Nitish Cupboard Enlargement: पढ़ें आखिर कब होगा बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा की वजह से हो रही देरी!

नीतीश कुमार का भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद पहला मंत्रिमंडल अटका हुआ है। अब बुधवार को पटना में दिन भर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा चलती रही। यह सुनने में आया कि गुरुवार की शाम तक नए मंत्री सरकार में शामिल हो जाएंगे, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Wed, 13 Mar 2024 10:16 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 13 Mar 2024 10:16 PM (IST)

Nitish Cabinet Expansion: पढ़ें आखिर कब होगा बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा की वजह से हो रही देरी!
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। नीतीश कुमार का भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद पहला मंत्रिमंडल अटका हुआ है। अब बुधवार को पटना में दिन भर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा चलती रही। यह सुनने में आया कि गुरुवार की शाम तक नए मंत्री सरकार में शामिल हो जाएंगे, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

सूत्रों की मानें तो भाजपा की तरफ से अभी तक उन नेताओं के नाम नहीं सौंपे गए हैं, जिनको मंत्री बनाया जाना है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार अटका हुआ है।

50 दिन के बाद भी नहीं हो रहा मंत्रिमंडल विस्तार

नीतीश कुमार के भाजपा के साथ सरकार बनाने की घटना को 50 दिन बीत गए हैं। अभी तक सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। इस सप्ताह ऐसी चर्चाएं होती रहीं कि 15 मार्च तक सरकार में नए मंत्री शामिल हो सकते हैं।

नीतीश को बीजेपी की लिस्ट का इंतजार

यह चर्चा बहुत पहले से चल रही है कि नीतीश कुमार की सरकार का विस्तार 15 मार्च तक हो जाएगा। बुधवार को फिर से इस बात ने तूल पकड़ ली कि गुरुवार की शाम तक मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। नीतीश कुमार को भाजपा के उन नेताओं की सूची का इंतजार है, जिनको शपथ लेनी है।

सूत्रों की तरफ से बताया गया कि बुधवार रात तक भाजपा की तरफ से नेताओं की सूची नहीं सौंपी गई है। सरकार के पास यह सूची समय पर पहुंच जाती है, तो गुरुवार की शाम को मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। ऐसा न होने पर 15 मार्च तक का इंतजार और करना होगा।

नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, तो उनके साथ कुल 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें दो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा थे। मंत्रियों में विजय कुमार चौधरी, प्रेम कुमार, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कमार, सुमित कुमार सिंह और संतोष कुमार सुमन हैं।

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    अनुराग मिश्रा नईदुनिया डिजिटल में सब एडिटर के पद पर हैं। वह कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माहिर और पत्रकारिता में लगभग 3 साल का अनुभव है। अनुराग मिश्रा नईदुनिया में आने से पहले भास्कर हिंदी और दैन

काम की खबर: Lease Settlement की जरूरत समझें, मकान मालिक व किराएदार इन बातों का रखें खास ध्यान

बाहर नौकरी या पढ़ने वाले लोगों के लिए किराए पर कमरा या घर लेकर रहना आम बात है। इस दौरान मकान मालिक को रेंट एग्रीमेंट ध्यान से बनवा लेना चाहिए। यह मकान मालिक और किराएदार को नियमों के दायरे में लेकर आता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Wed, 13 Mar 2024 05:19 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 13 Mar 2024 05:19 PM (IST)

रेंट एग्रीमेंट की जरूरत।

बिजनेस डेस्क, इंदौर। बाहर नौकरी या पढ़ने वाले लोगों के लिए किराए पर कमरा या घर लेकर रहना आम बात है। इस दौरान मकान मालिक को रेंट एग्रीमेंट ध्यान से बनवा लेना चाहिए। यह मकान मालिक और किराएदार को नियमों के दायरे में लेकर आता है।

रेंट एग्रीमेंट में मकान मालिक व किराएदार के लिए नियम लिखे होते हैं, जिसमें दोनों की आपसी सहमति होती है। इन नियमों को दोनों को फॉलो करना होता है। हम आपको रेंट एग्रीमेंट के बारे विस्तार से बताएंगे। इसको बनवाते समय मकान मालिक व किराएदार किन-किन बातों का ध्यान रखें।

रेंट एग्रीमेंट क्या है

रेंट एग्रीमेंट को सरल भाषा में समझें तो यह एक मकान मालिक व किराएदार को नियमों के दायरे में लाने के लिए होता है। इस समझौते में दोनों ही पार्टियों के लिए कई नियम होते हैं, जिनको फॉलो करना पड़ता है। रेंट एग्रीमेंट में मंथली रेंट, सिक्योरिटी डिपॉजिट व एग्रीमेंट का टेन्योर और कई शर्तों को शामिल किया जाता है।

