Jabalpur Information : निगमायुक्त ने कहा- हर मंगलवार को जनुसनवाई में उपस्थित रहें अधिकारी, नहीं तो होगी कार्रवाई

Jabalpur Information : जनसुनवाई में विभाग प्रमुख नहीं बैठ रहे हैं जिससे शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा, बार-बार एक ही शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

By Sunil dahiya

Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 08:59 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 08:59 AM (IST)

Jabalpur News : निगमायुक्त ने कहा- हर मंगलवार को जनुसनवाई में उपस्थित रहें अधिकारी, नहीं तो होगी कार्रवाई

HighLights

  1. जनसुनवाई से विभाग प्रमुखों ने बनाई दूरी तो भुगतना होगा परिणाम।
  2. कभी सहायक आयुक्त तो कभी विभागीय अधिकारी ही शिकायत ले रहे।
  3. विभाग प्रमुख किसी आवश्यक कार्य से फील्ड पर हैं वे प्रतिनिधि अवश्य भेंजे।

Jabalpur Information : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नगर निगम में हर मंगलवार होने वाली जनसुनवाई औपचारिकता साबित हो रही है। जनता शिकायत लेकर तो पहुंच रही पर शिकायतों का निराकरण नहीं हाे रहा। जनसुनवाई में कभी सहायक आयुक्त तो कभी विभागीय अधिकारी ही शिकायत ले रहे। हालांकि निगमायुक्त प्रीति यादव ने अब जनसुनवाई में कसावट लाने सभी विभाग प्रमुखों की उपस्थिति सुनिश्चित करने बुधवार को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि प्रत्येक मंगलवार को नगर निगम में सुबह 11 बजे से आयोजित जनसुनवाई में सभी विभाग के प्रमुख अनिवार्य रूप से उपस्थित हों और संबंधित शिकायत का तत्काल निराकरण कराएं। जो विभाग प्रमुख किसी आवश्यक कार्य से फील्ड पर हैं वे अपना प्रतिनिधि अवश्य भेंजे। इस कार्य में यदि लापरवाही बरती गई तो अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी तैयार रहे।

नहीं बैठते विभाग प्रमुख

निगमायुक्त ने जारी निर्देश में बताया कि देखने में आ रहा है कि जनसुनवाई में विभाग प्रमुख नहीं बैठ रहे हैं जिससे शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा, शिकायतकर्ता बार-बार एक ही शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने जल, प्रकाश, भवन, अतिक्रमण, राजस्व, स्थापना सहित सभी विभाग प्रमुखों को प्रत्येक मंगलवार की जनसुनवाई में शामिल होने की हिदायत दी है।

भवन, अतिक्रमण की सर्वाधिक शिकायतें

जारी निर्देश में कहा गया है कि जनसुनवाई में सर्वाधिक शिकायतें भवन शाख और अतिक्रमण शाखा से संबंधित होती है। लिहाजा उक्त दोनों विभाग के प्रमुख अनिवार्य रूप से जनसुनवाई में शमिल होकर शिकायतों का त्वरित निराकरण कराएं।

  • ABOUT THE AUTHOR

    पटना में 2005 में जागरण समूह के दैनिक जागरण से शुरुआत की। 2017 में दैनिक जागरण प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में सेवाएं दीं। 2023 से जागरण समूह के www.naidunia.com से जुड़े। वर्तमान में सीनियर सब एडिटर के पद पर जबलपु

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या पहुंचे यूपी के विधायक-मंत्री, CM योगी संग किए राम लला के दर्शन

सभी विधायक और मंत्री चार घंटे राम लला की नगरी में रहेंगे। पहले हनुमान गढ़ी जाने का भी योजना थी, लेकिन वहां भारी भीड़ के कारण नहीं जाने का फैसला किया गया।

विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने सभी दलों के विधायकों से चलने की अपील की थी, लेकिन समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर इनकार कर दिया।

सपा के छोड़कर भाजपा, आरएलडी और बसपा समेत अन्य सभी दलों के लिए अधिकांश विधायक सुबह विधानसभा में जुटे और यहां से 10 लक्जरी बसों में सवार होकर अयोध्या के लिए रवाना हुए। इस दौरान विधायकों ने जयश्री राम के नारे लगाए।

खास बात यह है कि समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश प्रताप सिंह ने विधानसभा स्पीकर से अपील की थी कि वे अपने नेतृत्व में सभी विधायकों को अयोध्या ले जाएं और राम लला के दर्शन करवाएं। फिर भी अखिलेश यादव ने इस निमंत्रण को ठुकरा दिया। अखिलेश का कहना है कि जब राम लला बुलाएंगे, तब वे और उनके विधायक अयोध्या जाएंगे।

यूपी में राम बनाम शिव की राजनीति

यूपी में राम बनाम शिव की राजनीति हो रही है। दरअसल, अखिलेश यादव लखनऊ में एक शिव मंदिर बनवा रहे हैं। आज सपा विधायक अयोध्या न जाकर लखनऊ में इसी मंदिर में स्थापित होने वाले शिवलिंग की पूजा करेंगे।

इस बीच, लखनऊ से अयोध्या रवाना होते समय स्पीकर ने कहा कि यूपी विधानसभा के 14 विधायकों को छोड़कर शेष सभी अयोध्या जाने को तैयार थे, लेकिन कुछ विधायक पार्टी लाइन के कारण नहीं आ रहे हैं।

स्पीकर ने आगे कहा कि मैं सभी से आग्रह किया है। धर्म के मामले में किसी को बाध्य नहीं किया जा रहा है। यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है।

Rakul and Jackie Bhagnani noticed throughout marriage ceremony purchasing | सेलेब्स स्पॉटेड: शादी की शॉपिंग करने पहुंचे रकुल प्रीत और जैकी भगनानी, पिता वाशु भगनानी और बहन दीपशिखा देशमुख भी नजर आए

3 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी अपनी शादी को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। दोनों 21 फरवरी को गोवा में शादी करने वाले हैं। आज यानी 12 फरवरी को रकुल और जैकी अपनी शादी की शॉपिंग करते हुए स्पॉट हुए। उनके साथ पिता वाशु भगनानी, बहन दीपशिखा देशमुख और उनके पति धीरज देशमुख भी बच्चों के साथ नजर आए। परिवार के लोगों के साथ कपल शॉपिंग करने पहुंचे।

इस दौरान रकुल शॉर्ट कुर्ती और जीन्स पहने बेहद खूबसूरत दिखाई दीं। पैपराजी एक्ट्रेस को कहते हैं, कि वो ब्लश कर रही हैं। ये सुनकर रकुल स्माइल करती हैं। वहीं जैकी भगनानी भी ब्लैक शर्ट और जीन्स में बेहद हैंडसम लग रहे थे।

