Indore Mandi Bhav: इंदौर में गेहूं मिल क्वालिटी 2500-2550, पूर्णा 2850 से 2900 और लोकवन 2900-2950 बिक रहा है।
By Lokesh Solanki
Publish Date: Solar, 18 Feb 2024 02:05 AM (IST)
Up to date Date: Solar, 18 Feb 2024 02:05 AM (IST)
Indore Mandi Bhav: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मौसम में बढ़ती गर्माहट को देखते हुए गेहूं की फसल के लिए चिंता बढ़ने लगी है। एक तरफ कई इलाकों में बारिश का अभाव बना हुआ है तो दूसरी और तापमान ऊंचा होने लगा है। अक्सर फरवरी-मार्च में मौसम की हालत प्रतिकूल होने से कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल प्रभावित होती है इसकी उपज दर तथा दाने की क्वालिटी पर असर पड़ता है। समझा जाता है कि अप्रैल तक अल नीनो मौसम चक्र का प्रभाव बरकरार रहेगा। इससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है।
इस बार राष्ट्रीय स्तर पर इसका बिजाई क्षेत्र बढ़कर 341 लाख हेक्टेयर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। सरकार का कहना है कि इसमें से करीब 60-65 प्रतिशत भाग में गेहूं की ऐसी उन्नत एवं विकसित किस्मों की खेती की गई है जिसमें प्रतिकूल मौसम और खासकर ऊंचे तापमान को सहन करने की अधिक क्षमता है लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षमता की भी एक सीमा है और यदि लम्बे समय तक मौसम गर्म रहने की संभावना व्यक्त की है। यदि फरवरी के शेष दिनों में शुष्क इलाकों में एकाध अच्छी वर्षा होती है तो फसल की हालत में सुधार आ सकता है। इसके विपरीत यदि बारिश का अभाव रहा तो फसल को क्षति हो सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जनवरी से 14 फरवरी 2024 के दौरान देश के लगभग 68 प्रतिशत क्षेत्र में बारिश कम, बहुत कम या बिल्कुल नहीं हुई। यह आंकड़ा गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2023-24 के वर्तमान रबी सीजन के लिए 1140 लाख टन गेहूं के रिकार्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो 2022-23 के अनुमानित उत्पादन 1105 लाख टन एवं 2021-22 के उत्पादन 1077 लाख टन से ज्यादा है। उद्योग-व्यापार समीक्षकों का कहना है कि इस बार मौसम की हालत बहुत अच्छी नहीं है और इसलिए गेहूं का वास्तविक उत्पादन सरकारी लक्ष्य से काफी पीछे रह जाएगा।
इस बीच इंदौर मंडी के बाहर जावर से नए मालवराज गेहूं की आवक हुई। मुहुर्त में नर्मदा एग्रो ने 2501 के भाव पर मालवराज का सौदा किया। इंदौर मंडी में गेहूं की आवक तीन से साढ़े तीन हजार बोरी की है। गेहूं मिल क्वालिटी 2500-2550, पूर्णा 2850 से 2900 और लोकवन 2900-2950 बिक रहा है। मक्का 2300 से 2325 बिकी। कारोबारियों के अनुसार बाजार का रूख सरकार द्वारा गेहूं खरीदी पर बोनस के निर्णय के बाद होगा। यदि सरकारी गेहूं 2700 बिका तो दामों में आगे उछाल आ सकता है।
सनावद मंडी में शनिवार को लाल चना (मौसमी) की आवक शुरू हो गई जिसका भाव 7895 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया। इधर, इंदौर मंडी में देसी चने में लेवाली समर्थन कमजोर मिलने और हल्के मालों की आवक खूब होने के कारण भाव में गिरावट रही। चना कांटा घटकर 6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। मसूर की आवक कुछ कम होने से भाव में सुधार रहा। मसूर बढ़कर 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहा। भाव में स्थिरता रही। कंटेनर में डॉलर चना 40/42 16000, 42/44 15800, 44/46 15600, 58/60 15000, 60/62 14900, 62/64 14800 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया।
दलहन के दाम – चना कांटा 6000, विशाल 5900, नया विशाल 5600-5750, डंकी 5600-5700, मसूर 6000, तुवर महाराष्ट्र सफेद 9800-10000, कर्नाटक 10000-10200, निमाड़ी तुवर 8700-9300, मूंग 9000-9100, बारिश का मूंग नया 9200-10000, एवरेज 7000-8000, उड़द बेस्ट 8800-9200, मीडियम 7000-8000, हल्का उड़द 3000-5000 रुपये क्विंटल के भाव रहे।
दालों के दाम – चना दाल 7800-7900, मीडियम 8000-8100, बेस्ट 8200-8300, मसूर दाल 7400-7500, बेस्ट 7600-7700, मूंग दाल 10700-10700, बेस्ट 10800-10900, मूंग मोगर 11200-11300, बेस्ट 11400-11500, तुवर दाल 11800-11900, मीडियम 12800-12900, बेस्ट 13900-14000, ए. बेस्ट 14900-15000, पैक्ड तुवर दाल नई 15000, उड़द दाल 10800-10900, बेस्ट 11000-11100, उड़द मोगर 11000-11100, बेस्ट 11200-11300 रुपये क्विंटल के भाव रहे।
इंदौर चावल भाव – दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11500-12500, तिबार 10000-11000, बासमती दुबार पोनिया 8500-9500, मिनी दुबार 7500-8500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3200-3400, हंसा सेला 3400-3600, हंसा सफेद 2800-3000, पोहा 4300-4700 रुपये क्विंटल।