किराएदारों अक्सर रेंट एग्रीमेंट से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह उनके लिए काफी फायदेमंद होता है। अगर, रेंट एंग्रीमेंट न हो तो मकान मालिक किसी भी तरह की मनमानी कर सकता है। वह आपको कभी घर से बाहर निकाल सकता है। वह कभी भी मकान का रेंट बढ़ा सकता है। आपको हाउस रेंट अलाउंस का लाभ चाहिए, तो रेंट एग्रीमेंट होना चाहिए।

रेंट एग्रीमेंट में क्या होना चाहिए

  • रेंट एग्रीमेंट यह होना चाहिए कि किराया किस तारीख तक देना। किराए में देरी होने पर कितनी पेनल्टी लगेगी उसका भी जिक्र होना चाहिए।
  • रेंट एग्रीमेंट किराया बढ़ाने से संबंधित जानकारी होनी चाहिए। कब और कितना किराया बढ़ेगा यह लिखा होना चाहिए।
  • मकान के मेंटेनेंस का चार्ज, पानी व बिजली का भुगतान कौन करेगा, इसकी पूरी जानकारी रेंट एग्रीमेंट में लिखी होनी चाहिए।
  • रेंट एग्रीमेंट कब अमान्य होगा इसके बारे में भी लिखा होना चाहिए।

इस बात का मकान मालिक जरूर रखें ध्यान

मकान मालिक अक्सर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनके घर पर कोई किराएदार कब्जा न कर लें। इसका उपाय है कि आप रेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर्ड जरूर करवाएं। ऐसा न करवाने पर किराएदार मकान को खाली करने से भी मना कर सकता है।

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Vande Bharat Categorical: पीएम मोदी ने मप्र को दी चौथी वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, बोले- यह विकास की ओर कदम

अपने संबोधन में मोदी ने इसे 100 साल के रेलवे के इतिहास का सबसे बड़ा कार्यक्रम बताया। मोदी ने कहा कि आज जो लोकार्पण हुआ है वह वर्तमान के लिए और जो शिलान्‍यास हुआ है वह उज्‍जवल भविष्‍य के लिए है। मोदी ने पुरानी सरकारों का उल्लेख करता हुए कहा कि इसका शिकार रेलवे हुई।

उन्‍होंने कहा कि हमने रेल को अलग बजट से निकालकर भारत सरकार के बजट में डाल दिया। इससे रेलवे को विकास के लिए अधि‍क राशि मिलने लगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 700 से ज़्यादा स्थान पर लाखों लोग इस कार्यक्रम में जुड़े हैं। विकसित भारत के लिए हो रहे नव निर्माण का लगातार विस्तार हो रहा है। इस 2024 में अब तक 11 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो चुका है। आज रेलवे के 85,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है।

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इससे पहले पीएम नरेन्‍द्र मोदी मध्यप्रदेश को 3 वंदे भारत ट्रेन की सुविधा प्रदान कर चुके हैं। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव और उपमुख्‍यमंत्री राजेंद्र शुक्‍ल, मंत्री विश्‍वास सारंग शाम‍िल हुए। मोदी ने वीसी के माध्यम से विभिन्न रेल परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने आयोजन की जानकारी दी और बताया कि कितने स्‍थानों ने लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि मोदी ने रेलवे को देश की विकास यात्रा का माध्‍यम बनाया है।

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि देश का भाग्‍य बदलने का महत्‍वपूर्ण काम रेलवे ने किया है। उन्‍होंने इस अवसर पर रेलवे के विकास और बढ़ रही सुविधाओं का उल्‍लेख भी किया। डॉ मोहन यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने रेलवे का कायाकल्‍प किया है।

उपमुख्‍यमंत्री ने भी समारोह में संबोधित किया।

इस दौरान ट्रेन का छतरपुर, टीकमगढ़, ललितपुर, झांसी स्टेशन पर स्वागत किया जाएगा। ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम के लिए रेलवे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद विवेक शेजवलकर और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को आमंत्रित किया। खजुराहो में मप्र भाजपा अध्‍यक्ष व सांसद वीडी शर्मा मौजूद हैं।

इसके बाद ये ट्रेन 15 मार्च से सप्ताह में छह दिन संचालित की जाएगी। सोमवार को ट्रेन का संचालन नहीं होगा। हालांकि अभी तक ट्रेन में टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू नहीं हुई है, जिसके कारण इसके किराए का पता नहीं चल पा रहा है।