19-20 फरवरी को गोवा में होगा फंक्शन
बताते चलें, 19 और 20 फरवरी को गोवा में प्री-वेडिंग फंक्शन होंगे। इसके बाद 21 फरवरी को जैकी के साथ रकुल शादी के बंधन में बंध जाएंगी। Delhi Instances के सूत्र के अनुसार, कपल शादी की डेट और फंक्शन को प्राइवेट रखना चाहता है। डिजाइनर्स से लेकर फोटोग्राफर तक, किसी को भी तारीख के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, रकुल या जैकी की तरफ से कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है।

प्राइवेट सेरेमनी में होगी नो फोन पॉलिसी
कुछ समय पहले हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी अपनी शादी को प्राइवेट रखने की तैयारी में हैं। ऐसे में शादी में नो फोन पॉलिसी होगी। शादी की कोई तस्वीर लीक न हो, इसलिए शादी में आए गेस्ट अपने पास फोन नहीं रख पाएंगे।

IND vs ENG third Check in Rajkot: भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट आज से राजकोट में, देखिए पिच रिपोर्ट, वेदर कंडीशन

IND vs ENG third Check: जियो सिनेमा ऐप और स्टार स्पोर्ट्स 18 नेटवर्क चैनल पर मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 07:54 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 07:54 AM (IST)

IND vs ENG 3rd Test in Rajkot: भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट आज से राजकोट में, देखिए पिच रिपोर्ट, वेदर कंडीशन
यह गुजरात का पहला सौर ऊर्जा संचालित स्टेडियम है।

HighLights

  1. पांच मैचों की सीरीज का तीसरा टेस्ट राजकोट में
  2. पिच पर बल्लेबाजी होगी आसान, स्पिनरों को भी मिलेगा फायदा
  3. बारिश की आशंका नहीं, खुशनुमा रहेगा मौसम

एजेंसी, राजकोट। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला गुजरात के राजकोट में गुरुवार से शुरू हो रहा है। सीरीज का फैसला करने के लिए यह मैच अहम माना जा रहा है। अभी दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर है।

IND vs ENG third Check in Rajkot LIVE Updates

यह मुकाबला गुजरात के राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। जियो सिनेमा ऐप और स्टार स्पोर्ट्स 18 नेटवर्क चैनल पर मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।

naidunia_image

IND vs ENG third Check: Predicted Taking part in XI

भारत (IND): यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, सरफराज खान, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल/रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज

इंग्लैंड (ENG): जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, जॉनी बेयरस्टो, बेन स्टोक्स (कप्तान), बेन फॉक्स (विकेटकीपर), रेहान अहमद, टॉम हार्टले, शोएब बशीर, जेम्स एंडरसन/मार्क वुड

IND vs ENG third Check: Pitch report

सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी को सपोर्ट करती है। बल्लेबाजों के अलावा स्पिनरों को भी मदद मिलने की संभावना है। यह गुजरात का पहला सौर ऊर्जा संचालित स्टेडियम है।

IND vs ENG third Check: Climate report

मौसम विभाग के अनुसार, मैच के दौरान राजकोट में बारिश की बिल्कुल आशंका नहीं है। पांचों दिन मौसम सुहाना रहेगा और तापमान 16 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

  • ABOUT THE AUTHOR

    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Bharat Band: 16 फरवरी को किसानों का भारत बंद, दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर धारा 144 लागू, हरियाणा बॉर्डर भी सील

Farmers Protest LIVE Updates: दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही दिल्ली आने वाले हरियाणा के रास्तों को भी बंद कर दिया गया है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Solar, 11 Feb 2024 02:02 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 11 Feb 2024 02:02 PM (IST)

Bharat Band: 16 फरवरी को किसानों का भारत बंद, दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर धारा 144 लागू, हरियाणा बॉर्डर भी सील

HighLights

  1. 13 मार्च को दिल्ली कूच करेंगे किसान
  2. किसानों से पहले दौर की वार्ता रही बेनतीजा
  3. देशभर की 56 यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा भारत बंद का दावा

एजेंसी, नई दिल्ली। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों की मांग का मुद्दा गहराता जा रहा है। ताजा खबर यह है कि किसान संगठनों ने 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।

Farmers Protest LIVE Updates

दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही दिल्ली आने वाले हरियाणा के रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली कूच का एलान किया है।

#WATCH | Haryana: Safety tightened at Ambala-Kaithal bypass, forward of the farmers’ name for March to Delhi on thirteenth February. pic.twitter.com/SXLebgX4RJ

— ANI (@ANI) February 11, 2024

संयुक्त किसान मोर्चा ने 16 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। सभी किसान संगठनों ने इसका समर्थन किया है।

इस बीच, सरकार ने किसानों से वार्ता की पहल भी कर दी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ ही अर्जुन मुंडा चंडीगढ़ में किसान नेताओं से बात करेंगे।

इसे पहले गुरुवार को चंडीगढ़ में तीन केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न किसान संगठनों के नेताओं के बीच हुई बातचीत जहां बेनतीजा रही, वहीं आंदोलन की कमान नए चेहरों ने संभाल ली है।

ये वही किसान नेता हैं, जो पहले हुए किसान आंदोलन में पिछली सीटों पर बैठते थे।

  • ABOUT THE AUTHOR

    करियर की शुरुआत 2006 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के हिंदी सांध्य दैनिक ‘प्रभात किरण’ से की। इसके बाद न्यूज टुडे और हिंदी डेली पत्रिका (राजस्थान पत्रिका समूह) में सेवाएं दीं। 2014 में naidunia.com से डिजिटल की

Vinod Mehra Secret Marriage Controversy; Rekha | Bindiya Goswami | विनोद मेहरा ने की थीं 3 शादियां, तीनों टूटीं: रेखा को घर ले आए तो मां ने की बदसलूकी, परिवार के डर से होटल में छिपे

2 दिन पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

  • कॉपी लिंक

70 के दशक के सबसे हैंडसम हीरोज में गिने जाने वाले विनोद मेहरा की आज 79वीं बर्थ एनिवर्सरी है। 13 फरवरी 1945 को जन्मे विनोद अगर आज जिंदा होते तो 79वां जन्मदिन मना रहे होते, लेकिन अफसोस कि महज 45 साल की उम्र में हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। विनोद मेहरा अपने इकलौते बेटे का चेहरा तक नहीं देख सके, जिसका जन्म उनकी मौत के 8 महीने बाद हुआ था।

विनोद मेहरा ने अमर प्रेम, घर, जानी दुश्मन, नौकर बीवी का जैसी करीब 100 बेहतरीन फिल्मों में काम कर बड़ा नाम बनाया, लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा ट्रैजडी से भरी रही। 3 शादियों के बावजूद, विनोद मेहरा सालों तक तनहा रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनोद ने रेखा से भी शादी की थी, लेकिन वो उन्हें कभी पत्नी का दर्जा नहीं दे पाए। शादी के चंद घंटों बाद ही परिवार ने रेखा से बदसलूकी कर दोनों को अलग कर दिया। परिवार के दबाव में विनोद ने दूसरी शादी तो कर ली, लेकिन वो खुश नहीं रह सके।

