश्किल से 3 या 4 महिलाएं ही होती थीं। उस समय सेट पर 99% पुरुष ही होते थे। पूजा ने कहा कि भले ही सेट पर इतने पुरुष होते थे। लेकिन उन्होंने कभी भी पूजा को अनकंफर्टेबल महसूस नहीं कराया।

ट्रोलिंग करने वालों को पूजा ने जवाब दिया

सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर पूजा भट्ट ने कहा कि ये बहुत कॉमन हो गया है। उन्होंने कहा- ये पता चल जाता है कि कौन जानबूझकर ट्रोल करने की कोशिश कर रहा है। कई बार 100 में 99 अच्छे कमेंट आते हैं। लेकिन कुछ लोग हैं जिन्होंने अपना मन बना लिया है कि आप जितना मर्जी अच्छा कर लें। वो वहीं कमेंट करेंगे जो उन्होंने पहले से सोचा है।

पूजा ने कहा- ट्रोलिंग अक्सर वही लोग करते हैं, जिनको अपनी खुद की जिंदगी में अटेंशन नहीं मिलता है। वो लोग अटेंशन पाने के लिए ऐसा करते हैं। शायद ये करके वो फेम पाना चाहते हैं। लेकिन मैं यहां किसी को फ्यूल देने के लिए नहीं हूं। आपको जैसे ट्रोलिंग करनी है कीजिए। ये आपकी असलियत दिखाता है, मेरी नहीं।

1991 के फिल्मफेयर अवॉर्ड में पूजा भट्ट को फिल्म डैडी के लिए बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड मिला था।

1991 के फिल्मफेयर अवॉर्ड में पूजा भट्ट को फिल्म डैडी के लिए बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड मिला था।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूजा ने कहा कि लोग सोशल मीडिया का मिसयूज कर रहे हैं। ए्क्ट्रेस का कहना हैं कि अगर आपको किसी की एक्टिंग या काम नहीं पसंद आया है, तो आप उसी मुद्दे पर कमेंट करिए। पूजा का मानना है कि वो गंदे शब्द इसलिए करते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि उसपर सभी का ध्यान जाएगा। आखिर में उन्होंने कहा कि दुनिया में लोगों के पास बहुत सी समस्याएं हैं। सोशल मीडिया यूज कीजिए लेकिन दूसरे लोगों के साथ भी अच्छे से पेश आइए।

बोर्डिंग स्कूल में पढ़ना चाहती थीं पूजा भट्ट

अपने किरदार के बारे में बात करते हुए पूजा ने बताया कि वो हमेशा से बोर्डिंग स्कूल जाना चाहती थीं। उनका सपना था कि वो हॉस्टल लाइफ का अनुभव लें। उन्हें पहले कभी मौका नहीं मिला कि वो इसे एक्सपीरियंस कर सकें। लेकिन अब, उन्होंने इस सीरीज में प्रिंसिपल का किरदार निभाकर हॉस्टल लाइफ को महसूस किया है।

पूजा ने फिल्म डैडी (1989) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।

पूजा ने फिल्म डैडी (1989) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था।

पूजा का मिजाज बचपन से ही शरारती रहा है। उन्होंने बताया कि वो जिस स्कूल मे पढ़ती थीं। वहां सभी बच्चों को एक जैसा ट्रीट किया जाता था। कौन किसका बेटा या बेटी है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। लेकिन वो काफी शरारती थीं इसलिए उनका ज्यादा समय कॉरिडोर में पनिशमेंट काटते हुए गुजरता था।

एक्ट्रेसेस को खुलकर बोलने की इजाजत नहीं होती थी

पूजा ने बताया कि उनके करियर के शुरुआती दौर से ही उन्हें रिबेलियस होने का टैग दे दिया गया था। आज भी ये टैग उनके साथ है। उन्होंने कहा- पहले एक्ट्रेसेस के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता था। कई लोग आकर हमें समझाते थे कि अगर स्टार बनना है, तो अपना ओपिनियन देना बंद करना होगा। आप लोगों के सामने अपना कोई पर्सनल ओपिनियन नहीं रख सकते हैं। आपको दुनिया के सामने ये खुलकर बताने की जरूरत नहीं है कि आप कौन या क्या सोचते हैं।

