Lok Sabha Election 2024: 10 साल में बदले समीकरण, दांव पर लगी क्षेत्रीय दलों के नेताओं की सियासत

Lok Sabha Election 2024 मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश ने सपा के नेतृत्व की बागडोर भी अपने हाथों में ली तथा 2014 और 2019 में नेतृत्व उनका ही था, लेकिन इसके बावजूद समाजवादी पार्टी बीते दो लोकसभा चुनाव में 5 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 09:54 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 09:59 AM (IST)

Lok Sabha Election 2024: 10 साल में बदले समीकरण, दांव पर लगी क्षेत्रीय दलों के नेताओं की सियासत
अखिलेश यादव पिछले 2 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कोई कमाल नहीं दिखा पाए हैं।

HighLights

  1. देश में बीते 10 साल में केंद्र में भाजपा शासन के दौरान सियासी समीकरण तेजी से बदले हैं।
  2. बंगाल में ममता बनर्जी की बढ़ी चुनौती इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है।
  3. ममता बनर्जी और भाजपा में टकराव बढ़ गया है।

संजय मिश्र, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां शुरू हो चुकी है। इस बार बेशक सभी की निगाहें सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी गठबंधन की अगुवाई करने वाली कमजोर कांग्रेस पर लगी है, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में कई बड़े क्षेत्रीय दलों के नेताओं का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, चंद्रबाबू नायडू व चंद्रशेखर राव से लेकर ममता बनर्जी, शरद पवार और उद्धव ठाकरे जैसे कई क्षेत्रीय दलों के दिग्गज नेता हैं, जिनका राजनीतिक भविष्य इस बार के लोकसभा चुनाव में तय हो जाएगा।

10 साल में बदल गए समीकरण

देश में बीते 10 साल में केंद्र में भाजपा शासन के दौरान सियासी समीकरण तेजी से बदले हैं। बंगाल में ममता बनर्जी की बढ़ी चुनौती इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है। 2019 में लोकसभा की 18 सीटें जीतने के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 75 सीटें जीतकर प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त कर लिया। इसके बाद से ही ममता बनर्जी और भाजपा में टकराव बढ़ गया है। संदेशखाली की ताजा घटना पर दोनों के टकराव है और 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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हेमंत सोरेन व तेजस्वी को चुनौती

कुछ ऐसा ही हाल झारखंड का है। यहां ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल से फिलहाल बाहर आना मुश्किल लग रहा है। तेजस्वी यादव के लिए बिहार में लोकसभा चुनाव चिंता के सबब बने हुए हैं। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राजद को एक भी सीट नहीं मिली थी।

अखिलेश यादव नहीं दिखा सके कमाल

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी विपक्ष की धुरी है। अखिलेश यादव पिछले 2 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कोई कमाल नहीं दिखा पाए हैं। 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश ने सपा के नेतृत्व की बागडोर भी अपने हाथों में ली तथा 2014 और 2019 में नेतृत्व उनका ही था, लेकिन इसके बावजूद समाजवादी पार्टी बीते दो लोकसभा चुनाव में 5 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है। लगातार दो विधानसभा चुनाव भी हार गई है।

महाराष्ट्र में सत्ता के पार्टी भी चली गई

महाराष्ट्र में दो बड़े नेताओं NCP के पवार गुट के प्रमुख शरद पवार व शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे की छवि तो गहरा धक्का लगा है। इन दोनों ही नेताओं के हाथों से सत्ता जाने के साथ-साथ पार्टी भी चली गई है। शरद पवार इस लोकसभा चुनाव में खुद का अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। बागी भतीजे अजीत पवार न केवल भाजपा के साथ जाकर डिप्टी सीएम बन गए, वहीं एनसीपी पर भी कब्जा कर लिया है। कुछ ऐसा ही हाल उद्धव ठाकरे का है। उद्धव गुट के बागी एकनाथ शिंदे को भाजपा ने मुख्यमंत्री बना दिया और शिवसेना के चुनाव चिन्ह तीर-धनुष के साथ-साथ शिवसेना पर भी कब्जा कर लिया।

दक्षिण में भाजपा को रोकने की चुनौती

तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद सियासत में काफी बदलाव आया है। अन्नाद्रमुक अंदरूनी कलह से जूझ रही है। इस लोकसभा चुनाव में भी यदि पार्टी का हाल बीते लोकसभा चुनाव जैसा ही हुआ तो फिर पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी और पूर्व सीएम पन्नीरसेल्वम की राजनीतिक भविष्य दांव पर होगा।

कुछ इसी तरह तेलंगाना में 4 महीने पहले तक सत्ता के शहंशाह रहे BRS प्रमुख के.चंद्रशेखर राव को कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में चित कर दिया। लोकसभा चुनाव में अब BRS बिखरी हुई दिखाई दे रही है। भाजपा की आक्रामक रणनीति के साथ मुकाबला करना चंद्रशेखर राव के लिए बड़ी चुनौती है। वहीं आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू दोनों के लिए यह चुनाव दोहरी कसौटी है, क्योंकि वहां विधानसभा चुनाव भी साथ में होने वाले हैं।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्

