Indore Bawadi Accident: आपरेशन बावड़ी, एसीपी ने पूजा करवाई, टीआइ ने बेटे की मदद ली

Indore Bawadi Accident: हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप पुलिस को 30 मार्च के पहले रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी थी। लिहाजा गुरुवार रात तय किया कि आरोपितों को पकड़ा जाएगा।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Sat, 23 Mar 2024 09:03 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Mar 2024 09:03 AM (IST)

Indore Bawadi Accident: आपरेशन बावड़ी, एसीपी ने पूजा करवाई, टीआइ ने बेटे की मदद ली
आपरेशन बावड़ी

Indore Bawadi Accident: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बावड़ी हादसे में कार्रवाई की गई है। हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप पुलिस को 30 मार्च के पहले रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी थी। लिहाजा गुरुवार रात तय किया कि आरोपितों को पकड़ा जाएगा। जोन-4 के डीसीपी ऋषिकेश मीना ने एसीपी देवेंद्र धुर्वे और टीआइ शैलेंद्रसिंह जादौन की दो टीमें बनाई। तड़के चार बजे से पुलिसकर्मियों ने घरों के आसपास रैकी करना शुरू कर दी। घंटों तक हलचल नहीं होने पर पुलिस ने दबिश दी।

टीआइ मंदिर ट्रस्ट सचिव मुरलीकुमार सबनानी के घर पहुंचे, लेकिन वह पहले ही मंडी चला गया था। उसके बेटे को हिरासत में लिया और उसके माध्यम से बुलाकर गिरफ्तारी कर ली। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सेवाराम गलानी तो घर पर ही मौजूद था। एसीपी ने थाने चलने के लिए कहा तो पूजा करने बैठ गया। एसीपी खुद भी बैठे और सेवाराम को लेकर ही उठे। थोड़ी देर बाद इंटरनेट मीडिया पर विरोध शुरू हो गया। नेताओं का दबाव आता, इसके पूर्व गिरफ्तारी दर्शा दी। आनन-फानन में कोर्ट में पेश किया और जेल वारंट बनाकर सेंट्रल जेल भेज दिया।

आरोपितों की दलील : बावड़ी की जानकारी नहीं थी

एफआइआर के बाद पुलिस पर दबाव आया। बयान में आरोपितों ने कहा कि उन्हें बावड़ी की जानकारी ही नहीं थी। पुलिस ने आरोपितों को उस वक्त हिरासत में लिया, लेकिन रातोंरात छोड़ना पड़ा था।

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खुद के पत्र से फंस गए अध्यक्ष और सचिव

पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन जिम्मेदारी तय करने में पसीने छूट गए। पुलिस को एक पत्र मिला, जो नगर निगम को भेजा गया था। क्षेत्र के रहवासियों ने बगीचे में अवैध निर्माण करने की शिकायत की थी। आरोपितों ने पत्र लिखकर कहा था कि मंदिर का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। बावड़ी का स्लैब हटाकर रहवासियों के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। इस पत्र से स्पष्ट हो गया कि आरोपितों को बावड़ी की जानकारी थी।

खसरे से बावड़ी गायब

जमीन आइडीए के अधीन थी। बाद में नगर निगम के अधीन हुई। पुलिस ने आइडीए और निगम से पूछा तो दोनों ने बावड़ी को बंद करने से मना कर दिया। पुलिस ने राजस्व रिकार्ड से खसरे निकाले तो पता चला कि 1990 के बाद बावड़ी गायब हुई है। जल स्रोत के सर्वे के दौरान भी डिजिटल सर्वे में बावड़ी नहीं मिली।

पुलिस की परेशानी : प्रकरण दर्ज होने के बाद पानी के नमूने तो लिए लेकिन स्लैब, जंग लगा लोहा, गर्डर के नमूने नहीं लिए थे। रिपोर्ट में 3 लोगों की चोट और 33 लोगों की डूबने के कारण मौत होना पाया गया।

कालेज की रिपोर्ट : पुलिस ने एसजीएसआइटीएस से मिली रिपोर्ट को आधार बनाया है। इसमें बताया कि स्लैब के दौरान सरिए नहीं लगाए गए। जहरीली गैस के कारण गर्डर सड़ चुके थे। पूजा-हवन के दौरान वजन ज्यादा था।

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    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव