These guidelines will now allow minorities persecuted on non secular grounds in Pakistan, Bangladesh and Afghanistan to amass citizenship in our nation.
With this notification PM Shri @narendramodi Ji has…
— Amit Shah (Modi Ka Parivar) (@AmitShah) March 11, 2024
मोदी सरकार ने आज नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 को अधिसूचित कर दिया। ये नियम अब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को हमारे देश में नागरिकता प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे। इस अधिसूचना के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने एक और प्रतिबद्धता पूरी की है। उन देशों में रहने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों के लिए हमारे संविधान निर्माताओं के वादे को साकार किया है।
जयराम रमेश ने समय पर उठाया सवाल
दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों को अधिसूचित करने में मोदी सरकार को चार साल और तीन महीने लग गए। प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उनकी सरकार बिल्कुल प्रोफेशनल ढंग से और समयबद्ध तरीक़े से काम करती है। सीएए के नियमों को अधिसूचित करने में लिया गया इतना…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 11, 2024
दिसंबर 2019 में संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों को अधिसूचित करने में मोदी सरकार को चार साल और तीन महीने लग गए। प्रधानमंत्री दावा करते हैं कि उनकी सरकार बिल्कुल प्रोफेशनल ढंग से और समयबद्ध तरीके से काम करती है। सीएए के नियमों को अधिसूचित करने में लिया गया इतना समय प्रधानमंत्री के सफेद झूठ की एक और झलक है।
नियमों की अधिसूचना के लिए नौ बार एक्सटेंशन मांगने के बाद घोषणा करने के लिए जानबूझकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले का समय चुना गया है। ऐसा स्पष्ट रूप से चुनाव को ध्रुवीकृत करने के लिए किया है, विशेष रूप से असम और बंगाल में। यह इलेक्टोरल बांड घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और सख़्ती के बाद हेडलाइन को मैनेज करने का प्रयास भी प्रतीत होता है।
दिग्विजय सिंह ने टाइमिंग पर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीएए को लेकर केंद्र सरकार ने इतनी देरी क्यों की। अब इतनी देरी कर ही दी थी, तो चुनाव के बाद ही लागू कर देते। भाजपा का लक्ष्य है कि वह हर मुद्दे को हिंदू और मुस्लिम करना चाहती है।
केरल सीएम ने कहा- नहीं करेंगे लागू
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सीएए को सांप्रदायिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह विभाजनकारी कानून है। इसको केरल में लागू नहीं करेंगे।
पहले चुनावी मौसम, फिर सीएए के नियम- औवैसी
हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीएए की टाइमिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमारा विरोध सीएए पर जारी रहेगा। यह एक विभाजनकारी कानून है। यह गोडसे की सोच पर आधारित है, जो मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बताता है। चुनाव के आते ही सीएए के नियमों को लेकर आए हैं।
औवैसी ने बताया सीएए का उद्देश्य
उन्होंने कहा कि आप परेशान किए जा रहे व्यक्ति को शरद दें, लेकिन यह धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। सरकार बताए कि इन नियमों को आखिर पांच साल तक क्यों लटकाए रखा। एनपीआर-एनआरसी के साथ सीएए का उद्देश्य केवल मुसलमानों को परेशान करना है।
मायावती ने सीएए को लागू करने की टाइमिंग पर उठाए सवाल
केन्द्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून को, अब ठीक चुनाव से पहले लागू करने के बजाय, इसको लेकर लोगों में जो संदेह, असमंजस व आशंकाएं हैं उन्हें पूरी तरह से दूर करने के बाद ही इसेे लागू किया जाना ही बेहतर होता।
— Mayawati (@Mayawati) March 11, 2024
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून लागू किया है। इसको चुनाव से ठीक पहले लागू करने के बजाय, इसको लेकर लोगों में जो संदेह, असमंजस व आशंकाएं हैं, उन्हें पूरी तरह से दूर करने के बाद ही लागू किया जाना बेहतर होता।





