Amethi Lok Sabha Seat: अमेठी के अजेय योद्धा थे राजीव गांधी, आज तक नहीं टूटा ये रिकॉर्ड

Amethi Lok Sabha Seat विपक्ष की ओर लोकदल के टिकट पर मैदान में उतरे शरद यादव को मात्र 6.89 फीसद वोट ही मिले थे।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Wed, 20 Mar 2024 10:32 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 20 Mar 2024 10:38 AM (IST)

Amethi Lok Sabha Seat: अमेठी के अजेय योद्धा थे राजीव गांधी, आज तक नहीं टूटा ये रिकॉर्ड
संजय गांधी के निधन के बाद अमेठी उप चुनाव के दौरान साल 1981 में राजीव गांधी को रिकार्ड 84.18 फीसद मत मिले।

HighLights

  1. अमेठी संसदीय क्षेत्र का गठन 1967 में किया गया था।
  2. तब से अभी तक सिर्फ राजीव गांधी ही एक ऐसे नेता है, जो इस सीट से लगातार 4 बार सांसद रहे हैं।
  3. राजीव गांधी का ये रिकॉर्ड अभी तक नहीं टूटा है।

दिलीप सिंह, अमेठी। बीते लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट भले ही भाजपा ही फतह कर ली हो लेकिन एक समय ऐसा था, जब अमेठी लोकसभा सीट पर बड़े-बड़े राजनीतिक योद्धाओं को हार का सामना करना पड़ा था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी अमेठी लोकसभा सीट के अजेय योद्धा बनकर उभरे थे। छोटे भाई संजय गांधी के निधन के बाद जब राजीव गांधी ने उनकी राजनीतिक विरासत संभाली थी तो अमेठी लोकसभा सीट से ही उन्होंने चुनाव लड़ा था। अमेठी की जनता ने राजीव गांधी को सिर माथे पर बिठाया था। राजीव गांधी 1981 से अपने निधन तक अमेठी से सांसद बने रहे।

अमेठी से 4 बार सांसद रहे राजीव गांधी

प्रधानमंत्री बन राजीव गांधी ने भी देश व दुनिया में अमेठी का मान बढ़ाने को कोई कसर नहीं छोड़ी। साल 1991 में जब राजीव गांधी की हत्या हुई थी, तब लोकसभा चुनाव चल रहे थे और 20 मई 1991 को अमेठी में वोटिंग हुई थी और अगले ही दिन 21 मई को राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। इन चुनावों में राजीव गांधी को 54 फीसदी वोट मिले थे, वहीं उनकी करीबी प्रतिद्वंदी को सिर्फ 22 फीसदी वोट ही मिले थे। राजीव गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अमेठी से की थी और एक के बाद एक 4 लोकसभा चुनाव जीतकर जीवन के अंत तक अमेठी से ही सांसद बने रहे।

अमेठी संसदीय सीट का ऐसा है इतिहास

अमेठी संसदीय क्षेत्र का गठन 1967 में किया गया था। तब से अभी तक सिर्फ राजीव गांधी ही एक ऐसे नेता है, जो इस सीट से लगातार 4 बार सांसद रहे हैं। राजीव गांधी का ये रिकॉर्ड अभी तक नहीं टूटा है। संजय गांधी के निधन के बाद अमेठी उप चुनाव के दौरान साल 1981 में राजीव गांधी को रिकार्ड 84.18 फीसद मत मिले। विपक्ष की ओर लोकदल के टिकट पर मैदान में उतरे शरद यादव को मात्र 6.89 फीसद वोट ही मिले थे। तब राजीव गांधी 2,37696 मतों के भारी अंतर से जीतकर पहली बार संसद पहुंचे। इसके बाद राजीव गांधी ने 1984, 1989 व 1991 के आम चुनाव में भी बड़ी जीत दर्ज की।

हत्या के बाद 1 लाख से अधिक मतों से जीते

1991 के आम चुनाव में अमेठी सीट पर कांग्रेस से राजीव गांधी व भाजपा के रविंद्र प्रताप सिंह के बीच मुकाबला था। तब 20 मई को मतदान हुआ था और 21 मई को राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के दौरान हत्या कर दी गई थी। जब मतों की गिनती हुई तो राजीव गांधी को 53.23 फीसदी वोट हासिल हुए, वहीं भाजपा के रविंद्र प्रताप सिंह को 21.35 फीसद मत प्राप्त हुए। इन चुनावों में दिवंगत राजीव गांधी 1 लाख 12 हजार 85 मतों से विजयी हुए।

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    कई मीडिया संस्थानों में कार्य करने का करीब दो दशक का अनुभव। करियर की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र खंडवा से हुई। महाराष्ट्र में फील्ड रिपोर्टिंग, भोपाल दूरदर्शन, ETV न्यूज़ सहित कुछ रीजनल न्यूज चैनल में काम करके इलेक्