पूजा ने कहा- मैंने इन बातों पर उतना ध्यान नहीं दिया। क्योंकि मैं महेश भट्ट की बेटी हूं। मैंने उनसे सीखा है कि आप जैसे हैं, वैसे ही दुनिया के सामने दिखाएं। वो आपको एक्सेप्ट करें या ना करें ये आपकी प्रॉब्लम नहीं है।

इंडस्ट्री में अपनी बात बेखौफ तरीके से रखना बहुत बड़ी बात है। इसके लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है। इसपर पूजा का कहना है कि बेबाकी से अपनी बात रखने का हुनर उनकी ब्लडलाइन में है। उन्होंने शुरू से ही अपना रोल मॉडल उन लोगों को ही बनाया है, जो निडर होकर अपनी बात रखना जानते थे।पूजा कहती हैं- मैं हमेशा से उन लोगों को सुनना पसंद करती थी, जो अपनी हिम्मत ही नहीं बल्कि कमजोरी के बारे में भी खुलकर बात करते थे। मैंने हमेशा ऐसे लोगों से प्रेरणा ली है।

बचपन में मां किरण के साथ पूजा।

बचपन में मां किरण के साथ पूजा।

रिजेक्शन पर बात करते हुए पूजा ने कहा कि आज लोग खुद पर ही इतना संदेह करते हैं, कि 50 सेल्फी लेकर उसमें से एक फोटो पोस्ट करते हैं। लोग अपनी असलियत खुद एक्सेप्ट नहीं करना चाहते हैं। क्योंकि उन्हें रिजेक्शन से डर लगता है। पूजा का मानना है कि जिसे आप अपनी कमजोरी मानते हैं वही आपकी सबसे बड़ी खासियत है।

राइटर्स को इंडस्ट्री में कम वैल्यू दी जाती है- पूजा भट्ट

पूजा कहती है कि हमारी इंडस्ट्री में राइटर्स को वो वैल्यू नहीं दी जाती है, जितनी वो डिजर्व करते हैं। उन्होंने कहा- एक अच्छी फिल्म बनाने के लिए सबसे जरूरी राइटिंग है। इसके बाद स्टोरी को डायरेक्टर एक अच्छा रूप देता है। लेकिन फिल्में जब हिट होती हैं, तो एक्टर्स को लगने लगता है कि उनकी वजह से हिट हुई है। लेकिन इसमें कई लोगों का योगदान होता है।

पिता महेश भट्ट के साथ पूजा भट्ट।

पिता महेश भट्ट के साथ पूजा भट्ट।

वो चाहती है कि राइटिंग और स्क्रीनप्ले में महिलाओं को और आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं ये नहीं कहती हूं कि सहानुभूति केवल महिलाओं की जागीर है। पुरुषों का भी इसपर समान हक है।

पूजा की हालिया सीरीज के लिए उन्हें काफी सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वो नए और चैलेंजिंग रोल करना चाहेंगी।

2021 में पूजा भट्ट ने नेटफ्लिक्स सीरीज 'बॉम्बे बेगम्स' से अपना ओटीटी डेब्यू किया।

2021 में पूजा भट्ट ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘बॉम्बे बेगम्स’ से अपना ओटीटी डेब्यू किया।

17 साल की उम्र में किया था डेब्यू

पूजा ने फिल्म ‘डैडी’ (1989) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसे उनके पिता महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था। तब पूजा सिर्फ 17 साल की थीं। इस फिल्म में उन्हें काफी बोल्ड अंदाज में पेश किया गया था, फिल्म के लिए पूजा को फिल्मफेयर न्यू फेस ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला था। 1991 में आई पूजा की फिल्म ‘दिल है की मानता नहीं’ उनके करियर की सबसे हिट फिल्म रही। आमिर खान स्टारर इस फिल्म के जरिए उन्होंने दर्शकों की वाहवाही बटोरी।

पूजा भट्ट को 1999 में फिल्म 'तमन्ना' के लिए बेस्ट फिल्म ऑन अदर सोशल इश्यू के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

पूजा भट्ट को 1999 में फिल्म ‘तमन्ना’ के लिए बेस्ट फिल्म ऑन अदर सोशल इश्यू के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