Madgaon Categorical Film Evaluation Replace; Pratik Gandhi Divyenndu | Nora Fatehi | मूवी रिव्यू- मडगांव एक्सप्रेस: डायरेक्टोरियल डेब्यू में कुणाल खेमू चमके; दिव्येंदु शर्मा और प्रतीक गांधी की कॉमिक टाइमिंग जबरदस्त; फिल्म देख लोट-पोट हो जाएंगे

मुंबई3 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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दिव्येंदु शर्मा, प्रतीक गांधी और अविनाश तिवारी स्टारर फिल्म मडगांव एक्सप्रेस रिलीज हो गई है। कॉमेडी जॉनर इस फिल्म की लेंथ 2 घंटे 23 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार रेटिंग दी है।

फिल्म की कहानी क्या है?
यह कहानी तीन दोस्तों डोडो (दिव्येंदु) पिंकू (प्रतीक गांधी) और आयुष (अविनाश तिवारी) की है। तीनों का बचपन से गोवा घूमने का सपना है। हर बार किसी न किसी वजह से उनकी यह ट्रिप पूरी नहीं हो पाती। उम्र बढ़ने के साथ ही आयुष और पिंकू विदेश निकल जाते हैं। उन्हें वहां अच्छी नौकरी मिल जाती है। यहां रह जाता है बस डोडो। डोडो को कुछ काम नहीं मिलता। वो दिनभर घर पर बैठ कर फोटोशॉप की मदद से सेलिब्रिटीज के साथ पिक्चर एडिट करता है। अपने आप को रईस और फेमस दिखाने के लिए वो इन पिक्चर्स को सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है।

आयुष और पिंकू को भी यही लगता है कि उनका दोस्त उन्हीं की तरह फेमस और पैसे वाला इंसान बन गया है। वो दोनों वापस भारत आने का प्लान करते हैं। डोडो उन्हें अपनी रियलिटी नहीं बताता। वो उन्हें झूठ बोलकर मडगांव एक्सप्रेस में बिठा देता है और तीनों दोस्त गोवा के लिए निकल जाते हैं।

गोवा जाने के असली कहानी शुरू होती है। तीनों गलती से ड्रग्स के पचड़े में फंस जाते हैं। गोवा के लोकल गुंडे उनके पीछे पड़ जाते हैं। यहीं उनकी मुलाकात ताशा यानी नोरा फतेही से होती है। अब तीनोंं दोस्त उन गुंडों के चंगुल से बच पाते हैं कि नहीं। क्या आयुष और पिंकू को डोडो की सच्चाई पता चल पाएगी। कहानी अंत तक इसी तरफ रुख करती है।

फिल्म आज यानी 22 मार्च को रिलीज हुई है।

फिल्म आज यानी 22 मार्च को रिलीज हुई है।

स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?
दिव्येंदु शर्मा, प्रतीक गांधी और अविनाश तिवारी तीनों ने कमाल की एक्टिंग की है। खासकर दिव्येंदु ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से अंत तक हंसाया है। प्रतीक गांधी ने अपनी एक्टिंग में डायवर्सिटी दिखाई है। एक साधारण सीधा-साधा इंसान ड्रग्स के नशे में कब राउडी जैसा बिहेव करने लगता है, यह देख कर आपको बहुत मजा आने वाला है।

अविनाश तिवारी का रोल दोनों के मुकाबले थोड़ा सीरियस है। उनके एक्सप्रेशन काफी नेचुरल हैं। अविनाश को देख कर आपको यकीन नहीं होगा कि ये वहीं एक्टर हैं, जिन्होंने वेब सीरीज खाकी में विलेन चंदन का किरदार निभाया था। नोरा फतेही को कम स्क्रीन टाइम मिला है, लेकिन कम समय में ही उन्होंने अच्छा स्क्रीन प्रेजेंस दिखाया है। फिल्म में रेमो डिसूजा का भी कैमियो है।

प्रतीक गांधी (बीच में) स्कैम 1992 से फेमस हुए थे। अविनाश तिवारी (बाएं) ने बेब शो खाकी में चंदन के रोल में सबको प्रभावित किया था। बाकी मिर्जापुर के मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा (दाएं) को कौन भूल सकता है।

प्रतीक गांधी (बीच में) स्कैम 1992 से फेमस हुए थे। अविनाश तिवारी (बाएं) ने बेब शो खाकी में चंदन के रोल में सबको प्रभावित किया था। बाकी मिर्जापुर के मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा (दाएं) को कौन भूल सकता है।

डायरेक्शन कैसा है?
कुणाल खेमू ने पहली बार किसी फिल्म का डायरेक्शन किया है। अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म में ही उन्होंने कमाल कर दिया है। एक सिंपल सी कहानी को उन्होंने इतने दिलचस्प अंदाज में दिखाया है कि उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। हालांकि एकाध सीन ऐसे हैं, जिसे दिखाने का कोई तुक नहीं बनता था। एक दो सीन में बेवजह संस्पेंस दिखाने की कोशिश की गई है, जो बेमतलब लगते हैं।

फरहान अख्तर ( बाएं से दूसरे) और रितेश सिधवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने फिल्म का प्रोडक्शन किया है। कुणाल खेमू (दाएं से दूसरे) पहली बार डायरेक्शन में उतरे हैं।

