अकाउंट फ्रीज मामला: भाजपा का पलटवार, ‘राहुल गांधी ने देश से झूठ बोला, हार की हताशा में कांग्रेस बहाना ढूंढ रही’
Lok Sabha Election 2024: भाजपा प्रवक्ताओं के अनुसार, राहुल ने कहा कि कांग्रेस का नहीं, देश का अकाउंट फ्रीज हुआ है। यह घोर आपत्तिजनक है।
By Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 21 Mar 2024 02:40 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 21 Mar 2024 02:40 PM (IST)

HighLights
- कांग्रेस ने खाता फ्रीज करने की कार्रवाई पर जताई आपत्ति
- इनकम टैक्स के एक्शन को बताया मोदी सरकार की साजिश
- भाजपा ने पलटवार कर बताई सच्चाई, राहुल गांधी पर भी निशाना
एजेंसी, नई दिल्ली। अकाउंट फ्रीज मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है। आर्थिक तंगी के कारण चुनाव लड़ने में मुश्किलों का सामना कर रही कांग्रेस की ओर से 3 शीर्षस्थ नेताओं, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो भाजपा ने भी तगड़ा पलटवार किया। यहां पढ़िए पूरी बयानबाजी
राहुल गांधी ने देश का सामने झूठ बोला: रविशंकर प्रसाद
रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, राहुल गांधी ने आज देश के सामने झूठ बोला है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस का नहीं, देश का अकाउंट फ्रीज हुआ है। यह घोर आपत्तिजनक है।
Press convention by Shri @rsprasad at get together headquarters in New Delhi.
— BJP (@BJP4India) March 21, 2024
बकौल रविशंकर, यदि देश की जनता कांग्रेस को वोट नहीं देती, तो हम क्या करें। कांग्रेस के नेताओं को जानकारी का भी अभाव है। जिस इनकम टैक्स केस का जिक्र किया गया है, उसकी सुनवाई 1 अप्रैल को है। यह बात क्यों छिपाई गई। राहुल गांधी अल्पज्ञान का शिकार हैं।
राहुल गांधी ने आज देश को और लोकतंत्र को शर्मसार किया है। देश आपकी पार्टी से बड़ा है। देश का आज सुना कि राहुल गांधी झूठी गाली भी दे सकते हैं।
(कांग्रेस बोली- हमारे पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला…पूरी खबर पढ़ने और वीडियो देखने के लिए फोटो पर क्लिक करें)
जेपी नड्डा ने लिखा- यह कांग्रेस का आर्थिक नहीं, नैतिक दिवालियापन है
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, कांग्रेस को अहसास हो गया है कि जनता लोकसभा चुनावों में उनको पूरी तरह से खारिज कर देगी और ऐतिहासिक हार के डर से उनके शीर्ष नेतृत्व ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। यह भारतीय लोकतंत्र और संस्थानों के खिलाफ बयानबाजी है। कांग्रेस के नेता आसानी से अपनी अप्रासंगिकता का दोष ‘वित्तीय परेशानियों’ पर मढ़ रहे हैं। दरअसल, उनका दिवालियापन आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और बौद्धिक है।
