खजुराहो से दिल्ली के बीच चलने वाली बुंदेलखंड की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस केसरिया रंग की होगी। आठ कोच वाली इस ट्रेन में यात्रियों के लिए कई सुविधाएं होंगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रतिघंटा होगी। अब तक देशभर में दौड़ रहीं वंदे भारत एक्सप्रेस का रंग नीला और सफेद है। खजुराहो-निजामुद्दीन वंदेभारत में आठ कोच होंगे। इसमें सात कोच एसी चेयर कार और 1 एक्जीक्यूटिव क्लास का होगा।

ट्रेन में कुल 602 सीटें होंगी। सात एसी चेयर कार कोच में 546 सीट और एक्जीक्यूटिव क्लास के एक कोच में 56 सीट होंगी। ट्रेन के संचालन शुभारंभ कार्यक्रम के समय में रेलवे ने बदलाव किया। पहले 12 मार्च को होने वाले संचालन शुभारंभ कार्यक्रम का समय सुबह 9.30 बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन अब इसे बदल कर 15 मिनट पहले 9.15 बजे कर दिया गया है।

मंगलवार को खजुराहो से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को स्वागत के लिए छतरपुर, टीकमगढ़, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर और आगरा स्टेशन पर ठहराव दिया जाएगा, जहां विभिन्न संगठन और जनप्रतिनिधि ट्रेन का स्वागत करेंगे।

झांसी मंडल के पास रहेगी संचालन की जिम्मेदारी

खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड ने झांसी मंडल को सौंपी है। इस ट्रेन में झांसी के लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर खजुराहो से निजामुद्दीन और निजामुद्दीन से खजुराहो के बीच ट्रेन का संचालन करेंगे। साथ ही ट्रेन में टिकट चेकिंग का काम भी झांसी के स्टाफ को सौंपा गया है। अभी तक खजुराहो के लिए इस रूट पर उदयपुर इंटरसिटी और गीता जयंती एक्सप्रेस का संचालन होता है।

इन कार्यों का भी होगा उद्घाटन

मंगलवार को प्रधानमंत्री ने वंदे भारत के अलावा झांसी में बनी रेल कोच नवीनीकरण कारखाना का शुभारंभ किया। इसके अलावा वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के जन औषधि केंद्र, 18 स्टेशनों पर एक स्टेशन-एक उत्पाद स्टाल का शुभारंभ किया गया। हमीरपुर रोड पर गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स, चार गुड्स शेड और झांसी-मथुरा तीसरी लाइन के खंड का शुभारंभ और लोकार्पण करेंगे।

आरक्षण शुरू हो तब किराए का पता चलेगा

खजुराहो से वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू होने से ग्वालियर को पर्यटन की दृष्टि से फायदा होगा। यही कारण है कि पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को इस ट्रेन से काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा कई पर्यटक भी इस ट्रेन का लाभ उठाएंगे, लेकिन ट्रेन में आरक्षण अभी शुरू नहीं होने से लोगों को किराए की जानकारी नहीं मिली है। रेल मंडल झांसी के जनसंपर्क अधिकार मनोज कुमार सिंह का कहना है कि मंगलवार को ट्रेन का उद्घाटन होने के बाद रेलवे बोर्ड स्तर से ट्रेन में टिकट बुकिंग के विकल्प खोल दिए जाएंगे।

इंदौर स्टेशन के स्टाल का वचुर्अल शुभारंभ होगा

दूसरी ओर, एक स्टेशन एक उत्पाद योजना में पीएम मोदी ने मंगलवार को इंदौर स्टेशन के स्टाल का वचुर्अल शुभारंभ भी किया। अन्य कार्यक्रम में खंडवा-सनावद मेमू रेल को मंगलवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। सुबह नौ बजे रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाइव कार्यक्रम के पश्चात खंडवा-सनावद मेमू ट्रेन को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा से हरी झंडी दिखाएंगे। वे ट्रेन में बैठकर सनावद तक भी पहुंचेंगे। उनके साथ जनप्रतिनिधियों का समूह भी रहेगा।

भोपाल में भी कार्यक्रम

भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी कार्यक्रम हुआ। यहां वंदे भारत ट्रेन के अनुरक्षण डिपो का शिलान्यास और रामगंज मंडी भोपाल नई लाइन परियोजना के अंतर्गत निशात पुरा, संत हिरदाराम नगर रेलखंड का लोकार्पण हुआ।

इसके साथ ही भोपाल स्टेशन पर 3 वन स्टेशन वन प्रोडक्ट आउटलेट का लोकार्पण और रानी कमलापति स्टेशन पर 3 वन स्टेशन वन प्रोडक्ट आउटलेट का लोकार्पण किया गया।