फरहान अख्तर ( बाएं से दूसरे) और रितेश सिधवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने फिल्म का प्रोडक्शन किया है। कुणाल खेमू (दाएं से दूसरे) पहली बार डायरेक्शन में उतरे हैं।

फिल्म का म्यूजिक कैसा है?
फिल्म के गाने और बेहतर हो सकते थे। फरहान अख्तर की फिल्मों के गाने अमूमन लोगों को याद रह जाते हैं। इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है। गाने ऐसे हैं जो सीक्वेंस के हिसाब से सुनने में अच्छे लगे हैं। गाने ऐसे नहीं हैं जो फिल्म खत्म होने के बाद याद रखें जाएं।

फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?
इसमें कोई शक नहीं है कि फिल्म देखने के बाद आपको मजा जरूर आएगा। कई सीन में आप हंस कर लोट-पोट हो जाएंगे। युवाओं को यह फिल्म बहुत पसंद आएगी। अगर आप कॉमेडी फिल्मों के शौकीन हैं, तो बिना देर किए इसके लिए जा सकते हैं। कहीं-कहीं डार्क कॉमेडी भी दिखाई गई है, इसलिए फैमिली के साथ देखने पर कुछ जगह असहज हो सकते हैं। बाकी, कॉमेडी के नजरिए से यह एक मस्ट वॉच फिल्म है।

अब घर बैठे जुड़वाएं मतदाता सूची में नाम, चुनाव आयोग ने लांच किए ये खास एप, उम्मीदवारों की भी मिलेगी पूरी जानकारी

Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने खास एप लांच किया है। जिसके चलते आप घर बैठे मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे। साथ ही उम्मीदवारों की भी आपको पूरी जानकारी मिलेगी।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 11:24 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 11:34 AM (IST)

अब घर बैठे जुड़वाएं मतदाता सूची में नाम, चुनाव आयोग ने लांच किए ये खास एप, उम्मीदवारों की भी मिलेगी पूरी जानकारी
मतदता और उम्‍मीदवारों की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने खास एप लांच किए हैं

HighLights

  1. चुनाव आयोग ने बनाए तीन महत्वपूर्ण एप
  2. मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे नाम
  3. उम्‍मीदवारों के लिए भी फायदेमंद होगा

Loksabha Election 2024 नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग हाइटेक नजर आ रहा है। मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने और उन्हें पोलिंग बूथ तक पहुंचाकर मतदान करवाने के लिए लगातार प्रयोग कर रहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए एप लांच किया है। इस एप के माध्यम से मतदाता घर बैठे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। साथ ही मतदान केंद्र से लेकर उम्मीदवार की जानकारी भी एप पर मिल सकेगी।

यह एप न सिर्फ मतदाताओं को सहूलियत देगा, बल्कि उम्‍मीदवारों के लिए भी फायदेमंद होगा। लिहाजा उम्मीदवारों और चुनाव संचालकों को सभा समारोह व अन्य कार्य के लिए अब आयोग से मंजूरी पाने के लिए आयोग के कार्यालय का चक्कर काटना नहीं पड़ेंगे। उन्हें ऑनलाइन सिस्टम के तहत आवेदन जमा करना होगा। आयोग की तरफ से एप के माध्यम से ही स्वीकृति दी जाएगी।

गौरतलब है कि आचार संहिता उल्लंघन पर नजर रखना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस एप के माध्यम से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में आयोग को सीधे शिकायत भेज सकते हैं। इस पर उल्लंघन संबंधित वीडियो और फोटो भी अपलोड की जा सकती है। खास बात यह है कि इसमें आपको लोकेशन भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि आयोग का यह एप खुद ही उस जगह की पहचान कर लेगा। इससे कोई भी आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत बिना कही जाए की जा सकती है।

सी विजिल: इस पर सीधे शिकायत होगी

मोबाइल एप पर चुनाव आयोग की ओर से मतदाता के लिए उपलब्ध सभी सेवाएं मिलती हैं। आप मतदाता सूची में नाम देखने से लेकर पोलिंग स्टेशन तक की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर मतदाता का नाम मतदाता सूची में नहीं है या किसी कारण कट गया है तो इस एप से मतदाता सूची में फार्म-6 के जरिए नाम जोड़ने के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

नो योर कैंडिडेट

अभी आप जिस संसदीय क्षेत्र के मतदाता हैं वहां के उम्मीदवारों की जानकारी लेने के लिए आपके पास कोई आसान साधन नहीं है। अब चुनाव आयोग ने केवाईसी ऐप तैयार किया है। इसमें चुनाव लड़ रहे सभी वैध उम्मीदवारों के नाम, उनका संसदीय क्षेत्र, उनके ऊपर दर्ज आपराधिक मामले, उनकी आय व संपत्ति की जानकारी भी देख सकते हैं।

सक्षम-ईसीआइ

दिव्यांग मतदाता इस पर अपना नाम मतदाता सूची में देख सकते हैं। केंद्र की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। व्हील चेयर चाहिए तो इस ऐप पर अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

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चुनाव प्रबंधन के लिए तीन एप

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के साथ वोटों की गिनती व चुनाव नतीजों की जानकारी के लिए यह एप बनाया है। इसमें देश की हर लोकसभा सीट के नतीजों की जानकारी घर बैठे मिलेगी।

