केजरीवाल ने ऐसे ही कुछ अटपटे बयान दिये थे जो लंबे समय तक सुर्खी बने रहे। इन बयानों के चलते उनकी आलोचना भी हुई थी।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 20 Mar 2024 12:34 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 20 Mar 2024 12:57 PM (IST)
HighLights
- पिछले लोकसभा चुनाव में केजरीवाल ने अटपटे बयान दिये थे जो सुर्खी बने रहे।
- पहला बयान उन्होंने अमित शाह को लेकर दिया था।
- दूसरा बयान गठबंधन के सदंर्भ में राहुल गांधी पर था।
चुनाव डेस्क, इंदौर। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कई बार उनके बयान विवाद खड़ा कर देते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के समय जब सभी राजनीतिक दल अपने प्रचार अभियान में जुटे हुए थे, तब केजरीवाल ने ऐसे ही कुछ अटपटे बयान दिये थे जो लंबे समय तक सुर्खी बने रहे। इन बयानों के चलते उनकी आलोचना भी हुई थी। यहां उनके मुख्य रूप से दो बयानों का जिक्र किया जा सकता है। पहला बयान उन्होंने ट्टिवर पर अमित शाह को लेकर दिया था, जबकि दूसरा बयान राहुल गांधी पर था। इन बयानों के पीछे वजह उनकी असुरक्षा थी या किसी प्रकार का भय अथवा केवल चर्चा में रहने के लिए उन्होंने ऐसा कहा था, यह तो पढ़कर ही पता किया जा सकता है।
अमित शाह को लेकर यह कहा था
सोशल मीडिया पर 10 मई 2019 को सुबह 8 बजे केजरीवाल ने पोस्ट करते भड़काऊ शैली में अपनी बात कही थी। उन्होंने यह संभावना जताई थी कि अमित शाह देश के अगले गृह मंत्री बन सकते हैं।
पूरी पोस्ट इस प्रकार से थी, “देशवासियों, वोट देते वक़्त सोचना। अगर मोदी जी दोबारा आ गए तो अमित शाह गृह मंत्री होंगे। जिस देश का गृह मंत्री अमित शाह हो, उस देश का क्या होगा, ये सोच के वोट डालना”। केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी दोबारा सत्ता में नहीं आ पाएगी। उन्होंने यहां तक कहा था कि हमारा एकमात्र ध्येय मोदी व शाह को सत्ता में दोबारा आने से रोकना है। इनके अलावा हम अन्य का समर्थन करेंगे। केजरीवाल को एनसीआर में आम आदमी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि भाजपा केवल मोदी के नाम पर वोट मांग रही है लेकिन जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति एवं बिजली दरों पर फोकस की अपेक्षा है।
राहुल गांधी पर कसा था यह तंज
केजरीवाल ने राहुल गांधी पर उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन, केरल में वाम दलों, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी दोबारा सत्ता में आए तो राहुल गांधी इसके जिम्मेदार होंगे। केजरीवाल ने कहा, “कांग्रेस यूपी में एसपी-बीएसपी गठबंधन, केरल में लेफ्ट, पश्चिम बंगाल में टीएमसी, आंध्र में टीडीपी और दिल्ली में आप को नुकसान पहुंचा रही है…अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में वापस आते हैं, तो राहुल गांधी ही जिम्मेदार होंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई से साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि, “ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कांग्रेस भाजपा के खिलाफ नहीं बल्कि विपक्षी दलों के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस बिगाड़ने का काम कर रही है।
राष्ट्रवाद पर भी उठाए थे सवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी प्रमुख क्षेत्र में कुछ भी देने में “पूरी तरह से विफल” रहे हैं और यही कारण है कि वह “फर्जी राष्ट्रवाद” का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “मोदी जी का राष्ट्रवाद नकली है। यह देश के लिए खतरनाक है। वह वोट पाने के लिए सशस्त्र बलों का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि उनके पास दिखाने के लिए कोई काम नहीं है।
कर डाली थी मोदी व मनमोहन की तुलना
केजरीवाल ने 2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तुलना करते हुए कहा था कि एक प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह मोदी से कई गुना बेहतर थे।
देशवासियों, वोट देते वक़्त सोचना। अगर मोदी जी दोबारा आ गए तो अमित शाह गृह मंत्री होंगे। जिस देश का गृह मंत्री अमित शाह हो, उस देश का क्या होगा, ये सोच के वोट डालना।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) Could 10, 2019