इस बीच उनकी जिंदगी में एक्ट्रेस बिंदिया गोस्वामी आईं। विनोद ने बिंदिया को अपनाना चाहा तो पत्नी के परिवार ने उन्हें इतना धमकाया कि जान बचाने के डर से उन्हें होटलों में छिपकर रहना पड़ा।

सब ठीक होने का इंतजार था कि बिंदिया ने भी एक डायरेक्टर के लिए उनका साथ छोड़ दिया। आखिरकार उन्हें चौथी पत्नी से प्यार मिला, लेकिन शादी के महज 2 साल बाद ही उनकी मौत हो गई।

आज विनोद मेहरा की बर्थ एनिवर्सरी के खास मौके पर जानिए उनके हीरो बनने का सफर और उनकी जिंदगी से जुड़ी ट्रैजडी की कहानी-

भारत की आजादी के बाद परिवार अमृतसर से बॉम्बे पहुंचा

विनोद मेहरा का जन्म 13 फरवरी 1945 को अमृतसर के पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता परमेश्वरी दास एक बिजनेसमैन थे, जो भारत को आजादी मिलने के ठीक बाद बिजनेस करने के लिए अमृतसर से बॉम्बे (अब मुंबई) आए थे। बॉम्बे में परमेश्वरी दास की बहन शारदा, हिंदी सिनेमा से जुड़ीं और छोटे-मोटे रोल करने लगीं।

विनोद मेहरा ने अपने करियर में करीब 100 फिल्मों में काम किया है।

विनोद मेहरा ने अपने करियर में करीब 100 फिल्मों में काम किया है।

महज 10 साल की उम्र से अभिनय करने लगे विनोद मेहरा

बुआ की मदद से विनोद को महज 10 साल की उम्र में 1955 की फिल्म अद्ल-ए-जहांगीर में चाइल्ड आर्टिस्ट का काम मिल गया। इसके बाद 13 साल के विनोद 1958 की फिल्म रागिनी में भी नजर आए। 1960 की फिल्म बेवकूफ में विनोद ने किशोर कुमार के बचपन का रोल प्ले किया था।

बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करते हुए ही विनोद ने बॉम्बे में रहकर सांताक्रूज स्थित सेक्रेड हार्ट बॉयज हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर सेंट जेवियर कॉलेज में बैचलर डिग्री लेने के लिए दाखिला ले लिया।

ऑल इंडिया कॉन्टेस्ट में राजेश खन्ना को दिया तगड़ा कॉम्पिटिशन

पढ़ाई के बीच 20 साल की उम्र में विनोद मेहरा ने ऑल इंडिया टैलेंट कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया था, जिसे यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स एंड फिल्मफेयर द्वारा ऑर्गेनाइज किया गया था। देशभर के 10 हजार युवाओं ने इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था। 10 हजार लोगों को पीछे छोड़कर राजेश खन्ना ने इस कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की और विनोद मेहरा ने उन्हें कड़ी टक्कर देकर दूसरा स्थान हासिल किया था।

इस कॉम्पिटिशन के बाद राजेश खन्ना को फिल्मों में काम मिलने लगा, लेकिन विनोद को कोई फायदा नहीं मिला।

एक रेस्टोरेंट में खुल गए किस्मत के ताले, मिल गई फिल्म

एक दिन विनोद मेहरा अपने कुछ दोस्तों के साथ मुंबई के मशहूर गेलॉर्ड रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे, जहां उन पर मशहूर डायरेक्टर रूप के. शौरी की नजर पड़ गई। रूप के. शौरी ने उन्हें अपने दफ्तर बुलाया और उन्हें 1971 की फिल्म एक थी रीटा में कास्ट कर लिया। 1971 में रिलीज हुई ये फिल्म जबरदस्त हिट रही। जिससे विनोद को पूरे देश में पहचान मिल गई। यहां से विनोद मेहरा ने बतौर हीरो करियर की दूसरी पारी शुरू की।

आगे वो पर्दे के पीछे, ऐलान, अमर प्रेम, लाल पत्थर जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि उन्हें स्टारडम 1973 की फिल्म अनुराग से मिला। लगातार फिल्मों में नजर आते हुए विनोद मेहरा अपने 20 साल के एक्टिंग करियर में करीब 100 फिल्मों में नजर आए।

एक फिल्म के जरिए दिखाया फ्यूचर, 27 साल बाद हुआ सच

विनोद मेहरा 1971 में रेखा के साथ फिल्म ऐलान में नजर आए थे। ये एक फिक्शनल फिल्म थी, जिसमें एक ऐसी रिंग का इस्तेमाल किया गया था, जिसके जरिए इंसान अदृश्य हो जाता था। यही कॉन्सेप्ट अनिल कपूर की मिस्टर इंडिया में इस्तेमाल किया गया था।

इस फिल्म में रेखा को एक स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करते देखा गया था, जिसके जरिए वो कॉलिंग करती थीं, जबकि 70 के दशक में स्मार्टवॉच का इनवेंशन नहीं हुआ था। इस फिल्म की रिलीज के 27 साल बाद 1998 में स्टीवमैन ने स्मार्टवॉच का इनवेंशन किया। आजकल स्मार्चवॉच कॉलिंग आम है, लेकिन उस दौर में हैरानी की बात थी।

रेखा से शादी कर घर ले गए, तो मां ने धक्के देकर निकाला

फिल्म ऐलान की शूटिंग के दौरान रेखा और विनोद मेहरा एक-दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों ने 70 के दशक में सीक्रेट शादी भी की थी। यासेर उस्मान द्वारा रेखा पर लिखी गई बायोग्राफी रेखा- द अनटोल्ड स्टोरी में लिखा गया है कि रेखा और विनोद मेहरा ने कोलकाता में शादी की थी। शादी के बाद विनोद मेहरा, रेखा को बॉम्बे ले आए थे, लेकिन जैसे ही वो उन्हें घर ले गए, तो घर वालों ने शादी को कबूल करने से साफ मना कर दिया।

बायोग्राफी के मुताबिक, जैसे ही रेखा ने विनोद की मां के पैर छूने चाहे, तो उन्होंने रेखा को धक्का दे दिया और फिर गुस्से में चप्पल से मारने लगीं। मां ने दोनों को घर से जलील करके निकाल दिया और दोनों ने शादी तोड़ ली। हालांकि, सिमी गरेवाल को दिए एक इंटरव्यू में रेखा ने विनोद मेहरा से शादी को अफवाह ठहराया था।