सुविधा-कैंडिडेट

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अब किसी चुनावी कार्यक्रम की मंजूरी के लिए चुनाव अधिकारियों के यहां जाने की जरूरत नहीं होगी। वह इस एप के जरिए ही आवेदन करेंगे।

इनकोर (ईएनसीओआरई)

इस ऐप पर चुनाव प्रबंधन की कोर टीम से जुड़े लोग होंगे। वहीं, ईएसएमएस (चुनाव जब्ती प्रबंधन) ऐप के जरिए चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित कार्रवाई की जानकारी अपडेट की जाएगी। तीसरा ऑब्जर्वर ऐप है, जिसमें पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट देंगे।

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    भरत मानधन्‍या ने इंदौर स्थित चोइथराम कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में BAJMC में स्नातक की पढ़ाई की है और स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स (देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय) से MA Economics की उपाधि प्राप्‍त की है।

    पत्रकारिता क …

Bihar Accident: बिहार के सुपौल में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पुल गिरा, 9 मजदूर फंसे, 1 की मौत

Bihar Accident भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस पुल का निर्माण किया जा रहा है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 08:36 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 10:26 AM (IST)

Bihar Accident: बिहार के सुपौल में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन पुल गिरा, 9 मजदूर फंसे, 1 की मौत
यह हादसा सुबह 7 बजे के करीब हुई है। राहत व बचाव कार्य के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।

HighLights

  1. बिहार के सुपौल में बड़ा हादसा
  2. निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से 30 मजदूरों के फंस गए हैं।
  3. मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने का काम जारी है।

एएनआई, सुपौल। बिहार के सुपौल में बड़े हादसे की सूचना है। यहां एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से 9 मजदूरों के फंस गए हैं और 1 मजदूर की मौत हो गई है। मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने का काम जारी है। फिलहाल राहत व बचाव कार्य जरी है। मिली जानकारी के मुताबिक, भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस पुल का निर्माण किया जा रहा है। यह हादसा सुबह 7 बजे के करीब हुई है। राहत व बचाव कार्य के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।

सुपौल के बकोर में हादसा

सुपौल के बकोर में यह हादसा सुबह 7 बजे के करीब हुआ है। इस हादसा के 9 मजदूरों के दबने की खबर बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, 50,51,52 पिलर का गार्टर गिरा है। डीएम कौशल कुमार ने खुद यह जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि मलबे में दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने का काम जारी है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भारत का सबसे बड़ा पुल

गौरतलब है कि सुपौल के बकोर में निर्माणाधीन पुल को भारत का सबसे बड़ा पुल बताया जा रहा है। यह 1200 करोड़ की लागत से बन रहा था। मिली जानकारी के मुताबिक, सुपौल और मधुबनी के बीच कोसी नदी पर बन रहा भारत का यह पुल देश का सबसे लंबा पुल है। इस पुल की लंबाई करीब 10 किलोमीटर होगी, जो असम के भूपेन हजारिका पुल से भी ज्यादा लंबा होगा।

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Navya Naveli talked about the meals of Bachchan household | नव्या नवेली ने बच्चन परिवार के खाने का जिक्र किया: बोलीं- हमने कुछ व्यंजनों का नाम लोगों के नाम पर रखा है

43 मिनट पहले

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‘व्हाट द हेल नव्या’ के नए एपिसोड में, नव्या नवेली नंदा, जया बच्चन और श्वेता नंदा ने अपने परिवार की खाने की आदतों का खुलासा किया। नव्या ने अलग-अलग क्विजीन के कुछ अनोखे नाम भी साझा किए।

नव्या नवेली ने बच्चन परिवार के खाने का जिक्र किया
एपिसोड के दौरान नव्या ने रसोई में परिवार के प्रत्येक सदस्य की विशेषताओं के बारे में भी जिक्र किया। उन्होंने ‘आलू छिलका’ को घर का पसंदीदा व्यंजन बताया। नव्या ने कहा- हर घर की एक खासियत होती है। मैं कुछ ऐसी चीज जानती हूं जिसे लोग हमारे घर पर खाना पसंद करते हैं, वो है आलू छिलका। ये वास्तव में बहुत क्यूट है। क्योंकि हम लोगों ने कुछ व्यंजनों का नाम लोगों के नाम पर रखा है। जैसे हमारे पास ‘नानी मां की खिचड़ी’ है, जिसे वे बंगाली तरीके से बनाती हैं। हमारे पास ‘मामा टोस्ट’ है। यह एक सैंडविच है, जिसे नानी एक अलग अंदाज से बनाती हैं। आपके पास ‘नव्या का आलू’ है क्योंकि यह वो रेसिपी है जो मैंने बनाई है। हमारे पास ‘श्वेता का पास्ता’ भी है। नाना हमेशा कहते हैं, मैं- श्वेता का पास्ता खाऊंगा।

जया बच्चन ने बेटी श्वेता नंदा के पास्ता के प्रति अमिताभ बच्चन के विशेष लगाव का खुलासा किया। उन्होंने कहा- वो (बिग बी) पूछते हैं- क्या श्वेता पास्ता बना रही है? यदि आप ‘नहीं’ कहते हैं, तो वो आपसे कहेंगे कि श्वेता को इसे बनाने के लिए कहें।