संजय दत्त के साथ 1991 में आई ‘सड़क’ में उनकी एक्टिंग सराही गई। पूजा की आखिरी फिल्म 2001 में रिलीज ‘एवरीबडी सेज आई एम फाइन’ थी। 2004 में फिल्म ‘पाप’ से उन्होंने डायरेक्शन में कदम रखा। 1996 में उन्होंने पूजा भट्ट प्रोडक्शन कंपनी खोली, इसके तहत ‘तमन्ना’ रिलीज हुई।

Chhindwara Lok Sabha Seat: सुंदरलाल पटवा ने जमाया डेरा और कमल नाथ के गढ़ में लगा दी थी सेंध

Chhindwara Lok Sabha Seat: छिंदवाड़ा में 1977 में आपातकाल के बाद हुए चुनाव में देशभर में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।

By Ashish Mishra

Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 03:22 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 03:22 AM (IST)

Chhindwara Lok Sabha Seat: सुंदरलाल पटवा ने जमाया डेरा और कमल नाथ के गढ़ में लगा दी थी सेंध
सुंदरलाल पटवार और कमल नाथ।

HighLights

  1. केवल एक बार इस गढ़ में भी सेंध लगी थी और कमल नाथ को हार का सामना करना पड़ा था।
  2. वर्ष 1996 में कमल नाथ का नाम हवाला कांड में आया था।
  3. हवाला कांड का मामला ठंडा पड़ने के बाद सांसद अलका नाथ ने इस्तीफा दे दिया।

Chhindwara Lok Sabha Seat: आशीष मिश्रा, छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र को परंपरागत रूप से कांग्रेस की सीट माना जाता है। कांग्रेस के इस किले के अभेद्य होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 1977 में आपातकाल के बाद हुए चुनाव में देशभर में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन छिंदवाड़ा में कांग्रेस की जीत हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ना शुरू किया तो धीरे-धीरे इसे अपना गढ़ ही बना लिया।

केवल एक बार इस गढ़ में भी सेंध लगी थी और कमल नाथ को हार का सामना करना पड़ा था। वरिष्ठ नेता रमेश पोफली बताते हैं कि वर्ष 1996 में कमल नाथ का नाम हवाला कांड में आया था। इसके बाद पार्टी ने कमल नाथ को इस साल के चुनाव में टिकट ने देकर उनकी पत्नी अलका नाथ को मैदान में उतारा। यह कमल नाथ का ही प्रभाव था कि अलका नाथ भारी मतों से चुनाव जीत गईं।

सांसद अलका नाथ को देना पड़ा इस्तीफा

हवाला कांड का मामला ठंडा पड़ने के बाद सांसद अलका नाथ ने इस्तीफा दे दिया। यह कमल नाथ के ही इशारे पर हुआ था। लगभग आठ महीने बाद अचानक निर्वाचित सांसद को इस तरह से पद से इस्तीफा दिलवाने से क्षेत्र में आम लोगों में नाराजगी थी। भाजपा ने भी महिला का अपमान बताकर पूरे जिले में अभियान चलाया था। मध्यावधि चुनाव जीतने के लिए भाजपा इस मुद्दे को भुनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही थी।

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गांवों में पहुंचकर सभाएं भी ली

भाजपा के दिग्गज सुंदरलाल पटवा ने कमल नाथ के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए छिंदवाड़ा में डेरा डाल लिया था। उन्होंने लगभग हर विधानसभा क्षेत्र के 20 से 40 गांवों में पहुंचकर सभा ली। जिसमें उनके निशाने पर महिला का अपमान वाला मुद्दा होता था। जनता में नाराजगी की लहर को भांपते हुए उन्होंने इसी मुद्दे पर चुनाव लड़ा। उस समय मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह सरकार थी।

38 हजार वोटों से जीते सुंदरलाल पटवा

जिस दिन उपचुनाव के लिए मतदान होना था उसके एक दिन पहले से छिंदवाड़ा जिले में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी थी। सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने कमल नाथ की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर जतन किए थे लेकिन जब चुनाव परिणाम आए तो सुंदरलाल पटवा को 38 हजार वोटों से जीत हासिल हुई।

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    नईदुनिया डॉट कॉम इंदौर में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ डेस्क पर वरिष्ठ उप-संपादक। पत्रकारिता और जनसंचार में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बैचलर और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से मास्टर्स डिग्री। इंदौर में 2014