Ambikapur crime Information : कस्टम मिलिंग का धान किसानों,कोचियों को बेचा,राइस मिल सील

Ambikapur crime Information : सरगुजा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में राइस मिलर भी गड़बड़ी कर रहे हैं। कस्टम मिलिंग के लिए समितियों से धान के उठाव के बाद उसे कोचियों को बिक्री कर दिया जा रहा है। कोचियों के माध्यम से यह धान फिर किसानों के पास पहुंच रहा था।

Publish Date: Tue, 23 Jan 2024 11:25 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 23 Jan 2024 11:25 PM (IST)

Ambikapur crime News :  कस्टम मिलिंग का धान किसानों,कोचियों को बेचा,राइस मिल सील

अंबिकापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरगुजा जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में राइस मिलर भी गड़बड़ी कर रहे हैं। कस्टम मिलिंग के लिए समितियों से धान के उठाव के बाद उसे कोचियों को बिक्री कर दिया जा रहा है। कोचियों के माध्यम से यह धान फिर किसानों के पास पहुंच रहा था। जिस किसान के पास धान कम रहता है वे इसी धान को फिर से समिति में खपा देते है। ऐसी ही गड़बड़ी के मामले में प्रशासनिक टीम ने सीतापुर के देवगढ़ में स्थित एक राइस मिल को सील कर दिया है। कस्टम मिलिंग के धान की बिक्री का यह संभवतः पहला मामला है। प्रकरण की जांच चल रही है।

कलेक्टर सरगुजा भोसकर विलास संदिपान् के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा सतीश अग्रवाल द्वारा संचालित जय हनुमान राइस मिल ग्राम पंचायत देवगढ़ विकासखंड सीतापुर द्वारा किसानों को धान विक्रय करने सम्बन्धित शिकायत पर औचक निरीक्षण कर जांच किया गया । शिकायत के आधार पर जांच दल द्वारा राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। जिला खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी ने बताया कि राइस मिल , कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंधित है। समितियों से धान का उठाव किया जाता है। नियमों के तहत कस्टम मिलिंग के बाद चावल को जमा करना होता है लेकिन आरोप है कि राइस मिल संचालक द्वारा धान का उठाव कस्टम मिलिंग के लिए करने के बाद उसकी बिक्री कर दी जा रही थी।

शिकायत मिल रही थी कि किसानों द्वारा इसी धान को समितियों को बिक्री कर दिया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार इधर राइस मिल संचालकों द्वारा कस्टम मिलिंग के नाम पर पड़ोसी प्रान्तों से चावल लाकर सीधे सरकारी गोदामों में जमा कर दिया जाता है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा जा रहा है। उनके निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। राइस मिल से किसानों, कोचियों को धान न बेचा जा सके इसलिए राइस मिल को सील किया गया है।मिलर्स पर छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 एवम आवश्य्क वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कार्यवाही की जावेगी।जांच में रविंद सोनी खाद्य अधिकारी, अरुण विश्वकर्मा जिला विपणन अधिकारी , रोशन गुप्ता सहायक खाद्य अधिकारी एवम संदीप गुप्ता नोडल अधिकारी स्टेट वेयरहाउसिंग सम्मिलित थे।