ISRO ने लॉन्च की INSAT-3D सैटेलाइट, अब मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी
इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जियोसिंक्रोनस लॉन्च वाहन F14 (GSLV-F14) पर INSAT-3DS मौसम उपग्रह लॉन्च कर दिया है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Sat, 17 Feb 2024 05:42 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 17 Feb 2024 05:44 PM (IST)

एएनआई, आंध्र प्रदेश। इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जियोसिंक्रोनस लॉन्च वाहन F14 (GSLV-F14) पर INSAT-3DS मौसम उपग्रह लॉन्च कर दिया है।
#WATCH | Andhra Pradesh: ISRO launches INSAT-3DS meteorological satellite tv for pc onboard a Geosynchronous Launch Automobile F14 (GSLV-F14), from Satish Dhawan Area Centre in Sriharikota.
(Supply: ISRO) pic.twitter.com/kQ5LuK975z
— ANI (@ANI) February 17, 2024
क्या है इन्सैट-3DS?
इन्सैट-3DS एक मौसम विज्ञान और आपदा चेतावनी उपग्रह है। यह नया भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह है। INSAT-3D और INSAT-3DR उपग्रहों से मिलने वाली सेवाओं को जारी रखने की अनुमति देगा। इसरो के अनुसार, इन्सैट 3डी एक जियोसिंक्रोनस उपग्रह है, जो वायुमंडलीय इमेजर और साउंडर जैसे मौसम संबंधी पेलोड से लैस है। इन्सैट-3डीआर, इन्सैट-3डी का उन्नत संस्करण है।
मौसम पूर्वानुमान और आपदा की देगा चेतावनी
उपग्रह का उत्थापन द्रव्यमान 2275 किग्रा है। इसरो के अनुसार, इन्सैट-3DS को मौसम संबंधी अवलोकन करने, मौसम पूर्वानुमान और आपदा चेतावनी के लिए डिजाइन किया गया है। उपग्रह कई अत्याधुनिक पेलोड से लैस है। जिसमें छह चैनल इमेजर, एक 19-चैनल साउंडर और दो संचार पेलोड है। साथ ही डेटा रिले ट्रांसपोंडर उपकरण और सैटेलाइट-एडेड सर्च एंड रेस्क्यू ट्रांसपोंडर हैं।
इसरो का साल 2024 का दूसरा मिशन
डीआरटी का उद्देश्य स्वचालित डेटा संग्रह प्लेटफार्मों और स्वचालित मौसम स्टेशनों से मौसम, जल और समुद्र विज्ञान डेटा प्राप्त करना है। वहीं, मौसम पूर्वानुमान क्षमताओं को बढ़ाना है। जीएसएलवी एफ14 इसरो का 93वां और इस वर्ष का दूसरा मिशन होगा।