Shah Rukh Khan Jawan Stuntman Anis Mirza Story | Warfare Bang Bang | जवान में शाहरुख के स्टंट डबल बने थे अनीस मिर्जा: बोले- बॉडी लैंग्वेज समझना सबसे जरूरी; कहा- अक्षय एसोसिएशन को 2-3 करोड़ डोनेट करते हैं

मुंबई1 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी और अभिनव त्रिपाठी

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रील टू रियल के नए एपिसोड में हम स्टंट आर्टिस्ट की जिंदगी पर बात करेंगे। स्टंट आर्टिस्ट बनने में जो चुनौतियां आती हैं, पैसे किस हिसाब से मिलते हैं। यह कितना खतरनाक होता है? ऐसे सारे सवालों का जवाब जानेंगे। - Dainik Bhaskar

रील टू रियल के नए एपिसोड में हम स्टंट आर्टिस्ट की जिंदगी पर बात करेंगे। स्टंट आर्टिस्ट बनने में जो चुनौतियां आती हैं, पैसे किस हिसाब से मिलते हैं। यह कितना खतरनाक होता है? ऐसे सारे सवालों का जवाब जानेंगे।

आपने शाहरुख खान की फिल्म जवान के दमदार एक्शन सीक्वेंस तो देखे ही होंगे। उसे असल में शाहरुख पर नहीं बल्कि स्टंट आर्टिस्ट अनीस मिर्जा पर फिल्माया गया था। अनीस ने इसके अलावा सलमान खान की सुल्तान, रणबीर कपूर की फिल्म शमशेरा और ऋतिक रोशन- टाइगर श्रॉफ की वॉर में भी स्टंट डबल का काम किया है।

  • स्टंट डबल किस तरह बॉडी डबल से अलग होता है।
  • स्टंट आर्टिस्ट बनने के लिए क्या-क्या क्वालिटीज होनी चाहिए।
  • स्टंट करते वक्त क्या ध्यान देना चाहिए।
  • स्टंट एसोसिएशन का मेंबर बनना क्यों अनिवार्य है और इसका क्राइटेरिया क्या है।
  • अगर किसी स्टंट मैन को चोट लगती है तो उसके लिए कौन से इंतजाम किए जाते हैं।
  • कौन से एक्टर्स खुद से एक्शन सीन्स करना पसंद करते हैं।

इस हफ्ते के रील टू रियल में हमने अनीस मिर्जा से इन्हीं सवालों के जवाब जानने की कोशिश की है। इस दौरान अनीस ने अक्षय कुमार, शाहरुख खान और सलमान खान से जुड़ी कई दिलचस्प बातें भी बताईं। अनीस ने कहा कि अक्षय कुमार हर साल स्टंट एसोसिएशन को दो से तीन करोड़ रुपए डोनेट करते हैं। इसके अलावा 56 साल का होने के बावजूद वे अपनी फिल्मों के स्टंट खुद ही करते हैं।

बॉडी डबल नहीं, स्टंट डबल का रोल अहम होता है
आम जनता को सिर्फ बॉडी डबल का कॉन्सेप्ट पता है। हालांकि बॉडी डबल से ज्यादा स्टंट डबल अहम होता है। बॉडी डबल उसे कहते हैं, जो एक्टर्स की गैरमौजूदगी में छोटे-मोटे सीन्स फिल्माता है। जबकि स्टंट डबल पूरी तरह से एक्टर्स के डुप्लिकेट होते हैं। फिल्म में दिखाए गए सारे एक्शन सीक्वेंस स्टंट डबल ही करते हैं। चाहे आसमान से छलांग लगाना हो, शीशा तोड़कर बाहर निकलना हो या पानी में कूदना हो, ये सारे काम स्टंट डबल ही करता है।

स्टंट डबल के तौर पर बॉडी पर कंट्रोल होना बहुत जरूरी है। इसमें देखा जा सकता है कि अनीस कैसे तलवारबाजी कर रहे हैं। सामने से देखने में यह बिल्कुल ओरिजिनल फाइट सीक्वेंस लग रहा है।

स्टंट डबल के तौर पर बॉडी पर कंट्रोल होना बहुत जरूरी है। इसमें देखा जा सकता है कि अनीस कैसे तलवारबाजी कर रहे हैं। सामने से देखने में यह बिल्कुल ओरिजिनल फाइट सीक्वेंस लग रहा है।

