Korba Information : अंग्रेजी में प्रपत्र होने से अनुकंपा नियुक्ति में उठानी पड़ रही परेशानी
Korba Information : एसईसीएल में किसी कर्मचारी की कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित को रोजगार प्रदान करने की नीति है, इसके लिए पुराने नियमों को बदल कर नई एसओपी अपनाई गई है। इससे आश्रित परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
By Pradeep Barmaiya
Publish Date: Solar, 24 Mar 2024 10:25 PM (IST)
Up to date Date: Solar, 24 Mar 2024 10:25 PM (IST)

नईदुनिया न्यूज गेवरा। एसईसीएल में किसी कर्मचारी की कार्यकाल के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित को रोजगार प्रदान करने की नीति है, इसके लिए पुराने नियमों को बदल कर नई एसओपी अपनाई गई है। इससे आश्रित परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जाधानी भू- विस्थापित किसान कल्याण समिति ने सीएमडी और कलेक्टर को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। समिति ने कहा है कि एसईसीएल के प्रविधान के अनुसार कर्मचारी कि मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित को रोजगार प्रदाय किया जाता है।
कंपनी अनुकंपा नियुक्ति प्रदाय करने के संबंध में नई एसओपी जारी की गयी है। उसमें सभी प्रपत्र अंग्रेजी भाषा में होने के कारण संबंधितो को समझने में परेशानी हो रही है। हिंदी भाषा क्षेत्र होने की वजह से अधिकतर लोग हिंदी समझते हैं। इसलिए सभी प्रपत्र हिंदी में होना चाहिए। इसी तरह से नई एसओपी में कर्मचारियों के विधवा एवं आश्रितों के प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ पत्र में राज्य शासन के कार्यपालिक दंडाधिकारी ने अभिप्रमाणित कराने की बाध्यता की वजह से एक नई समस्या उत्पन्न हो गयी है। तहसील कार्यालय, जिला कार्यालय एवं राज्य शासन के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को एसईसीएल की ओर से कोई जानकारी नहीं भेजे जाने कि वजह से अभिप्रमाणित करने से इंकार किया जा रहा है और इन समस्यों के कारण अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज, प्रपत्र तैयार कराने के लिए मृतक कर्मचारी के आश्रितों को भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, इसलिए तत्काल इस समस्या का समाधान किया जाए ।
रक्तदान से न केवल शारीरिक अपितु मानसिक लाभ भी
कोरबा । बलिदानी भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के 93 वें शहादत दिवस पर भारत के उनके सम्मान में मां सर्वमंगला सेवा समिति, महाकाल भक्त मंडल, पतंजलि युवा भारत, आयुष मेडिकल एसोसिएशन व विभिन्न संगठनों एवं लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के तत्वाधान में रक्तदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के सचिव डा नागेन्द्र नारायण शर्मा ने भी रक्तदान करने के साथ रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्तदान से अधिक पुण्य किसी कार्य में नही मिलता, क्योंकि रक्तदान करके न सिर्फ हम किसी की जिंदगी बचाते हैं, बल्कि इससे हमारी सेहत को भी लाभ पहुंचता है। रक्तदान करने वाले कि सेहत पर किसी तरह का कोई बुरा असर नही होता अपितु शारीरिक तौर पर तो लाभ होता ही है। साथ ही रक्तदान के माध्यम से किसी का जीवन बचाने की जो अनमोल खुशी मिलती है उससे मानसिक संतुष्टि भी प्राप्त होती है।

