जागरण न्यूज मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज ने 20 मार्च को अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर के पास सदविचार परिवार में कार्यशाला का ‘सच के साथी सीनियर्स’ का आयोजन हुआ। इसमें वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल युग में मिलने वाली भ्रामक जानकारियों से बचने का तरीका बताया गया।
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 20 Mar 2024 07:57 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 20 Mar 2024 07:57 PM (IST)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। जागरण न्यूज मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज ने 20 मार्च को अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर के पास सदविचार परिवार में कार्यशाला का ‘सच के साथी सीनियर्स’ का आयोजन हुआ। इसमें वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल युग में मिलने वाली भ्रामक जानकारियों से बचने का तरीका बताया गया।
जागरण न्यू मीडिया के एडिटर-इन-चीफ एवं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश उपाध्याय ने बताया कि गलत खानपान की वजह से हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। उसी तरह गलत सूचनाएं मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध सूचना को बिना जांचकर आगे न बढ़ाएं।
‘सच के साथी-सीनियर्स’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि सोशल मीडिया के जरिए ठग फिशिंग लिंक्स भेज देते हैं। इस झांसे में आकर लोगों के साथ ठगी हो जाती है। ऐसे लिक्स से सतर्क रहने की जरूरत है। इन पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों को उदाहरण से बताया कि सच, राय और अफवाह क्या होती है। सच, राय और अफवाह में अंतर करने के बाद ही मैसेज को आगे बढ़ाना चाहिए। अगर वायरल मैसेज अफवाह या भ्रामक है, तो इसकी सच्चाई का पता लगाकर चेन तोड़ देनी चाहिए।
अभियान के बारे में
‘सच के साथी सीनियर्स’ भारत में तेजी से बढ़ रही फेक और भ्रामक सूचनाओं के मुद्दे को उठाने वाला मीडिया साक्षरता अभियान है। कार्यक्रम का उद्देश्य 15 राज्यों के 50 शहरों में सेमिनार और वेबिनार की श्रृंखला के माध्यम से स्रोतों का विश्लेषण करने, विश्वसनीय और अविश्वसनीय जानकारी के बीच अंतर करते हुए वरिष्ठ नागरिकों को तार्किक निर्णय लेने में मदद करना है। इसमें रजिस्ट्रेशन करने के लिए www.vishvasnews.com/sach-ke-sathi-seniors/ पर क्लिक करें।