घुड़सवारी, स्विमिंग और एक्शन कोरियोग्राफी में निपुण लोग ही बनते हैं स्टंट मैन
स्टंट मैन को काम कैसे मिलता है। उन्हें अप्रोच कैसे किया जाता है? अनीस ने कहा, ‘स्टंट मैन को इंडस्ट्री में काम करने के लिए स्टंट यूनियन का मेंबर होना सबसे जरूरी है। बिना इसके कार्ड के काम नहीं मिल सकता। यूनियन का हिस्सा होने से हम लोग स्टंट डायरेक्टर्स की नजर में रहते हैं। स्टंट डायरेक्टर्स हमारे जैसे कई लोगों का ऑडिशन लेते हैं। फिर हममें से किसी एक को सिलेक्ट करते हैं।

सिलेक्शन प्रोसेस आसान नहीं होता है। कैंडिडेट्स को फाइट आनी चाहिए। घुड़सवारी, स्विमिंग और एक्शन कोरियोग्राफी भी आनी चाहिए। स्टंट आर्टिस्ट को दिल और दिमाग दोनों से मजबूत होना चाहिए।’

छलांग लगाते समय सांस रोकनी पड़ती है, सोचने के लिए दो-तीन सेकेंड का ही टाइम मिलता है
स्टंट आर्टिस्ट को किन-किन बातों का ध्यान देना पड़ता है। जवाब में अनीस ने कहा, ‘ऊपर से नीचे छलांग लगाते हुए कैलकुलेशन करना पड़ता है। हमारे पास बस दो से तीन सेकेंड होते हैं। नीचे गिरते वक्त हाथ और पैर की पोजिशनिंग सही होनी चाहिए, वर्ना बड़ी इंजरी हो सकती है। नीचे गिरते वक्त सांस को रोकना पड़ता है। जमीन पर गिरने के तुरंत बाद लंबी सांस छोड़नी चाहिए। छलांग लगाने के दौरान शरीर को बिल्कुल हल्का छोड़ देना चाहिए।’

सलमान खान के लिए स्टंट करना मुश्किल था
अनीस ने सलमान खान की फिल्म भारत और सुल्तान में बॉडी डबल का काम किया था। सुल्तान के एक सीन में सलमान खान छत पर दौड़ते हुए आते हैं, छलांग लगाकर पतंग पकड़ लेते हैं। यह सीक्वेंस ओरिजिनल में अनीस ने किया था। इस सीन के पहले वे थोड़े नर्वस भी थे। उनके पिताजी भी वहीं सेट पर मौजूद थे। उन्होंने अनीस को एक-दो टिप्स भी दिए थे।

अनीस ने कहा, ‘सलमान भाई के साथ मेरे अच्छे रिलेशन हैं। वे मेरे काम को काफी पसंद करते हैं। मैं उनके बॉडी डबल के तौर पर उतना सूटेबल भी नहीं हूं, फिर भी वे कहते हैं कि तुम मेरे लिए काम किया करो। रेस-3 और किसी का भाई किसी की जान के वक्त भी मुझे उनकी टीम से कॉल आया था, लेकिन उस वक्त मैं बिजी था, इसलिए मैंने उन दोनों प्रोजेक्ट को करने से मना कर दिया।’

यह तस्वीर फिल्म सुल्तान की शूटिंग के वक्त की है। इस फ्रेम में सलमान खान के अलावा अनीस (लाल टी-शर्ट) और उनके पिता रफीक मिर्जा (नीले कपड़े में) में दिखाई दे रहे हैं।

यह तस्वीर फिल्म सुल्तान की शूटिंग के वक्त की है। इस फ्रेम में सलमान खान के अलावा अनीस (लाल टी-शर्ट) और उनके पिता रफीक मिर्जा (नीले कपड़े में) में दिखाई दे रहे हैं।

अनीस मिर्जा कई बार टाइगर श्रॉफ के स्टंट डबल बने हैं। वॉर, बागी-2 और गणपत के बाद अब बड़े मियां- छोटे मियां में भी उन्होंने टाइगर के लिए खतरनाक स्टंट किए हैं। फिल्म के सेट पर अक्षय कुमार ने इनका बर्थडे भी सेलिब्रेट किया था। अनीस टाइगर श्रॉफ के बुलावे पर अक्षय कुमार के घर वॉलीबॉल भी खेलने जाते हैं।

अनीस का बर्थडे सेलिब्रेट करते अक्षय कुमार।

अनीस का बर्थडे सेलिब्रेट करते अक्षय कुमार।

खतरनाक एक्शन सीक्वेंस फिल्माने के अलग से पैसे मिलते हैं
स्टंट आर्टिस्ट को पैसे किस हिसाब से मिलते हैं? अनीस बताते हैं, ‘हमें डेली के हिसाब से पैसे मिलते हैं। 8 घंटे की शिफ्ट होती है। एसोसिएशन जो अमाउंट फिक्स करती है, वही हमारी फीस होती है। अगर कोई एक्टर या प्रोडक्शन हाउस हमारे नाम की सिफारिश करता है, तो इसके लिए एक्स्ट्रा पैसे मिलते हैं। कुछ खतरनाक एक्शन सीक्वेंस को फिल्माने के लिए अलग से भी पैसे मिलते हैं। हमारे पैसे एसोसिएशन के जरिए ही मिलते हैं। प्रोडक्शन हाउस हमारी फीस एसोसिएशन को भेजता है। एसोसिएशन उसमें से 25% अमाउंट काटकर हमें देता है। वो 25% हिस्सा रिटायर हो चुके स्टंट डायरेक्टर्स और स्टंट आर्टिस्ट को जाता है।

