Loksabha Election 2024: फर्स्ट टाइम वोटर्स बने भाजपा की बड़ी ताकत, आंकड़ों में जानिये पिछले चुनाव में पार्टी ने कहां बनाई पैठ
ऐसे मतदाताओं की भी अच्छी खासी संख्या बन गई जो पहली बार वोट डालेंगे, जो युवा हैं, जो शतायु हैं और जो ट्रांसजेंडर हैं।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 01:59 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Mar 2024 02:03 PM (IST)

HighLights
- देश में कुछ मतदाताओं की संख्या 96.8 करोड़ है।
- इनमें से 49.7 करोड़ पुरुष वोटर्स हैं।
- महिला वोटर्स की संख्या 47.1 करोड़ है।
चुनाव डेस्क, इंदौर। लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान में जुट गए हैं। सात चरणों में होने वाले मतदान का पहला चरण 19 अप्रैल से शुरू होगा। 4 जून को मतगणना पश्चात परिणाम घोषित होंगे। इस बार के चुनाव आंकड़ों की दृष्टि से कुछ विशेष हैं। देश में मतदाताओं की संख्या में तो इजाफा हुआ ही है, ऐसे मतदाताओं की भी अच्छी खासी संख्या बन गई जो पहली बार वोट डालेंगे, जो युवा हैं, जो शतायु हैं और जो ट्रांसजेंडर हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार देश में कुछ मतदाताओं की संख्या 96.8 करोड़ है। इनमें से 49.7 करोड़ पुरुष वोटर्स हैं जबकि महिला वोटर्स की संख्या 47.1 करोड़ है। यहां उल्लेखनीय है कि 1.8 करोड़ ऐसे वोटर्स हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इन फर्स्ट टाइम वोटर्स से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था। तब के चुनाव परिणामों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि बीजेपी (303 सीटें, 37.6% वोट शेयर) न केवल 2014 के मुकाबले अपना समर्थन आधार बरकरार रखने में कामयाब रही, बल्कि भौगोलिक और सामाजिक रूप से भी विस्तार किया।
गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, असम, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर (जम्मू क्षेत्र) में, बीजेपी ने अपने 2014 के प्रदर्शन में सुधार किया। इसके साथ ही वोट शेयर भी बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो गया। असम और जम्मू-कश्मीर को छोड़ दिया जाए तो भाजपा ने 303 सीटों में 224 सीटों पर 50% से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की।
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गठबंधन के विरुद्ध प्रदर्शन, बढ़ाया भौगोलिक विस्तार
बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा और कुछ हद तक तेलंगाना में भाजपा का विजयी प्रदर्शन इसके दायरे में विस्तार को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और झारखंड में, जहां पार्टियों ने भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाया, भाजपा ने इससे निष्प्रभावित होते हुए अपनी जगह ना केवल कायम रखी, बल्कि बढ़ाई भी।
ग्रामीण व अर्ध-शहरी मतदाताओं में पैठ
2019 के परिणाम से पता चलता है कि बीजेपी अपने शहरी वोटों को बरकरार रखते हुए ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं के बीच आगे बढ़ने में कामयाब रही। पिछले चुनाव में ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा का वोट शेयर 6.6%, अर्ध-शहरी में 3.5% और शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में 2.2% बढ़ा। अब इस बार 2024 के चुनाव परिणाम में यह पता चलेगा कि भाजपा ने अर्ध-शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ कितनी बरकरार रखी है।
जाति-समुदाय का गणित उलटा
2019 में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भाजपा ने जाति-समुदाय का गणित उलट दिया। इसका वोट शेयर सभी श्रेणियों के निर्वाचन क्षेत्रों में, साथ ही दलित, आदिवासी और मुस्लिम आबादी के विभिन्न अनुपात वाले निर्वाचन क्षेत्रों में भी बढ़ गया।
फर्स्ट टाइम वोटर बन सकता है
पिछले चुनाव में बीजेपी के लिए पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के समर्थन में बड़ी वृद्धि हुई थी। कई राज्यों में किसानों ने भी बड़ी संख्या में बीजेपी को वोट दिया था। यदि भाजपा इसी वोटबैंक को 2024 में भी कायम रख पाती है तो अबके चुनाव में ये फर्स्ट टाइम वोटर बीजेपी की बड़ी ताकत बन सकते हैं।


