बलिदानी महेन्द्र कर्मा विश्वविद्याय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने मंगलवार को जगदलपुर पहुंचे राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन से मिलकर एनएसयूआइ ने 13 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा।
By Deepak Kumar
Publish Date: Wed, 06 Mar 2024 10:11 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 06 Mar 2024 10:11 PM (IST)
नईदुनिया न्यूज, जगदलपुर। बलिदानी महेन्द्र कर्मा विश्वविद्याय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने मंगलवार को जगदलपुर पहुंचे राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन से मिलकर एनएसयूआइ ने 13 सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है। एनएसयूआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह बिसेन ने बताया कि कालेजों में प्रभारियों को हटाकर स्थायी नियुक्तियां करने से ही व्यवस्था में सुधार होगा।
विश्वविद्यालय में स्वाध्यायी परीक्षार्थियों से शारीरिक शिक्षा और पुस्तकालय के नाम शुल्क लिया जाना उचित नही है क्योंकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों को यहां कोई सुविधा नहीं मिलती है। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के स्वाध्यायी विद्यार्थियों से जनभागीदारी शुल्क की वसूली भी नहीं होना चाहिए क्योंकि परीक्षा में शामिल होने फार्वर्डिंग शुल्क देते हैं। ज्ञापन में विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में आने जाने के लिए सिटी बस की सुविधा, कालेजों में कैंटीन खोलने, ग्रंथालयों में अध्ययन कक्ष भी जरूरी है।
विश्वविद्यालय में फारेस्ट्री विषय कई वर्षों से पढ़ाया जा रहा है किंतु इस विषय को लेकर उत्तीर्ण होने वाले छात्रों का पंजीयन रोजगार दफ्तरों में नहीं किया जाता है। वन विभाग उन्हें विभागीय नौकरियों में प्राथमिकता भी नहीं देता, जबकि इस विषय के छात्र वन और वन्य जीवन की गहरी जानकारी रखते हैं। राज्यपाल से एनएसयूआइ ने फारेस्ट्री के विद्यार्थियों के समक्ष आ रही परेशानियों को दूर करने हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों के हित में कई अन्य मांगे भी रखी गई हैं। ज्ञापन सौपने प्रतिनिधिमंडल में ज्योति राव, मनोहर सेठिया, नीलम कश्यप, पंकज केंवट, अयाज़, नुरेंद्र साहू, मनीष कश्यप आदि शामिल थे।





