पांचवा चरण (20 मई) – 14 सीट
छठा चरण (29 मई) – 14 सीटें
सातवां चरण (1 जून) – 13 सीट
4 जून को नतीजें
प्रदेश में लगी आचार संहिता
लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखों के एलान के बाद पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। उसके बाद सरकार किसी भी तरह की नई परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास नहीं कर पाएगी। इस दौरान पूरी तरह से प्रदेश चुनावी माहौल में रंगा दिखाई देगा। भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस सभी मुख्य राजनीतिक दल जनता के बीच में जाकर अपने-अपने लिए वोट मांगेंगे।
2019 में सात चरणों में हुआ था मतदान
2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में इलेक्शन कमीशन ने सात चरणों में मतदान करवाया था। यूपी के अलावा अगर देखें, तो सिर्फ बिहार व बंगाल में भी सात चरणों में मतदान कराने की जरूरत पड़ी थी।
पहला चरण (11 अप्रैल)
सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर।
दूसरा चरण (18 अप्रैल)
नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा और फतेहपुर सीकरी।
तीसरा चरण (23 अप्रैल)
मुरादाबाद, रामपुर, संभल, फीरोजबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली और पीलीभीत।
चौथा चरण (29 अप्रैल)
शाहजहांपुर, खीरी, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, जालौन, झांसी और हमीरपुर।
पांचवां चरण (6 मई)
धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज और गोंडा।
छठा चरण (12 मई)
सुलतानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर और भदोही।
सातवां चरण (19 मई)
महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मीरजापुर और राबर्ट्सगंज।