जया बच्चन ने अभिषेक बच्चन के बारे में मजाक किया
श्वेता नंदा ने मजाक में कहा कि अगस्त्य के नाम पर कोई डिश नहीं है। इस बात पर जया बच्चन ने तुरंत जवाब देते हुए कहा- अभिषेक के नाम पर भी कोई व्यंजन का नाम नहीं है। हालांकि अभिषेक हमेशा कहता जरूर रहता है कि वो अद्भुत मटन करी बनाता है। लेकिन अभी तक मैंने उसके हाथों की मटन करी देखी नहीं है।

नव्या ने 2022 में शुरू किया था पॉडकास्ट शो
नव्या नंदा ने साल 2022 में ‘व्हाट द हेल नव्या’ के साथ अपना पॉडकास्ट शो शुरू किया था। नव्या अपने पॉडकास्ट में नानी जया बच्चन और मां श्वेता नंदा के साथ समाज में महिलाओं के सामने आने वाले मुद्दों पर बात करती हैं। वहीं, पॉडकास्ट ‘व्हाट द हेल नव्या’ सीजन 2 की लोग काफी तारीफ कर रहे हैं। पॉडकास्ट आईवीएम पॉडकास्ट द्वारा बनाया गया था।

बिजनेस में आगे बढ़ना चाहती हैं नव्या
नव्या ‘प्रोजेक्ट नवेली’ भी चलाती हैं, जो भारत में लैंगिक अंतर पर बात करने के लिए उनकी पहल है। नव्या बिजनेस में अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।

Shivpuri Crime Information: पति के अवैध संबंधों, मारपीट और तलाक के दबाव से तंग पत्नी ने खाया जहर

Shivpuri Crime Information:करैरा कस्बे में रहने वाली एक महिला ने अपने पति की रोज-रोज की मारपीट से तंग आकर जहर खा लिया। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।

By anil tomar

Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 10:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 10:00 AM (IST)

Shivpuri Crime News: पति के अवैध संबंधों, मारपीट और तलाक के दबाव से तंग पत्नी ने खाया जहर

HighLights

  1. बोली, तलाक के लिए भी बना रहा है दबाव
  2. पत्नी ने कहा कई महिलाओं से है संबंध

Shivpuri Crime Information: शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। करैरा कस्बे में रहने वाली एक महिला ने अपने पति की रोज-रोज की मारपीट से तंग आकर जहर खा लिया। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार रंजना पत्नी धर्मेन्द्र कोली उम्र 29 साल निवासी करैरा ने गुरूवार की दोपहर जहर खा लिया। महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

महिला के अनुसार उसका पति कल दिन भर घर पर नहीं था और रात को भी लौट कर घर नहीं आया। आज दोपहर में घर आया तो उसकी मारपीट कर दी। इसी कारण उसने जहर खा लिया। महिला के अनुसार उसका पति आए दिन ऐसा करता है, उसके कई महिलाओं से अवैध संबंध हैं और अब तो तलाक के लिए भी दबाब बना रहा है। इसी के चलते वकील के कहने पर कागज पर साइन करने के लिए दबाब बना रहा है। पीड़िता के अनुसार वह न तो मायके जा सकती है और न ही कहीं और जाकर रह सकती है। ससुराल में पति आए दिन मारपीट करता है इसी कारण उसने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। महिला का कहना है कि उसका पति कुछ कमाता भी नहीं है, इसी कारण उसे एक प्रायवेट स्कूल में पढ़ाने जाना पड़ता है तब कहीं जाकर घर खर्च चलता है, बाबजूद इसके उसका पति अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। महिला की हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है।

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    2000 से पत्रकारिता में हूं। दैनिक जागरण झांसी, नवभारत में रिपोर्टर के रूप में काम किया है। दैनिक भास्कर भीलवाड़ा, अजमेर में रिपोर्टर रहा। 2007 से 2013 तक दैनिक भास्कर के मुरैना कार्यालय में ब्यूरो चीफ के रूप मे

Climate Replace: तमिलनाडु में भारी बारिश, कर्नाटक में बदलेगा मौसम, उत्तर में इन इलाकों में हो सकती है बर्फबारी

Climate Replace मौसम विभाग ने 21, 22 और 24 मार्च को पंजाब में और 24 मार्च को हरियाणा में छिटपुट हल्की बारिश की भी भविष्यवाणी की है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 08:50 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 08:52 AM (IST)

Weather Update: तमिलनाडु में भारी बारिश, कर्नाटक में बदलेगा मौसम, उत्तर में इन इलाकों में हो सकती है बर्फबारी
26 मार्च तक देश के कई हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश की भविष्यवाणी की है।

HighLights

  1. अगले कुछ दिनों तक रायलसीमा, केरल, सौराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र मौसम की उम्मीद है।
  2. तमिलनाडु और पुडुचेरी में जल्द ही ऐसी ही स्थिति का अनुभव होगा।
  3. तमिलनाडु के थूथुकुडी के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में मौसम में बड़े उलटफेर की संभावना जताई है। IMD के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक रायलसीमा, केरल, सौराष्ट्र और अन्य क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र मौसम की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में जल्द ही ऐसी ही स्थिति का अनुभव होगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तमिलनाडु के थूथुकुडी के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है।