घरवालों ने जबरदस्ती करवाई थी दूसरी शादी

विनोद मेहरा को रेखा से दूर करने के लिए उनके परिवार वालों ने उनकी शादी मीना ब्रोका से करवा दी। मीना एक हाउसवाइफ थीं, जो मुंबई आकर विनोद के साथ रहने लगीं। शादी के कुछ समय बाद विनोद को हार्ट अटैक आया, जिसके लिए उनकी पत्नी को जिम्मेदार माना गया। बीतते समय के साथ विनोद की तबीयत तो सुधर गई, लेकिन उनके पत्नी से रिश्ते बिगड़ गए।

बिंदिया गोस्वामी से नजदीकी बढ़ी, तो पत्नी के घरवालों ने दी धमकियां

पत्नी से बढ़ती अनबन के बीच विनोद मेहरा और 16 साल छोटी एक्ट्रेस बिंदिया गोस्वामी की नजदीकियां बढ़ने लगीं। जैसे ही दोनों के रिश्ते की भनक मीना के घरवालों को लगी, तो उन्होंने विनोद और बिंदिया को धमकियां देनी शुरू कर दीं।

बिंदिया गोस्वामी के साथ विनोद मेहरा।

बिंदिया गोस्वामी के साथ विनोद मेहरा।

ससुराल की धमकियों से डरकर होटल्स में छिपकर रहे

पत्नी मीना ब्रोका के घरवालों से डरकर बिंदिया और विनोद अलग-अलग होटल्स में छिपने लगे। कई दिनों तक लोगों से छिपकर रहते हुए दोनों तंग आने लगे, लेकिन बिंदिया के लिए विनोद किसी भी हद तक जाने को राजी थे। उन्होंने 1979 में पत्नी मीना ब्रोका को तलाक दे दिया और 1980 में बिंदिया से शादी कर ली।

परिवार और ससुराल वालों से लड़ते हुए विनोद मेहरा को जोरदार झटका लगा। 1984 में बिंदिया ने अचानक विनोद मेहरा से तलाक ले लिया और डायरेक्टर जे.पी. दत्ता से शादी कर ली। जिस बिंदिया के लिए विनोद मेहरा ने सब कुछ छोड़ दिया, वही बिंदिया उन्हें छोड़ गईं। इस रिश्ते के टूटने से विनोद मेहरा काफी परेशान रहने लगे थे।

4 साल बाद की थी तीसरी शादी

विनोद मेहरा ने 1988 को केन्या के ट्रांसपोर्ट बिजनेसमैन की बेटी किरण से तीसरी शादी की थी। 1988 में विनोद की पत्नी किरण ने बेटी सोनिया को जन्म दिया। दोनों खुशहाल जिंदगी जी रहे थे।

पत्नी किरण और रेखा के साथ विनोद मेहरा, बेटी को गोद लिए हुए।

पत्नी किरण और रेखा के साथ विनोद मेहरा, बेटी को गोद लिए हुए।

फिल्ममेकर बनना चाहते थे विनोद, इकलौती फिल्म मौत के तीन साल बाद आई

विनोद मेहरा फिल्ममेकर बनना चाहते थे। उन्होंने 90 के दशक के आखिर में ऋषि कपूर, श्रीदेवी, अनिल कपूर को कास्ट कर फिल्म गुरुदेव प्रोड्यूस की और उसे खुद डायरेक्ट भी किया। स्टारकास्ट की डेट्स न मिलने पर फिल्म टलती गई, जिससे इसका बजट बढ़ने लगा। इससे विनोद को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा था, जिससे वो परेशान रहने लगे थे। आखिरकार 1990 में फिल्म की शूटिंग आधी हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच 30 अक्टूबर 1990 को हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया।

विनोद मेहरा की मौत के बाद फिल्म गुरुदेव का डायरेक्शन राज सिप्पी ने किया था। ये फिल्म विनोद मेहरा की मौत के 3 साल बाद 1993 में रिलीज हुई थी। विनोद मेहरा की फिल्में पत्थर के फूल (1991), इंसानियत (1994) और औरत औरत औरत (1996) भी उनकी मौत के बाद रिलीज हुई थीं।

विनोद की मौत के बाद हुआ था बेटे का जन्म, परिवार ने छोड़ा देश

विनोद मेहरा सिर्फ 45 साल के थे, जब उनका निधन हुआ था। उनकी मौत के 7 महीने बाद उनके बेटे रोहन मेहरा का जन्म हुआ था। जब विनोद का निधन हुआ तो उनकी पत्नी 2 महीने की गर्भवती थीं। बेटी सोनिया भी महज 2 साल की थी। विनोद की मौत के बाद उनकी विधवा पत्नी किरण केन्या लौट गईं। उन्होंने मोंबासा में रहकर बच्चों की परवरिश की, फिर बच्चे पढ़ाई के लिए UK चले गए।

फिल्मों में आ चुके हैं विनोद मेहरा के बच्चे

विनोद की बेटी सोनिया ने 2007 की फिल्म विक्टोरिया नं 203 से बॉलीवुड में कदम रखा था, हालांकि फिल्म कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। वहीं इनके बेटे रोहन ने निखिल आडवाणी की 2018 में आई फिल्म बाजार से बॉलीवुड डेब्यू किया है। फिल्म में उनके साथ सैफ अली खान, राधिका आप्टे, चित्रांगदा भी लीड रोल में थे।

Metro In Indore: इंदौर में रीगल पर बनने वाले अंडर ग्राउंड स्टेशन पर पहुंचने के लिए बनेंगे तीन रास्ते

Metro In Indore: अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए जमीन जुटाने की कवायद में जुटा मेट्रो प्रबंधन।

By Sameer Deshpande

Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 08:38 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 08:38 AM (IST)

Metro In Indore: इंदौर में रीगल पर बनने वाले अंडर ग्राउंड स्टेशन पर पहुंचने के लिए बनेंगे तीन रास्ते
शहर में अन्य स्थानों पर ओवरहेड पिलर पर चलने वाली मेट्रो रीगल से एयरपोर्ट के बीच अंडरग्राउंड चलेगी। -नईदुनिया

HighLights

  1. अंडर ग्राउंड मेट्रो- 8.8 किमी़ -सात स्टेशन।
  2. लागत 2500 करोड़, एशियन डेवलपमेंट बैंक से 1600 करोड़ ऋण।
  3. मार्च में जारी होगा टेंडर, छह महीने में तय होगी एजेंसी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Metro In Indore। रीगल टाकीज चौराहे पर बनने वाले मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन पर पहुंचने के लिए मेट्रो रेल प्रबंधन तीन रास्ते तैयार करेगा। इससे रीगल चौराहे के अलावा रेलवे प्लेटफार्म नंबर-1 व नेहरू पार्क स्थित आइलैंड प्लेटफार्म से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने वालों को आसानी होगी। इसके लिए एसपी आफिस कार्यालय परिसर, रीगल टाकीज व चौराहे पर क्षेत्रीय पुस्तकालय के पास स्थित उद्यान वाले हिस्से में अंडरग्राउंड स्टेशन तक पहुंचने के लिए तीन मार्ग तैयार किए जाएंगे।