फिल्मों में एक्शन सीन फिल्माने से पहले रिहर्सल किया जाता है। स्टंट मैन पहले पूरा एक्शन सीक्वेंस मोबाइल फोन में शूट करते हैं। उस वीडियो को स्टंट डायरेक्टर को दिखाते हैं। स्टंट डायरेक्टर को पसंद आने के बाद ओरिजिनल शूटिंग शुरू होती है। स्टंट मैन एक्टर्स को भी बताते हैं कि उन्हें कैसे काम करना है।’

आज के वक्त में स्टंट करना पहले की तुलना में कम खतरनाक
अनीस के मुताबिक, ‘आज के वक्त में स्टंट करना पहले की तुलना में काफी ज्यादा आसान हो गया है। उन्होंने कहा, ‘पिताजी के टाइम पर स्टंट करना ज्यादा मुश्किल था। उन लोगों को 10-12 मंजिला से छलांग लगाना पड़ता था। उस वक्त बॉडी से वायर भी नहीं बंधा रहता था। नीचे कुछ बॉक्स बने रहते थे, उसी पर गद्दे रख दिए जाते थे। उन्हीं गद्दों पर गिरना पड़ता था।

इसमें रिस्क फैक्टर ज्यादा रहता था। आज के वक्त में हमारी बॉडी से वायर बंधे होते हैं, अगर शॉट सही नहीं हुआ तो हम कई बार इसे रिपीट कर सकते हैं। उस समय एक से दो बार में ही शॉट कम्प्लीट करने होते थे, जाहिर सी बात है कि 10-12 मंजिला से बार-बार कूद तो नहीं सकते थे।’

जवान में शाहरुख के स्टंट डबल बने थे अनीस
अनीस ने कहा कि स्टंट डबल और बॉडी डबल को एक्टर्स की बॉडी लैंग्वेज को कॉपी करना पड़ता है। एक्टर्स कैसे चलते हैं, उनका हाव-भाव क्या है। बॉडी मूवमेंट कैसा है। ये सारी चीजें होंगी तभी कैमरे पर सीक्वेंस ओरिजिनल नजर आएंगे। अनीस ने कहा, ‘मैं जवान में शाहरुख खान के ओल्डर वर्जन यानी विक्रम राठौर का स्टंट डबल बना था।

अब विक्रम राठौर कैसे चल रहा है, कैसे दौड़ रहा है। ये सारी चीजें मुझे हूबहू कॉपी करनी थी। इसके लिए मैंने बहुत बारीकी से शाहरुख सर की बॉडी लैंग्वेज को पढ़ा था। आप फिल्म देखेंगे तो यही कहेंगे कि वो स्टंट शाहरुख खान खुद कर रहे हैं। हालांकि सच्चाई यह है कि उनके सारे स्टंट मैंने किए थे।’

फिल्म जवान का एक सीन। इसमें अनीस शाहरुख के कैरेक्टर विक्रम राठौर के गेटअप में एक्शन कर रहे हैं।

फिल्म जवान का एक सीन। इसमें अनीस शाहरुख के कैरेक्टर विक्रम राठौर के गेटअप में एक्शन कर रहे हैं।

साउथ में स्टंट आर्टिस्ट के लिए सेफ्टी के इंतजाम यहां से कम
साउथ इंडस्ट्री में आज भी स्टंट आर्टिस्ट्स के लिए उतने सेफ्टी के इंतजाम नहीं किए जाते हैं। अनीस ने कहा, ‘बॉलीवुड इंडस्ट्री में स्टंट आर्टिस्ट की सुरक्षा का खास ख्याल रखा जाता है। दूसरी तरफ साउथ इंडस्ट्री में आज भी रॉ एक्शन सीन्स किए जाते हैं, जिसमें खतरा ज्यादा होता है। हालांकि अब वहां भी धीरे-धीरे काफी बदलाव हो रहे हैं।’