#WATCH तमिलनाडु: थूथुकुडी के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश जारी है। pic.twitter.com/fk1acfMRNK

— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 22, 2024

उत्तर भारत में जारी रहेगी बर्फबारी

मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च तक देश के कई हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम कार्यालय ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज के साथ हल्की बारिश/बर्फबारी की भी भविष्यवाणी की है।

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मेघालय में ऑरेंज अलर्ट

IMD ने कहा है कि 21-26 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 21-23 और 25 मार्च को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

कर्नाटक के बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 21, 22 और 24 मार्च को पंजाब में और 24 मार्च को हरियाणा में छिटपुट हल्की बारिश की भी भविष्यवाणी की है।

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Swatantra Veer Savarkar Film Overview; Randeep Hooda – Ankita Lokhande | Amit Sial | मूवी रिव्यू, स्वातंत्र्य वीर सावरकर: रणदीप हुड्डा ने सावरकर के रोल में खुद को झोंका; राजनीतिक दलों को खटक सकते हैं कुछ डायलॉग्स

मुंबई38 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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वीर सावरकर की जिंदगी पर बेस्ड फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर आज रिलीज हो गई है। - Dainik Bhaskar

वीर सावरकर की जिंदगी पर बेस्ड फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर आज रिलीज हो गई है।

फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर आज रिलीज हो गई है। वीर सावरकर की जिंदगी पर बेस्ड इस फिल्म की लेंथ 2 घंटे 58 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में 3.5 स्टार रेटिंग दी है।

फिल्म की कहानी क्या है?
कहानी की शुरुआत 18 वीं सदी के अंत के दृश्यों से होती है। देश में प्लेग महामारी फैली हुई है। लोग मरे जा रहे हैं। देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ है। इसी बीच महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में विनायक दामोदर सावरकर का जन्म होता है। रणदीप हुड्डा ने सावरकर का किरदार निभाया है। विनायक दामोदर सावरकर के अंदर बचपन से ही अंग्रेजों के खिलाफ एक गुस्सा है। वे अपने देश से अंग्रेजों को भगाना चाहते हैं। इसके लिए वे अभिनव भारत नाम से एक संगठन भी बनाते हैं।

सावरकर का हमेशा से यही मानना था कि अंग्रेजों को अहिंसा से नहीं हराया जा सकता। इसके लिए वे लोगों को हथियार उठाने के लिए आह्वान भी करते हैं। अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए सावरकर उन्हीं के देश लंदन चले जाते हैं। वहीं से वे अपनी क्रांति जारी रखते हैं। वहां उनके कुछ सहयोगी अंग्रेज अधिकारियों की हत्या कर देते हैं। फिर सावरकर के ऊपर साजिश करने का आरोप लगाया जाता है। उन्हें गैरकानूनी रूप से भारत भेजकर कालापानी की सजा दे दी जाती है। कालापानी की सजा के दौरान उन्हें असहनीय पीड़ा दी जाती है।

कई साल जेल में बिताने के बाद सावरकर एक के बाद एक कई दया याचिका दायर करते हैं। हालांकि, इन याचिकाओं के पीछे भी उनकी एक सोची समझी रणनीति रहती है। सावरकर कहते हैं कि जेल में रहकर मरने से बेहतर है कि बाहर निकलकर देश के लिए कुछ किया जाए। जेल से छूटने के बाद उनका संपर्क भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी से होता है। इसके बाद देश को आजादी मिलने तक सावरकर अपनी लड़ाई लड़ते हैं।

फिल्म आज यानी 22 मार्च को रिलीज हुई है।

फिल्म आज यानी 22 मार्च को रिलीज हुई है।

स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?
पूरी फिल्म में सिर्फ रणदीप हुड्डा की दिखाई देंगे। रणदीप को देख कर यही लगता है कि सावरकर के रोल में उनसे बेहतर शायद ही कोई कास्ट हो सकता था। ऐसा लगा कि हम सावरकर को ही पर्दे पर देख रहे हैं। काला पानी वाले सीक्वेंस में रणदीप हुड्डा ने असाधारण एक्टिंग की है। इस रोल के लिए उन्होंने जो मेहनत की है, वो पर्दे पर साफ दिखाई देती है।

सावरकर के भाई के रोल में अमित सियाल और पत्नी के किरदार में अंकिता लोखंडे ने प्रभावित किया है। इसके अलावा कास्टिंग थोड़ी और बेहतर हो सकती थी, जैसे गांधी जी के रोल के लिए इससे बेहतर एक्टर को लिया जा सकता था। डॉ. अम्बेडकर का किरदार निभाने वाला एक्टर भी नहीं जंचा है।

