Film Assessment Homicide Mubarak, sara ali khan, pankaj tripathi, Film Assessment Homicide Mubarak on dainik bhaskar | मूवी रिव्यू- मर्डर मुबारक: सस्पेंस और कॉमेडी का तगड़ा डोज, पंकज त्रिपाठी फिर लाइमलाइट ले उड़े; होमी अदजानिया का डायरेक्शन कमाल
मुंबई1 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी
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फिल्म मर्डर मुबारक ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आज रिलीज हुई। सस्पेंस और कॉमेडी ड्रामा इस फिल्म की लेंथ 2 घंटे 13 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में 3.5 स्टार रेटिंग दी है।
फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी अपर क्लास लोगों की दुनिया की झलक दिखाती है। साथ ही यह एहसास भी दिलाती है कि अक्सर जो दिखता है वो होता नहीं। द रॉयल दिल्ली क्लब, यह वो जगह है जहां इस कहानी की शुरुआत होती है। दिवाली पार्टी चल रही होती है, एक्टर से लेकर बिजनेस पर्सन, राजा से लेकर महाराजा तक सभी इसमें मौजूद होते हैं। तभी एक बच्ची के चिल्लाने की आवाज आती है।
इसके कुछ देर बाद लियो मैथ्यू (आशिम गुलाटी) की एक्सरसाइज करते हुए मौत हो जाती है। इस मौत को क्लब के प्रेसिडेंट एक हादसा बता कर केस बंद करने को कहते हैं। हालांकि, एसीपी भवानी सिंह (पंकज त्रिपाठी) अपने अनोखे अंदाज से पता लगा ही लेते हैं कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश है।
शक की सुई सभी पर जाती है। सब एक-एक करके एसीपी भवानी सिंह के रडार पर हैं और इस तरह सभी की जिंदगी से जुड़ी असलियत सामने आ जाती है। फिल्म में कई ट्विस्ट और टर्न हैं। जब लगेगा कि आपने असली कातिल को पहचान लिया तब शक की सुई किसी और की तरफ इशारा करने लगेगी।
फिल्म शुरू से लेकर अंत तक एंटरटेनमेंट से लेकर रोमांच बनाए हुए है। फिल्म में यह देखना बेहद दिलचस्प है कि किस तरह से एसीपी भवानी सिंह इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हैं और इसके साथ कई और राज से भी पर्दा उठाते हैं।

फिल्म आज यानी 15 मार्च को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है।
स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?
फिल्म मल्टीस्टारर है, फिल्म में काशी (विजय वर्मा) और बांबी तोड़ी (सारा अली खान) की लव स्टोरी भी देखने मिलती है। इसके साथ ही फिल्म में टिस्का चोपड़ा, संजय कपूर, डिंपल कपाड़िया और लंबे वक्त बाद करिश्मा कपूर भी देखने को मिलेंगी। हालांकि, इस बार भी पंकज त्रिपाठी ने अपनी शानदार एक्टिंग से लाइमलाइट लूट ली है। पूरी फिल्म में पंकज त्रिपाठी आपको अपने अनोखे अंदाज से हंसने के साथ केस में दिलचस्पी बनाए रखने को मजबूर करते हैं।

यह एक मल्टीस्टारर फिल्म है।
डायरेक्शन कैसा है?
होमी अदजानिया फिल्म के डायरेक्टर हैं। उन्होंने फिल्म को शुरू से लेकर अंत तक क्रिस्प बनाए रखा है। गजल धालीवाल और सुप्रोतिम सेनगुप्ता की लिखी कहानी अलग है और खुद के साथ बांधे रखती है। फिल्म की शुरुआत में ही बोल्ड सीन्स हैं, जो दर्शकों को खटक सकते हैं। फिल्म में एक-दो सीन बेवजह रखे गए हैं। अगर इसे ट्रीम किया गया रहता तो फिल्म और भी क्रिस्प हो सकती थी।

होमी अदजानिया (बाएं) ने कॉकटेल और सास बहू और फ्लेमिंगो जैसी कई फिल्में और शोज का डायरेक्शन किया है।
फाइनल वर्डिक्ट, फिल्म देखें या नहीं?
सस्पेंस और हल्की फुल्की कॉमेडी से भरपूर यह फिल्म मस्ट वॉच की कैटेगरी में आती है। फिल्म में अंत तक इंटरेस्ट बनाए रखने की कोशिश की गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है, इसलिए इसे देखने के लिए आपको बाहर जाने की भी जरूरत नहीं है। हालांकि फिल्म में कुछ बोल्ड सीन्स हैं, इसलिए फैमिली के साथ अपनी रिस्क पर देखें।