अनीस ने कहा कि अगर कोई साउथ का डायरेक्टर मुंबई आकर हिंदी फिल्में बनाता है तो उसे यहां के 50% स्टंट आर्टिस्ट रखने ही होंगे। ठीक ऐसे ही अगर कोई बॉलीवुड फिल्म मेकर साउथ में जाकर फिल्में बनाता है तो उसे वहां के आधे लोकल स्टंट आर्टिस्ट रखने पड़ेंगे।

इस बात का दुख नहीं होता है कि जान पर आप खेलते हो और नाम एक्टर्स का होता है? अनीस ने कहा, ‘नहीं, हमारा काम ही यही है। इसी की वजह से हमें पैसे मिलते हैं। रणबीर कपूर, टाइगर श्रॉफ और अक्षय कुमार जैसे लोग मुझे छोड़ना ही नहीं चाहते। मैं उनके साथ बिल्कुल फिट बैठ गया हूं। हां, अगर भविष्य में कभी मौका मिला तो एक्टर के तौर पर भी काम कर लूंगा।’

स्टंट आर्टिस्ट को भी मिलने चाहिए अवॉर्ड्स, अक्षय कुमार की सलाह पर पहले दिए जाते थे
अनीस मिर्जा की चाहत है कि स्टंट मैन को अवॉर्ड भी मिलने चाहिए। वे लोग अपनी जान पर खेलते हैं, लेकिन बदले में उन्हें वो पहचान नहीं मिलती जिसके वे हकदार हैं। अक्षय कुमार की सलाह पर जी सिने अवॉर्ड्स में दो साल तक बेस्ट स्टंट मैन के लिए अवॉर्ड दिए गए, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया।

अमिताभ बच्चन के लिए एक्शन सीक्वेंस डिजाइन कर चुके हैं अनीस
बॉलीवुड की महंगी फिल्मों में अब विदेशों से स्टंट डायरेक्टर्स बुलाए जाते हैं। यह प्रथा सबसे पहले यशराज फिल्म्स ने ठग्स ऑफ हिंदुस्तान के समय शुरू किया था। अनीस ने कहा कि इस फिल्म के लिए अमेरिका से स्टंट डायरेक्टर बुलाए गए थे। अनीस ने इस फिल्म में बतौर स्टंटमैन काम किया था। उन्होंने अमिताभ बच्चन का एक्शन सीक्वेंस भी डिजाइन किया था। एक्शन डिजाइन का मतलब यह कि उन्होंने अमिताभ बच्चन का पूरा सीक्वेंस पहले खुद करके दिखाया था। इसके बाद बिग बी ने उसे कम्प्लीट किया था।

ठग्स ऑफ हिंदुस्तान की शूटिंग के दौरान अनीस मिर्जा, बिग बी के साथ।

ठग्स ऑफ हिंदुस्तान की शूटिंग के दौरान अनीस मिर्जा, बिग बी के साथ।

मॉडलिंग करके 800 रुपए डेली कमाने वाले अनीस कैसे बने इतने बड़े स्टंट आर्टिस्ट?
उन्होंने कहा, ‘मैं अपने कॉलेज में डांस करता था। एक्टर बनने की चाहत थी। एक साल तक ऑडिशन भी दिया। मेरे पिताजी भी स्टंट आर्टिस्ट रह चुके हैं। वे एक वक्त पर सलमान खान, सुनील शेट्टी और गोविंदा के बॉडी डबल बनते थे। उन्होंने मुझसे कहा कि स्टंट एसोसिएशन जॉइन कर लो। अगर एक्टिंग फील्ड में सफलता नहीं मिली तो स्टंट आर्टिस्ट बन जाना। इसी बीच मैं मॉडल के तौर पर काम करने लगा। इसके लिए मुझे प्रतिदिन 800 रुपए मिलते थे। एक दिन मैं सूरज पंचोली की फिल्म हीरो के सेट पर मौजूद था। मैं फिल्म में बार टेंडर के छोटे से रोल के लिए वहां गया था।

असिस्टेंट डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि कैमरे के सामने शर्ट खोलकर सामने से निकलना। वहां मेरे पिताजी के दोस्त आमिन खातिब (स्टंट डायरेक्टर) भी मौजूद थे। उन्होंने मुझे पहचान लिया और तुरंत पिताजी को फोन किया। उन्होंने पिताजी से कहा कि तुम अपने बेटे को ऐसे छोटे काम क्यों करा रहे हो। इसे स्टंट आर्टिस्ट बनना चाहिए, अब से मैं इसे ट्रेनिंग दूंगा। एक स्टंट आर्टिस्ट के तौर पर यहीं से मेरा करियर स्टार्ट हुआ।’

BJP 2nd Record: 90 नामों के साथ भाजपा की दूसरी लिस्ट तैयार, घोषणा का इंतजार, मध्य प्रदेश के 4 नाम भी फाइनल