कीर्ति स्तंभ को शिफ्ट करने की संभावना

मेट्रो के अंडर ग्राउंड स्टेशन के लिए मौजूदा लेआउट के मुताबिक रीगल चौराहा पर बने महावीर कीर्ति स्तंभ को भी शिफ्ट करना पड़ सकता है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन के अधिकारी अभी इस कवायद में जुटे है कि इस स्तंभ को शिफ्ट किए बिना ही मेट्रो स्टेशन के लिए आवश्यक सुविधाएं जुटा ली जाए। गौरतलब है कि भगवान महावीर के 2550 महानिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में 30 साल पहले रीगल चौराहा पर यह कीर्ति स्तंभ तैयार किया गया था। छह माह पहले इसका रिनोवेशन भी किया गया था।

प्रवेश व निकासी मार्ग, इमारत व वेंटिलेशन के लिए जमीन की जरूरत

शहर में रीगल चौराहा से एयरपोर्ट तक 8.8 किलोमीटर में बनने वाले मेट्रो के अंडरग्राउंड हिस्से में अलग-अलग सात स्थानों पर जमीन के नीचे स्टेशन बनाए जाना प्रस्तावित है। इस हिस्से में सघन बसाहट व प्रमुख बाजार होने के कारण मेट्रो को अंडरग्राउंड ले जाने की योजना बनी है। जमीन के नीचे बनने वाले स्टेशनों के ऊपरी हिस्से में प्रवेश व निकासी मार्ग, आसपास की इमारत व वेंटिलेशन के जमीन की जरूरत होगी।
naidunia_image

इसके अलावा अंडर ग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए मशीनों को जमीन में पहुंचाने के लिए जगह की जरूरत होगी। यही वजह कि मेट्रो रेल प्रबंधन द्वारा सात स्थानों पर स्टेशन निर्माण के लिए जमीन जुटाने की कवायद की जा रही है। जिला प्रशासन के भू-अभिलेख विभाग द्वारा सात स्थानों पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से मेट्रो को जमीन उपलब्ध करवाने के लिए उद्घोषणा जारी की है। अगले 15 दिन निर्धारित जमीनों के दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन को यह जमीनें सौंपी जाएंगी।

सात अंडर ग्राउंड स्टेशन वाले हिस्सों की ली जाएगी जमीनें

मेट्रो स्टेशन : रेलवे स्टेशन (रीगल टाकिज चौराहा)

  • पुलिस अधीक्षक कार्यालय की 0.2489 हेक्टेयर भूमि
  • देवी अहिल्या पुस्तकालय के पास निगम के उद्यान व महावीर कीर्ति स्तंभ की 0.3666 हेक्टेयर जमीन स्थायी और 0.0864 हेक्टेयर भूमि अस्थायी
  • रीगल टाकीज व मिल्- वे टाकिज की 0.3227 हेक्टेयर स्थायी एवं 0.0340 हेक्टेयर भूमि अस्थायी

मेट्रो स्टेशन: राजवाड़ा (निगम मुख्यालय परिसर)

  • नगर निगम मुख्यालय परिसर में 0.9464 हेक्टेयर स्थायी एवं 0.2016 हेक्टेयर अस्थायी
  • शासकीय मराठी स्कूल परिसर की 0.2450 हेक्टेयर स्थायी एवं 0.2370 हेक्टेयर अस्थायी

मेट्रो स्टेशन: छोटा गणपति (मल्हारगंज क्षेत्र)

  • मल्हारगंज पुलिस थाना के आधिपत्य की 0.0380 हेक्टेयर जमीन
  • मल्हारगंज स्थित लाल अस्पताल की 0.0900 हेक्टेयर भूमि
  • मल्हारगंज थाना के समीप निगम उद्यान की 0.1940 हेक्टेयर भूमि

मेट्रो स्टेशन: बड़ा गणपति चौराहा

  • शासकीय शारदा कन्या उमा विद्यालय की 0.0370 हेक्टेयर स्थायी एवं 0.2930 हेक्टेयर अस्थायी भूमि
  • मप्र वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक कार्पोरेशन की 0.8531 हेक्टेयर भूमि
  • मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की 0.2584 हेक्टेयर भूमि

मेट्रो स्टेशन : रामचंद्र नगर चौराहा (बीएसएफ परिसर)

  • यहां पर बीएसएफ सीएसडब्ल्यूटी परिसर की कुछ जमीन पर मेट्रो का निर्माण होगा।

मेटो स्टेशन: एयरपोर्ट

  • देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट की जमीन का कुछ हिस्सा शामिल होगा।
  • ABOUT THE AUTHOR

    : पिछले करीब 15 सालों से नईदुनिया अखबार के लिए खेल की रिपोर्टिंग की है। क्रिकेट विश्व कप, डेविस कप टेनिस सहित कई प्रमुख मौकों पर विशेष भूमिका में रहा। विभिन्न खेलों की कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कव

Comic Rajendra Nath Battle Story; Popatlal | Monetary Disaster | कॉमेडियन राजेंद्रनाथ की ट्रैजडी भरी कहानी: भाई ने घर से निकाला तो 10 साल स्ट्रगल किया, स्टार बने लेकिन एक्सीडेंट के कारण काम मिलना बंद हुआ

2 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

राजेंद्र नाथ। एक ऐसे बॉलीवुड स्टार जो अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग के चलते मशहूर थे। 60-70 के दशक की फिल्में इनकी कॉमेडी के बिना अधूरी मानी जाती थीं। ये वो समय था जब महमूद और जॉनी वॉकर जैसे कॉमेडियन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बना चुके थे, लेकिन इसके बावजूद राजेंद्र नाथ पॉपुलर हो गए।

यही वजह थी कि इन्होंने तकरीबन 187 फिल्मों में काम किया, लेकिन इतनी सफलता उन्हें आसानी से नहीं मिली। शुरुआत में छोटे-छोटे रोल में किसी ने उन्हें नोटिस नहीं किया। ‘दिल देके देखो’ से उन्हें पहली बार सक्सेस मिली, जिसके लिए उन्हें दस साल तक इंतजार करना पड़ा। राजेंद्र नाथ की पर्सनल लाइफ बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही।

कभी बड़े भाई प्रेम नाथ ने घर से निकाल दिया, तो कभी कुछ गलत फैसलों के चलते उन्हें कंगाली में दिन काटने पड़े। बाद में एक्सीडेंट से काम मिलना पूरी तरह बंद हो गया।

आज 16वीं डेथ एनिवर्सरी पर जानते हैं इनकी लाइफ से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से…

पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे, राजेंद्र नाथ बने एक्टर

राजेंद्र नाथ का जन्म 8 जून, 1931 को टीकमगढ़, मध्यप्रदेश में हुआ था। उनकी फैमिली मूलतः पेशावर, पाकिस्तान से थी, लेकिन भारत-पाक विभाजन के बाद जबलपुर में आकर बस गई। राजेंद्र नाथ की स्कूलिंग दरबार कॉलेज, रीवा में हुई। कांग्रेस लीडर रहे अर्जुन सिंह उनके क्लासमेट थे।

