Ambikapur Information:जमीन फर्जीवाड़ा : कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई शुरू,आठ लोगों को नोटिस

Ambikapur Information:जमीन फर्जीवाड़ा : कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई शुरू,आठ लोगों को नोटिस

शहर के नमनाकला की बेशकीमती जमीन के नियम विरुद्ध तरीके से नामांतरण और खरीद-बिक्री का मामला अब कलेक्टर न्यायालय में पहुंच गया हैं। सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर के न्यायालय ने मामले में आठ लोगों को नोटिस जारी कर जबाब मांगा हैं। मामले में कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Mon, 11 Mar 2024 10:42 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 11 Mar 2024 10:42 PM (IST)

अंबिकापुर । शहर के नमनाकला की बेशकीमती जमीन के नियम विरुद्ध तरीके से नामांतरण और खरीद-बिक्री का मामला अब कलेक्टर न्यायालय में पहुंच गया हैं। सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर के न्यायालय ने मामले में आठ लोगों को नोटिस जारी कर जबाब मांगा हैं। मामले में कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।

नईदुनिया ने सोमवार को ही करोड़ों की जमीन फर्जीवाड़े के इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। अब इस पर कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासकीय जमीन फर्जीवाड़े के इस मामले में तहसीलदार(नजूल) एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अंबिकापुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार नमनाकला, स्थित शासकीय नजूल भू-खण्ड क्रमांक 243/1 रकबा 1.710 हेक्टेयर (4.22 एकड़) भूमि सरगुजा सेटलमेंट में गोचर मद की भूमि है, जिसे अनियमित पट्टा और विधिक प्रविधानों के विपरीत अनावेदक बंसू द्वारा अपने नाम पर कराया गया।

उक्त शासकीय नजूल भूमि में से कई व्यक्तियों को विक्रय कर दिया गया है। जिसमें अनावेदक सतीश शर्मा, सन्मोगर वारियर, अभिषेक नागदेव, शेखर अग्रवाल, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, अनुषा नागदेव, महेश कुमार केडिया और दिनेश कुमार शामिल हैं। इससे शासन को शासकीय भूमि की क्षति हुई है। साथ ही राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ है। शासकीय विज्ञप्ति में बताया गया कि अधिकारियों की ओर से इस प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण को छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता की धारा 50 के तहत पुनरीक्षण में ग्राहय कर सुनवाई किया जा रहा है।

इस प्रकरण में अनावेदक बंसु पिता भटकुल निवासी फुन्दुरडिहारी अंबिकापुर अम्बिकापुर एवं आठ अनावेदकगण को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने हेतु पेशी तिथि दिनांक 14 मार्च 2024 को तीन बजे दोपहर को नियत किया गया है। कलेक्टर सरगुजा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी अनावेदकगण उक्त पेशी तिथि में कलेक्टर न्यायालय में उपस्थित होकर अपना-अपना जवाब और दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि को अनावेदकगण यदि जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं तो प्रकरण में एकपक्षीय रूप से अग्रिम कार्यवाही करते हुये प्रकरण में गुण दोष के आधार पर आदेश पारित कर दिया जाएगा। खबर है कि जिस बंसू के नाम पर जमीन नामांतरण किया गया उसकी 15 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। उसके बदले एक दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर फर्जीवाड़ा किया गया है। इसमें कुछ राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।

यह है मामला

नमनाकला अंबिकापुर निवासी बंसू लोहार की मृत्यु 15 वर्ष पूर्ण हो चुकी है। उसे वर्ष 1967- 68 में नमनाकला में भूमि का पट्टा जारी किया गया था।वर्ष 1971- 72 में नमनाकला के समस्त शासकीय जमीन को नजूल घोषित करने के कारण बंसू की जमीन भी नजूल अभिलेखों में दर्ज हो गई थी। अंबिकापुर के भू माफियाओं ने नमनाकला निवासी बंसू लोहार के स्थान पर परसा निवासी बंसू लोहार को तैयार कराया।उसे फुन्दूरडिहारी का बताकर नया आधार कार्ड बनवाकर नामांतरण हेतु आवेदन प्रस्तुत कर नजूल रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार करने एवं नामांतरण दर्ज करने का आवेदन प्रस्तुत कराया गया। तात्कालिक नजूल अधिकारी अंबिकापुर द्वारा शासकीय राजस्व कर्मचारियों से मिली भगत कर सुनियोजित साजिश के तहत उक्त बेशकीमती जमीन बंसू पिता भुट्कुल लोहार निवासी के नाम पर दर्ज कर दिया। इसके बाद भूमाफियाओं ने उस जमीन को टुकड़ों में अंबिकापुर शहर के पहुंच और प्रभावशाली व्यक्तियों को बेच दिया है।लगभग 50 करोड़ के इस शासकीय जमीन के फर्जीवाड़े में राजस्व कर्मचारियों को भी करोड़ों का हिस्सा दिया गया है।