आंध्र प्रदेश में यह तय माना रहा है कि तेलुगु देशम पार्टी राजग हिस्सा हो सकती है। दो-तीन दिनों में इसको लेकर एलान भी हो सकता है। दोनों ही दलों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Sat, 17 Feb 2024 08:49 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 17 Feb 2024 08:49 PM (IST)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। आंध्र प्रदेश में यह तय माना रहा है कि तेलुगु देशम पार्टी राजग हिस्सा हो सकती है। दो-तीन दिनों में इसको लेकर एलान भी हो सकता है। दोनों ही दलों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है। तेदेपा भाजपा लोकसभा छह व विधानसभा की 20 सीटें को राजी हुई है। भाजपा दबाव बना रही है, जिससे इस आंकड़े को बढ़ाया जा सके।
दो-तीन दिनों में हो सकता है एलान
आंध्र प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा का चुनाव भी होगा। चंद्रबाबू नायडू 2018 में मुख्यमंत्री थे, तब वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर एनडीए से अलग हो गए थे। अब उन्होंने पिछले हफ्ते ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा व गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में यह तय हुआ है कि सीट शेयरिंग के बाद इस गठबंधन का एलान भी कर दिया जाएगा।
400 पार के नारे को बल भी मिलेगा
जनसेना पार्टी के मुखिया व साउथ के सुपरस्टार पवन कल्याण ने चंद्रबाबू नायडू व भाजपा के बीच की दूरियों को कम करने का काम किया है। वह भी इस समझौते से खुश है, क्योंकि उन्हें लोकसभा की तीन सीटें दी जा रही हैं। भाजपा को तेदपा से हाथ मिलाकर फायदा ही होने वाला है। वह आंध्रप्रदेश व तेलंगाना में इसका फायदा उठा सकते हैं।
आंध्र प्रदेश में भाजपा को किसी ताकतवर साथी की जरूरत है, क्योंकि उसका अपना कोई जनाधार नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा आंध्र प्रदेश में कुछ खास नहीं कर पाई थी। उसको केवल एक प्रतिशत वोट ही मिले थे। भाजपा के साथ गठबंधन का हिस्सा रही जनसेना पार्टी ने फिर भी छह प्रतिशत वोट हासिल किए थे। तेदपा के साथ गठबंधन से पार्टी को बल मिलेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 400 पार के नारे को भी बल मिलेगा।






