काम की खबर: मोबाइल यूजर्स ध्यान दें, 1 जुलाई के बाद सिम पोर्ट कराना हो जाएगा मुश्किल
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Cell Quantity Portability) और सिम रिप्लेसमेंट का लगातार गलत इस्तेमाल हो रहा है।
By Sandeep Chourey
Publish Date: Tue, 19 Mar 2024 11:42 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 19 Mar 2024 11:42 AM (IST)

HighLights
- ट्राई का यह ताजा अपडेट टेलीकम्युनिकेशन विभाग के सुझाव के बाद लागू किया गया है।
- अगर कोई यूजर पुरानी सिम, खराब या चोरी होने पर एक नया फिजिकल सिम लेता है तो पहले की तरह नए टेलीकॉम ऑपरेटर पर स्विच नहीं किया जा सकेगा।
- 7 दिन की अवधि पूरी होने पर ही ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक टेलीकॉम ऑपरेटर में बदलाव कर सकता है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, इंदौर। ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India) समय-समय पर सिम कार्ड से जुड़े नियमों को अपडेट करता है ताकि यूजर्स किसी धोखाधड़ी के शिकार न हो और उनकी सिम का गलत इस्तेमाल न हो सके। इसके अलावा मोबाइल कंपनियों की मनमानी पर ट्राई नजर रखता है। इसी कड़ी में अब मोबाइल यूजर्स के लिए अपनी सिम पोर्ट करना मुश्किल भरा काम हो सकता है।
सिम कार्ड को लेकर ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India) ने हाल ही में एक लेटेस्ट अपडेट जारी किया है। ट्राई ने टेलीकम्युनिकेशन मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी रेगुलेशन (Telecommunication Cell Quantity Portability Laws, 2023) ड्राफ्ट रिलीज किया है। नए अपडेट के मुताबिक, अब नया सिम लेने के 7 दिन के भीतर ही पोर्ट नहीं कराया जा सकता है। मोबाइल यूजर्स के लिए सिम को लेकर ये नए नियम 1 जुलाई से लागू होंगे।
ट्राई का यह ताजा अपडेट टेलीकम्युनिकेशन विभाग (Division of Telecommunications) के सुझाव के बाद लागू किया गया है। अगर कोई यूजर पुरानी सिम, खराब या चोरी होने पर एक नया फिजिकल सिम लेता है तो पहले की तरह नए टेलीकॉम ऑपरेटर पर स्विच नहीं किया जा सकेगा।7 दिन की अवधि पूरी होने पर ही ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक टेलीकॉम ऑपरेटर में बदलाव कर सकता है।
सिम से जुड़े घोटालों पर नकेल
दरअसल, सिम को लेकर नए नियम इसलिए लाए गए हैं ताकि सिम से जुड़े स्कैम को रोका जा सके। ट्राई की ओर से कहा गया है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Cell Quantity Portability) और सिम रिप्लेसमेंट का लगातार गलत इस्तेमाल हो रहा है। इस पर नकेल कसने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। इन सुविधाओं को लेकर स्कैमर्स तेजी से एक्टिव हो रहे हैं, इस कारण देश में कई ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है।