अंकिता लोखंडे ने वीर सावरकर की पत्नी यमुनाबाई का किरदार निभाया है।

अंकिता लोखंडे ने वीर सावरकर की पत्नी यमुनाबाई का किरदार निभाया है।

डायरेक्शन कैसा है?
इस फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और राइटर रणदीप हुड्डा ही हैं। यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म में उन्होंने कमाल का काम किया है। 19वीं सदी के सीक्वेंस बिल्कुल असली लगते हैं। जेल के सीक्वेंस तो आपकी रूह कंपा देंगे। फर्स्ट हाफ में कहानी थोड़ी स्लो चलती है, लेकिन सेकेंड हाफ में आते-आते रफ्तार पकड़ लेती है।

फिल्म के वन लाइनर्स और डायलॉग्स ताली बजाने पर मजबूर कर देंगे। महात्मा गांधी और सावरकर के बीच के संवाद काफी मजेदार हैं। दोनों के बीच गजब के वैचारिक मतभेद दिखाए गए हैं। कुछ सीन्स ऐसे हैं, जो आपको इमोशनल कर सकते हैं।

सिनेमैटोग्राफी की भी तारीफ बनती है। आजादी के पहले का भारत कैसा होगा, सिनेमैटोग्राफर अरविंद कृष्णा ने इसे काफी बेहतरीन ढंग से दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का कलर टोन डॉर्क ही रखा गया है।

रणदीप हुड्डा अंडमान और निकोबार के उस सेल्यूलर जेल भी जा चुके हैं, जहां वीर सावरकर ने करीब 10 साल कालापानी की सजा गुजारी थी।

रणदीप हुड्डा अंडमान और निकोबार के उस सेल्यूलर जेल भी जा चुके हैं, जहां वीर सावरकर ने करीब 10 साल कालापानी की सजा गुजारी थी।

कैसा है फिल्म का म्यूजिक?
जैसा फिल्म का टॉपिक है, गाने भी उसी हिसाब से रखे गए हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि फिल्म में कुछ झूमने वाले देशभक्ति गाने होंगे तो ऐसा नहीं है। फिल्म के अंत में एक गाना जरूर आता है जो थोड़ा अलग और मराठी फ्लेवर वाला है।

फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?
भारत में बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं, जिनके बारे में अभी भी बहुत कम जानकारी है। वीर सावरकर के नाम की चर्चा तो हमेशा से थी, लेकिन इनके बारे में आम जनमानस को ज्यादा जानकारी नहीं थी। इस फिल्म के जरिए आपको उनके बारे में सब कुछ जानने का मौका मिलेगा। देश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जो कष्ट और यातनाएं झेलीं, उसके बारे में सभी को जानना चाहिए।

अगर आपको सावरकर के त्याग और समर्पण को जानना हो, तो इस फिल्म के लिए बिल्कुल जा सकते हैं। देश में चुनाव का माहौल है, इस फिल्म में कई ऐसे संवाद हैं, जो कई राजनीतिक पार्टियों को खटक सकते हैं, इसलिए कुछ लोग इसे प्रोपेगैंडा फिल्म भी समझ सकते हैं।

LIVE Dhar Bhojshala ASI Survey: धार की ऐतिहासिक भोजशाला का सर्वे शुरू, अलसुबह पहुंचा दल, जुमे की नमाज के लिए रोका जाएगा काम

सर्वे का लगभग एक घंटा पूरा हो चुका है। फिलहाल यह तय किया जा रहा है कि किस तरह से सर्वे की प्रक्रिया को आगे जारी रखा जाएगा।

आज नमाज भी होनी है

इधर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को अपने ही आदेश के चलते नमाज भी आज अदा करवाना होगी। शुक्रवार होने के कारण भोजशाला में मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति होती है। इसलिए प्राथमिक रूप से माना जा रहा है कि दोपहर 12:00 तक सर्वे का प्रथम चरण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जुम्मे की नमाज के लिए तैयारी की जाएगी और दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज अदा होने के बाद फिर से सर्वे का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा।

पांच विशेषज्ञों की टीम पहुंची

सर्वे करने के लिए पांच विशेषज्ञों की टीम पहले ही धार पहुंच चुकी थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का कहना है कि सर्वे की शुरुआत के बाद यह स्थिति स्पष्ट होगी कि यह सर्वे कितने दिन चलेगा। इसकी वजह यह है कि सर्वे करने के लिए कौन-कौन सी तकनीक या विशेषज्ञ की आवश्यकता होगी। यह पता लगाया जाएगा। कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसका पालन किया जा रहा है। ये विशेषज्ञ 22 मार्च को तय कर पाएंगे कि किस तरह से सर्वे को आग बढ़ाया जाए। तकनीकी विशेषज्ञ तय करेंगे कि उन्हें खोदाई आदि को लेकर आगे क्या करना है। किस तरह प्रमाण एकत्रित करना है। सर्वे का पहला दिन इस लिहाज से खास होगा।

बाहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था

धार की ऐतिहासिक भोजशाला में सर्वे के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का दल भी सूरज उगने से पहले ही धार पहुंच चुका था। सुबह से ही यहां पर बाहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। फिलहाल मीडियाकर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।

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सूर्योदय होते ही सर्वे टीम अंदर पहुंची और प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। वही हिंदू समाज की ओर से अंदर गोपाल शर्मा एवं आशीष गोयल गए हैं।