पिता राजेंद्र नाथ को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन राजेंद्र नाथ को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी। वो अपने भाई प्रेम नाथ की तरह फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाना चाहते थे। प्रेम नाथ बॉम्बे जा चुके थे और उनकी देखा-देखी पहले भाई नरेंद्र और फिर राजेंद्र नाथ ने भी 1949 के आसपास बॉम्बे का रुख कर लिया।

राजेंद्र नाथ ने पृथ्वी थिएटर के दीवार, आहुति, पठान और शकुंतला जैसे नाटकों में काम किया।

राजेंद्र नाथ ने पृथ्वी थिएटर के दीवार, आहुति, पठान और शकुंतला जैसे नाटकों में काम किया।

यहां उन्होंने कॉलेज में एडमिशन लेकर आगे की पढ़ाई की। इसी दौरान वो पृथ्वी थिएटर से भी जुड़ गए और छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा करने लगे। मुंबई में वो अपने भाई प्रेम नाथ के घर में रहा करते थे। प्रेम नाथ भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनकी बहन कृष्णा से शादी के बाद राज कपूर ने प्रेम नाथ को फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के लिए मुंबई बुलाया था। उनके कहने पर प्रेम नाथ ने फिल्मों में किस्मत आजमाई और उनका करियर चल निकला। इसी दौरान उन्होंने एक्ट्रेस बीना राय से शादी कर अपना घर बसा लिया।

प्रेम नाथ (बाएं) के साथ राजेंद्र नाथ।

प्रेम नाथ (बाएं) के साथ राजेंद्र नाथ।

भाई प्रेम नाथ ने घर से निकाला

राजेंद्र नाथ पृथ्वी थिएटर में होने वाले प्ले में काम करके खुश थे, लेकिन इसी दौरान वो थोड़े लापरवाह हो गए थे। उनके बड़े भाई प्रेम नाथ को उनकी लापरवाही बिल्कुल पसंद नहीं थी। इसी वजह से एक दिन उनको राजेंद्र नाथ पर गुस्सा आ गया और उन्होंने उन्हें घर से निकाल दिया।

अपने घर से निकालकर प्रेम नाथ ने अपने दूसरे घर में राजेंद्र नाथ के रहने का इंतजाम तो कर दिया, लेकिन रोजमर्रा के खर्चे चलाना उनके लिए मुश्किल हो गया। तब करण जौहर के पिता यश जौहर उनके रूममेट हुआ करते थे।

एक इंटरव्यू में राजेंद्र नाथ ने कहा था, ‘मेरे पास एक पुराना स्कूटर हुआ करता था जिसमें पेट्रोल भरवाने के लिए हमारे पास पैसे नहीं होते थे। खाने के लिए हम दोस्तों पर निर्भर रहते थे, लेकिन ऐसा कब तक चलता? हमेशा मेरे मन में यही सवाल रहता था। मुझे अपने करियर के प्रति सीरियस होना ही था। मेरे भाई ने जो भी किया था वो मेरे भले के लिए ही किया था।

फिर राजेंद्र नाथ अपने करियर को लेकर सीरियस हो गए और फिल्मों में काम ढूंढने लगे। शुरुआत में उन्हें चंद सेकेंड के रोल्स मिले और वो कोई खास पहचान नहीं बना पाए और उन्हें तकरीबन दस साल तक स्ट्रगल करना पड़ा।

‘दिल देके देखो’ से चमकी किस्मत

इसी दौरान प्रेम नाथ ने पीएन प्रोडक्शन के नाम से एक प्रोडक्शन हाउस खोला जहां उन्होंने भाई राजेंद्र को काम दिया। राजेंद्र नाथ ने 1953 में आई फिल्म ‘शगूफा’ और 1954 में रिलीज हुई फिल्म ‘गोलकुंडा का कैदी’ में छोटे-मोटे रोल किए, लेकिन ये दोनों फिल्में फ्लॉप रहीं। इसके बाद उन्होंने ‘हम सब चोर हैं’ में पहली बार कॉमेडी की तो नोटिस किए गए।

बाएं से नासिर हुसैन, राजेंद्र नाथ, शम्मी कपूर और ताहिर हुसैन।

बाएं से नासिर हुसैन, राजेंद्र नाथ, शम्मी कपूर और ताहिर हुसैन।

राजेंद्र नाथ के लिए 1959 में आई फिल्म ‘दिल देके देखो’ एक उम्मीद की किरण की तरह साबित हुई। इस फिल्म में अपनी जबरदस्त कॉमिक स्टाइल से उन्होंने फिल्ममेकर्स का ध्यान खींच लिया। फिल्म में राजेंद्र नाथ को शशधर मुखर्जी के कहने पर लिया गया था जिसके डायरेक्टर नासिर हुसैन थे।

इस फिल्म में शम्मी कपूर और आशा पारेख लीड रोल में थे। ‘दिल देके देखो’ के बाद राजेंद्र नाथ का करियर चल निकला और इसके बाद 1961 में आई ‘जब प्यार किसी से होता है’ में पोपटलाल का रोल निभाकर राजेंद्र नाथ 60 और 70 के दशक के बेस्ट कॉमेडियन्स की लिस्ट में शामिल हो गए। 1972 तक वो अपने करियर के पीक पर रहे। इस दौरान उन्होंने हर बड़े डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के साथ काम किया।

1971 में आई फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' में देव आनंद, जूनियर महमूद और राजेंद्र नाथ।

1971 में आई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ में देव आनंद, जूनियर महमूद और राजेंद्र नाथ।

जॉनी वॉकर, महमूद के दौर में बनाई पहचान

‘दिल देके देखो’ और ‘जब प्यार किसी से होता है’ के बाद राजेंद्र नाथ को नासिर हुसैन ने ‘फिर वही दिल लाया हूं’, ‘बहारों के सपने’ और ‘प्यार का मौसम’ जैसी कई फिल्मों में कास्ट किया जिसमें उनकी कॉमेडी खूब पसंद की गई।

इस दौर में जॉनी वॉकर के अलावा महमूद भी बेस्ट कॉमेडियन बनने की राह पर थे, लेकिन कॉमेडी के इन दिग्गजों के बीच भी राजेंद्र नाथ को सफलता मिली। मेरे सनम और फिर वही दिल लाया हूं उनकी बतौर कॉमेडियन बेहतरीन फिल्में मानी जाती हैं।

