टीएमसी सांसद अर्जुन सिंह व दिब्येंदू अधिकारी ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। दिब्येंदू अधिकारी भाजपा के पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता सुवेंधु अधिकारी के भाई हैं। अर्जुन सिंह बैरकपुर से 2019 में भाजपा से ही सांसद बने थे, लेकिन फिर बाद में तृणमूल कांग्रेस में चले गए थे।
By Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 15 Mar 2024 05:07 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 15 Mar 2024 05:07 PM (IST)
एएनआई, नई दिल्ली। टीएमसी सांसद अर्जुन सिंह व दिब्येंदू अधिकारी ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। दिब्येंदू अधिकारी भाजपा के पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता सुवेंधु अधिकारी के भाई हैं। अर्जुन सिंह बैरकपुर से 2019 में भाजपा से ही सांसद बने थे, लेकिन फिर बाद में तृणमूल कांग्रेस में चले गए थे।
अर्जुन सिंह ने कहा कि मैं 2019 में भाजपा से सांसद बना। 2021 में चुनाव के बाद बहुत भयानक हिंसा हुई। उसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए मुझे भाजपा से दूरी बनानी पड़ी। उनकी हत्या की जा रही थी। मैंने देखा कि टीएमसी सरकार पुलिस और गुंडों की मदद से सिर्फ सत्ता में बने रहना चाहती है। इसका ताजा उदाहरण हमने संदेशखाली में देखा। सिर्फ एक संदेशखाली नहीं है, बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में लोग संदेशखाली की तरह ही रह रहे हैं।
संदेशखाली पूरे देश का मुद्दा
दिब्येंदु अधिकारी ने कहा कि यह मेरे लिए एक अच्छा दिन है, क्योंकि मैं आज बीजेपी परिवार में शामिल हो रहा हूं। संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ जो हुआ है, वह अकेले बंगाल का नहीं बल्कि पूरे देश का मुद्दा है। भाजपा सबसे पहले पीड़ितों तक पहुंची। कोई अन्य राजनीतिक दल ऐसा नहीं कर सका।
भाजपा कार्यकर्ता के रूप में करेंगे काम
उन्होंने कहा कि लोगों को बंगाल की मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें थीं, क्योंकि वह भी एक महिला हैं। बंगाल में महिलाओं को वह सम्मान नहीं है, जो मिलना चाहिए। वहां कानून का कोई शासन नहीं है। हमारा काम भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करना है। पार्टी को आगे ले जाने और पीएम मोदी के लिए 400 से अधिक सीटें दिलाने के लिए जमीन पर काम करना होगा।