उपकरण भी लाए जाएंगे

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे आवश्यकता होगी। वैसे-वैसे उपकरण भी यहां पर लाए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि सर्वे में जैसे विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी, वैसे विशेषज्ञों को भी तैनात किया जाएगा। नईदुनिया से चर्चा में एडिशनल डाइरेक्टर जनरल, संस्कृति मंत्रालय डाॅ आलोक त्रिपाठी ने कहा था कि हम शुक्रवार 22 मार्च से सर्वे को शुरू कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि हमें हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना है। उसी के आदेश के तहत पूरी प्रक्रिया की जाएगी। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह सर्वे कितने दिन चलेगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि भोजशाला में हमारे पांच विशेषज्ञ जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से संबंधित है, वह यह तय कर पाएंगे कि उन्हें कितने दिन सर्वे करना है।

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साथ ही यह भी विशेषज्ञ ही तय कर पाएंगे कि यहां पर किस तरह की मशीनों की आवश्यकता होगी। इस तरह से अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। यह सर्वे की शुरुआत होने बाद में विशेषज्ञ द्वारा तय किया जाएगा कि किस तरह से आगामी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

Arvind Kejriwal arrest LIVE Replace Delhi CM spent the evening in ED workplace AAP Protest

LIVE BLOG

Up to date: Fri, 22 Mar 2024 08:29 AM (IST)

Revealed: Fri, 22 Mar 2024 07:44 AM (IST)

Arvind Kejriwal arrest LIVE Update: ED लॉकअप में गुजरी अरविंद केजरीवाल की रात, नहीं सो पाए, बेचैन रहे, जानिए आज क्या होगा
अरविंद केजरीवाल के बहाने विपक्ष एक बार फिर एकजुट होने की कोशिश कर रहा है।

एजेंसी, नई दिल्ली (Arvind Kejriwal Arrest Information Dwell)। आखिरकार दिल्ली शराब नीति कांड में मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Arrest) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर ही लिया। केजरीवाल को पूरी रात ईडी दफ्तर के लॉकअप में रखा गया। शुक्रवार को पूछताछ होगी। वहीं गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में भी अहम सुनवाई होगी। केजरीवाल को घर से बुलाकर खाना दिया गया। उन्हें कंबल और दवाएं दी गईं। हालांकि मुख्यमंत्री पूरी रात सो नहीं पाए और बेचैन रहे। यहां पढ़िए केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद के घटनाक्रम से जुड़ा हर अपडेट

Arvind Kejriwal arrest LIVE Replace Delhi CM spent the evening in ED workplace AAP Protest

22 March 2024

8 : 29 : 16 AM

Delhi LIVE: सुरक्षा के भारी बंदोबस्त

दिल्ली के सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक्साइज पॉलिसी मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने और ईडी मुख्यालय लाए जाने के बाद आईटीओ पर बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा तैनात की गई है।

8 : 08 : 13 AM

भाजपा ने जारी किया पोस्टर

 भाजपा ने जारी किया पोस्टर

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7 : 54 : 42 AM

Arvind Kejriwal NEWS LIVE Replace: जानिए आज क्या होगा

  •  केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी आज देशव्यापी प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में भारी हंगामा हो सकता है। इसके देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
  • केजरीवाल से आज ईडी पूछताछ शुरू करेगी। 
  • केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई होगी।
  • विपक्षी नेता केजरीवाल के खिलाफ एकजुटता दिखाएंगे। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी आज केजरीवाल के मुलाकात कर सकते हैं। 

7 : 52 : 17 AM

Arvind Kejriwal Evening in ED Lockup: ईडी लॉकअप में गुजरी रात

 अरविंद केजरीवाल को रातभर नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय के लॉकअप में रखा गया। उन्हें घर का खाना दिया गया। कंबल और दवाएं भी दी गईं। हालांकि केजरीवाल रातभर सो नहीं सके। 

7 : 50 : 45 AM

Arvind Kejriwal Information Replace: मनीष सिसोदिया के बाद अब केजरीवाल

आबकारी नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया को डिप्टी सीएम रहते सीबीआई के गिरफ्तार करने के 390 दिन बाद केजरीवाल को इसी घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है।

7 : 48 : 31 AM

Arvind Kejriwal arrest LIVE Replace: जानिए क्या हुए गुरुवार रात

  •  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार रात करीब नौ बजे भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिए गए।
  • इससे पहले दिन में हाई कोर्ट ने केजरीवाल को ईडी की कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया।
  • इसके बाद एक अतिरिक्त निदेशक के नेतृत्व में 10 सदस्यीय ईडी टीम केजरीवाल के आवास पर पहुंची।
  • करीब दो घंटे तक तलाशी और मोबाइल फोन जब्त कर पूछताछ के बाद ईडी गिरफ्तार कर उनको ले गई।
  • इस दौरान कुछ बरामदगी की भी बात सामने आ रही है।
  • मेडिकल परीक्षण कराने के बाद ईडी केजरीवाल को एक एसयूवी में रात करीब 11.25 बजे अपने कार्यालय में लेकर आई।
  • मुख्यमंत्री सफेद हाफ शर्ट पहने वाहन की पिछली सीट पर बैठे थे। उनके साथ ईडी के तीन अधिकारी मौजूद थे।