कॉमेडी में तो राजेंद्र नाथ ने झंडे गाड़े ही थे, लेकिन एक फिल्म ऐसी भी थी जिसमें वो विलेन बने थे। ये फिल्म ‘हमराही’ थी जिसमें उनके अपोजिट शशिकला थीं। इसके अलावा उन्होंने ‘वचन’ और ‘तीन बहूरानियां’ जैसी फिल्में कीं जिनमें या तो वो हीरो थे या फिर सेकेंड लीड। वहीं, फिल्म ‘धड़कन’ और ‘जीवन मृत्यु’ जैसी फिल्मों में वो सपोर्टिंग रोल में दिखे थे।

मनोज कुमार की चर्चित फिल्म ‘पूरब और पश्चिम में राजेंद्र नाथ का भले ही बहुत बड़ा कॉमिक रोल नहीं था, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस काफी सराही गई। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में एक नेपाली फिल्म में भी काम किया था। ये फिल्म ‘मैतीघर’ थी जिसे पहली नेपाली फिल्म माना जाता है। इस तरह राजेंद्र नाथ ने तकरीबन 187 फिल्मों में काम किया था।

1961 में आई फिल्म 'जब प्यार किसी से होता है' में पोपटलाल के रोल में राजेंद्र नाथ।

1961 में आई फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में पोपटलाल के रोल में राजेंद्र नाथ।

पोपटलाल के किरदार ने विदेश में भी दिलाई पॉपुलैरिटी

‘जब प्यार किसी से होता है’ में पोपटलाल के रोल से राजेंद्र नाथ को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी खूब पॉपुलैरिटी मिली थी। बाद में अपने करियर में राजेंद्र नाथ ने इस किरदार को खूब भुनाया और इसी नाम से स्टेज शोज भी करने लगे।

इसमें वो अपने यूनीक कॉमिक स्टाइल में जोक्स सुनाकर लोगों का मनोरंजन करते थे। वो ये शोज करने यूरोप और अमेरिका भी जाने लगे जिससे उन्हें विदेश में भी पॉपुलैरिटी मिल गई।

1995 से 2006 तक जब उन्होंने टीवी शो हम पांच में काम किया तो यहां भी उनके किरदार का नाम पोपटलाल ही था, जो खूब पसंद किया गया।

एक्सीडेंट ने करियर में लगाया ब्रेक

राजेंद्र नाथ अपने करियर में नई ऊंचाइयां छू रहे थे। उनकी निजी जिंदगी भी अच्छी चल रही थी। 1969 में उन्होंने गुलशन कृपलानी से शादी कर अपना घर बसा लिया था और दो बच्चों के पिता भी बने। इसके कुछ समय बाद एक कार एक्सीडेंट ने उनके करियर पर ब्रेक लगा दिया।

वो फिल्मों में काम नहीं कर पाए और धीरे-धीरे फिल्ममेकर्स ने भी उन्हें रोल ऑफर करने बंद कर दिए। चार साल तक खराब सेहत से जूझने के बाद राजेंद्र नाथ ने अपने करियर को दोबारा शुरू करने की कोशिशें कीं, लेकिन नाकाम रहे।

राजेंद्र नाथ ने अपने करियर में तकरीबन 187 फिल्में की थीं

राजेंद्र नाथ ने अपने करियर में तकरीबन 187 फिल्में की थीं

फिल्म बनाने की कोशिश में कर्ज में डूबे

बतौर एक्टर कोई काम न मिलता देख 1974 में उन्होंने खुद एक फिल्म बनाने की सोची। फिल्म का नाम ‘ग्रेट क्रैशर’ रखा जिसमें उन्होंने रणधीर कपूर और नीतू सिंह को कास्ट किया, लेकिन ये फिल्म 10 दिनों में ही बंद हो गई।

दरअसल, राजेंद्र नाथ को फिल्ममेकिंग के बारे में कोई नॉलेज नहीं थी इसलिए उन्होंने कास्ट, क्रू को मुंहमांगे पैसे दिए जिससे फिल्म ओवरबजट हो गई। नतीजा ये रहा कि फिल्म बंद करनी पड़ी और राजेंद्र नाथ लाखों के कर्ज में डूब गए।

जिन लोगों से पैसे लेकर राजेंद्र नाथ ने फिल्म बनाने की सोची थी, वो उन पर पैसे वापस करने का दबाव बनाने लगे। इतनी जल्दी पैसा चुकाना राजेंद्र नाथ के लिए नामुमकिन हो गया क्योंकि उनके पास कोई काम नहीं था। कर्जदारों ने उनसे अपने दिए पैसों का ज्यादा से ज्यादा ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इससे राजेंद्र नाथ की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई।

अपने बुरे दौर पर बात करते हुए राजेंद्र नाथ ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘दिल्ली और यूपी के डिस्ट्रीब्यूटर्स मुझे खून के आंसू रुलाने को कमर कस चुके थे। मेरी बुरी हालत के बारे में वो अच्छे से जानते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मुझे दिए पैसों पर तगड़ा ब्याज लगाया और मुझसे एक-एक पैसा वसूल लिया।’

2008 में राजेंद्र नाथ का हार्ट अटैक से निधन हो गया।

2008 में राजेंद्र नाथ का हार्ट अटैक से निधन हो गया।

प्रेम नाथ ने दोबारा दिलवाए रोल

इस मुश्किल वक्त में भाई प्रेम नाथ ने उनकी मदद की और उन्हें फिल्मों में काम दिलाया। इसके बाद राज कपूर की ‘प्रेम रोग’ और फिल्म ‘बीवी ओ बीवी’ में राजेंद्र नाथ अहम रोल में नजर आए। 90 के दशक में आई काजोल की पहली फिल्म बेखुदी में भी उन्होंने काम किया था, लेकिन फिल्म सौदा उनके करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई। राजेंद्र नाथ ने टीवी शो ‘हम पांच’ में भी लंबे समय तक काम किया।

भाइयों की मौत से लगा सदमा

बड़े भाई प्रेम नाथ ने राजेंद्र नाथ को काफी सपोर्ट किया था, लेकिन 1991 में उनका निधन हो गया। इससे राजेंद्र नाथ काफी टूट गए। इसके 7 साल बाद उन्हें एक और झटका तब लगा जब भाई नरेंद्र नाथ की भी डेथ हो गई।

निजी जिंदगी से दुखी होकर राजेंद्र नाथ ने एक्टिंग की दुनिया से दूरी बना ली। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में किसी से मिलना-जुलना भी बंद कर दिया और अकेले अपना जीवन बिताने लगे। 2008 में उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया।

राहुल गांधी पर बरसे प्रमोद कृष्णम, ‘जो मां का सम्मान नहीं करते, वह देश की विरासत क्या संभालेंगे’
  • पार्टी में प्रियंका गांधी तक का सम्मान नहीं है। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस के पदाधिकारियों की जारी सूची में उनके नाम के आगे महासचिव बिना पोर्टफोलियो लिखा था।
  • कांग्रेस की इन नीतियों के कारण जिन नेताओं के लहू में कांग्रेसी रंग था। वह एक-एक करके पार्टी छोड़कर चले गए। मैं पार्टी नेताओं को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे कांग्रेस से मुक्त कर दिया।
  • कांग्रेस सनातन को खत्म करने और राम का विरोध करने की कसम खा चुकी है। ऐसे लोग देश का भला कभी नहीं करेंगे।
  • मेरा अगला कदम क्या होगा? यह मैं भी नहीं जानता। 19 फरवरी के बाद काफी कुछ सामने आएगा।
  • यूपी के संभल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमोद कृष्णम ने कहा, मुझे कल रात कई न्यूज चैनलों के माध्यम से ये जानकारी मिली कि कांग्रेस पार्टी ने एक चिट्ठी जारी की है, जिसमें लिखा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है। सबसे पहले मैं कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया। केसी वेणुगोपाल या मल्लिकार्जुन खरगे, ये बताएं कि ऐसी कौन सी गतिविधियां हैं जो पार्टी के विरोध में थीं? क्या भगवान राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है?