Lok sabha election 2024: मध्य प्रदेश की बाकी पांच सीटों में से चार पर उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन गई।

By Arvind Dubey

Publish Date: Wed, 13 Mar 2024 07:29 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 13 Mar 2024 07:29 AM (IST)

BJP 2nd List: 90 नामों के साथ भाजपा की दूसरी लिस्ट तैयार, घोषणा का इंतजार, मध्य प्रदेश के 4 नाम भी फाइनल
बैठक में गुजरात की बाकी 11 सीटों पर चर्चा हुई और सात सीटों पर उम्मीदवारों का नाम तय कर लिया गया।

HighLights

  1. सोमवार देर रात तक चली भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की बैठक
  2. कांग्रेस जारी कर चुकी है अपनी दूसरी लिस्ट
  3. भाजपा की पहली लिस्ट में थे 195 नाम

एजेंसी, नई दिल्ली (Lok sabha election 2024)। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की दूसरी लिस्ट किसी भी वक्त जारी की जा सकती है। पार्टी ने पहले लिस्ट में 195 उम्मीदवारों का ऐलान किया था, जबकि दूसरी लिस्ट में 90 नामों पर मुहर लगाई जा चुकी है। बता दें, एक दिन पहले ही कांग्रेस ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी की है।

Lok Sabha Election 2024 BJP Candidates Full Record

दूसरी लिस्ट पर मंथन के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की सोमवार देर रात तक बैठक चली। समाचार एजेंसी ANI ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में 7 राज्यों से करीब 90 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

दूसरी लिस्ट में इन राज्यों पर फोकस

  • बैठक में गुजरात की बाकी 11 सीटों पर चर्चा हुई और सात सीटों पर उम्मीदवारों का नाम तय कर लिया गया।
  • मध्य प्रदेश की बाकी पांच सीटों में से चार पर उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन गई।
  • महाराष्ट्र की 25, तेलंगाना की आठ, हिमाचल की चार और कर्नाटक की सभी 28 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा हुई।

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बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रल्हाद जोशी, नित्यानंद राय, सुशील मोदी, सीआर पाटिल, तेलंगाना के पार्टी अध्यक्ष किशन रेड्डी, हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के प्रभारी श्रीकांत शर्मा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, बासवराज बोम्मई, कर्नाटक के पार्टी अध्यक्ष विजेंद्र येदियुरप्पा, कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।

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    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

काम की खबर: सरकार देगी आपकी बेटी को 50 हजार रुपये की सहायता, यहां पढ़ें पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

CM Kanya Utthan Yojana: इस स्कीम में सरकार बेटियों को आर्थिक सहायता देती है। इसमें जन्म के समय अभिभावक को दो हजार रुपये की पहली किस्त मिलती है।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Tue, 12 Mar 2024 04:50 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 12 Mar 2024 04:50 PM (IST)

CM Kanya Utthan Yojana

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। CM Kanya Utthan Yojana: बिहार सरकर लड़कियों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें से एक मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना है। यह स्कीम गरीब बच्चियों के लिए है। इस योजना में सरकार किस्तों में पचास हजार रुपये की सहायता देती है। अब तक इस योजना का दो लाख से अधिक लड़कियों को लाभ मिल चुका है।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के बारे में

इस स्कीम में सरकार बेटियों को आर्थिक सहायता देती है। इसमें जन्म के समय अभिभावक को दो हजार रुपये की पहली किस्त मिलती है। जब बेटी एक वर्ष की हो जाती है तो आधार कार्ड के रजिस्ट्रेशन के बाद एक हजार रुपये का लाभ देती है। वहीं, कक्षा 9 में पढ़ाई के दौरान प्रोत्साहन राशि देती है। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई होने के बाद दस हजार की राशि देती है। वहीं, स्नानक हो जाने के बाद 25 हजार रुपये की सहायता देती है।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में आवेदन कैसे करें

  • सबसे पहले बिहार सरकार की वेबसाइट पर जाना है।
  • फिर सीएम कन्या उत्थान योजना पर क्लिक करना है।
  • अब मांगी हुई जानकारी को भरकर सबमिट करना है।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की पात्रता

  • लाभार्थी का बिहार के स्थायी निवासी होना जरूरी है।
  • परिवार में किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए।
  • एक परिवार से अधिकतम दो बच्चियों को स्कीम का लाभ मिलेगा।
  • विवाह की स्थिति में स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • माता-पिता का वोटर आईडी कार्ड
  • 12वीं मार्कशीट
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बर्थ सर्टिफिकेट
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    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मास कम्युनिकेशन स्नातक कुशाग्र वालुस्कर नईदुनिया डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में माह