सच के साथी सीनियर्स : वडोदरा में वरिष्ठ नागरिकों को दी फैक्ट चेकिंग की ट्रेनिंग, बताया- कैसे पहचानें डीपफेक वीडियो
जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज 21 मार्च 2024 को वडोदरा पहुंची। इश दौरान वरिष्ट नागरिकों के लिए ‘सच के साथी सीनियर्स’ अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों भ्रामक खबरों से बचने के लिए फैक्ट चेकिंग की जानकारी दी गई।
By Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 21 Mar 2024 08:13 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 21 Mar 2024 08:13 PM (IST)
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HighLights
- वडोदरा में सच के साथी सीनियर्स का आयोजन
- वरिष्ठ नागरिकों को मिली फेक्ट चेकिंग की ट्रेनिंग
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज 21 मार्च 2024 को वडोदरा पहुंची। इश दौरान वरिष्ट नागरिकों के लिए ‘सच के साथी सीनियर्स’ अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों भ्रामक खबरों से बचने के लिए फैक्ट चेकिंग की जानकारी दी गई।
फैक्ट चेकिंग कार्यशाला में वरिष्ठ नागरिकों को जागरण न्यू मीडिया के एडिटर-इन-चीफ एवं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश उपाध्याय ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर की हर इंसान को आवश्यकता होती है। उसी तरह स्वस्थ मन के लिए सही जानकारियों का होना बहुत जरूरी है। फर्जी सूचनाओं से समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि फर्जी सूचनाओं से खुद को बचाने है।
राजेश उपाध्याय ने कार्यक्रम में शिरकत कर रहे लोगों को बताया कि आपके पास आई किसी भी जानकारी को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं। हर मैसेज पर हमको भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस तरह की भ्रामक खबरों को पहचानने के लिए ऑनलाइन टूल्स की भी जानकारी दी। इस कार्यक्रम में बताया गया कि डीपफेक वीडियो व तस्वीरों को कैसे पहचाना जा सकता है।
आयोजन के दौरान गुजराती जागरण के एसोसिएट एडिटर जीवन कपूरिया और डिप्टी एडिटर राजेंद्र सिंह परमार भी मौजूद रहे।
अलग-अलग राज्यों में हुए हैं आयोजन
गुजरात के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार के अलग-अलग शहरों में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। गूगल न्यूज इनिशिएटिव (जीएनआई) के सहयोग से संचालित हो रहे इस कार्यक्रम का अकादमिक भागीदार माइका (मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद) है।
अभियान के बारे में
‘सच के साथी सीनियर्स’ भारत में तेजी से बढ़ रही फेक और भ्रामक सूचनाओं के मुद्दे को उठाने वाला मीडिया साक्षरता अभियान है। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 राज्यों के 50 शहरों में सेमिनार और वेबिनार की श्रृंखला के माध्यम से स्रोतों का विश्लेषण करने, विश्वसनीय और अविश्वसनीय जानकारी के बीच अंतर करते हुए वरिष्ठ नागरिकों को तार्किक निर्णय लेने में मदद करना है। इसमें रजिस्ट्रेशन करने के लिए www.vishvasnews.com/sach-ke-sathi-seniors/ पर क्लिक करें।