    इस बीच कुमार विश्वास ने भी आचार्य प्रमोद कृष्णम का समर्थ किया है। कुमार विश्वास ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा-

    naidunia_image

    यूं तो आचार्य प्रमोद कृष्णम शुरू से कांग्रेस नेतृत्व के फैसलों की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन हाल के दिन में अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद वे खुलकर पार्टी के खिलाफ बोलने लगने लगे थे।

    पार्टी नेताओं को कठघरे में खड़ा करने के साथ आचार्य ने भाजपा में जाने की तैयारी कर ली है। 19 फरवरी को श्रीकल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने की संभावना है।

    Who’s Acharya Pramod Krishnam

    आचार्य प्रमोद कृष्णम ने छात्र जीवन से ही कांग्रेस की राजनीति शुरू की थी। विभिन्न पदों पर रहने के अलावा उत्तर प्रदेश में कई बार पार्टी के महासचिव बने। कांग्रेस की पालिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्य रहे। 2018 में पार्टी की तरफ से राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं पंजाब के आम चुनाव में स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी मिली। 2014 में संभल संसदीय सीट और 2019 में लखनऊ से पार्टी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े।

    प्रमोद कृष्णम को कांग्रेस ने क्यों निष्कासित किया

    कारण-1: प्रमोद कृष्णम करीब एक वर्ष से पार्टी को लेकर मुखर हैं। पार्टी नेताओं के सनातन धर्म का विरोध करने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी को इससे नुकसान होने की भी हिदायत दी थी।

    कारण-2: राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हार को उन्होंने सनातन के विरोध का ही कारण बताया था। उनका साफ कहना था कि पार्टी में कुछ नेता वामपंथी विचारधारा के हैं, जो कांग्रेस को बर्बाद कर रहे हैं।

    naidunia_image

    कारण-3: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण पत्र ठुकराने को भी पार्टी नेताओं की आलोचना की थी। उनका कहना था कि गांधी परिवार को रामलला के दर्शन करने जाना चाहिए। भगवान सबके हैं।

    कारण-4: मंदिर के निर्माण का श्रेय भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया था। साफ कहा, मोदी जी की वजह से मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। आचार्य ने तीन दिन पहले राहुल गांधी के मिलने का समय नहीं देने की बात भी कही थी।

    Jabalpur Information : जीसीएफ में नौसेना के लिए बनेंगे रिमोट कंट्रोल गन, इसलिए महत्वपूर्ण है

    Jabalpur Information : रक्षा मंत्रालय ने किया एडवांस्ड वेपन इक्विपमेंट इंडिया के साथ किया करार।

    By Alok Banerjee

    Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 08:18 AM (IST)

    Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 08:18 AM (IST)

    Jabalpur News : जीसीएफ में नौसेना के लिए बनेंगे रिमोट कंट्रोल गन, इसलिए महत्वपूर्ण है

    HighLights

    1. एवील की इकाई त्रिची में अब तक होता रहा उत्पादन।
    2. 41 आयुध निर्माणियों को सात प्रमुख कंपनियों के अधीन बांटा दिया था।
    3. एवील के पास जीसीएफ सहित देश की 8 निर्माणी अधीन कार्य कर रही हैं।

    Jabalpur Information : नई दुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रक्षा क्षेत्र में देश की 41 आयुध निर्माणियों में अग्रणी तोपगाड़ी निर्माणी (जीसीएफ) नए वित्त वर्ष में भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के अब तक की सबसे आधुनिक बंदूकों में से एक स्टेबेलिस्ड रिमोट कंट्रोल गन (एसआरसीजी) बनाएगी। इसके लिए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के साथ एडवांस्ड वेपन इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एवील) ने 1752.13 करोड़ रुपये का एक करार पर साइन किए हैं।

    एवील की इकाई है जीसीएफ

    महत्वपूर्ण है कि निगमीकरण के बाद सरकार ने देश की सभी 41 आयुध निर्माणियों को सात प्रमुख कंपनियों के अधीन बांटा दिया था। जिसके बाद नगर की सबसे पुरानी निर्माणी जीसीएफ एडवांस्ड वेपन इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एवील) की एक इकाई के रूप में कार्य कर रही है। एवील के पास जीसीएफ सहित देश की 8 निर्माणी अधीन कार्य कर रहीं हैं।

    एसआरसीजी महत्वपूर्ण गन

    12.7 मिमी स्टेबेलिस्ड रिमोट कंट्रोल गन (एसआरसीजी) दुश्मन से लड़ाई में महत्वपूर्ण अस्त्र के रूप में लोकप्रिय रही है। यह गन भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को समुद्री सुरक्षा में मददगार साबित होगी। यह छोटे खतरों के सटीक लक्ष्यीकरण में भी सक्षम हैं। साथ ही इसका उत्पादन आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदम का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। करीब 463 गन में उपयोग तकनीकी साजो-सामान का 85 प्रतिशत हिस्सा भारत में निर्मित होंगे।

    एवील की इकाई त्रिची में अब तक होता रहा उत्पादन

    एडवांस्ड वेपन इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एवील) की एक अन्य इकाई आयुध निर्माणी त्रिची में अब तक एसआरसीजी का उत्पादन होता रहा है। तमिलनाडु की इस फैक्ट्री के साथ जीसीएफ को भी महत्वपूर्ण अस्त्र बनाने का मौका मिलेगा।

    एवील को मिले नए उत्पादन को लेकर निर्माणी के कर्मचारियों में हर्ष है, और आगामी वित्त वर्ष में हमें मांग के अनुरूप नए अस्त्र-शस्त्र बनाने का अवसर मिलेगा।

    अमित प्रताप सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, जीसीएफ।

    • ABOUT THE AUTHOR

      पटना में 2005 में जागरण समूह के दैनिक जागरण से शुरुआत की। 2017 में दैनिक जागरण प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में सेवाएं दीं। 2023 से जागरण समूह के www.naidunia.com से जुड़े। वर्तमान में सीनियर सब एडिटर के पद पर जबलपु