Manikandan Madurai Home Theft Replace | Nationwide Award | तमिल फिल्म डायरेक्टर मणिकंदन के घर हुई चोरी: अगले दिन चोरों ने कैरी बैग में लौटाया नेशनल अवॉर्ड, बोले- माफ करना, आपकी मेहनत आपकी है
20 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

‘काका मुत्तई’ और ‘कदैसी विवासयी’ जैसी नेशनल अवॉर्ड विनिंग फिल्में बनाने वाले तमिल फिल्म डायरेक्टर एम मणिकंदन के घर पर हाल ही में चोरी हुई। चोर उनके घर से 1 लाख रुपए कैश, सोने की ज्वैलरी और साथ ही डायरेक्टर को मिले दो नेशनल अवॉर्ड भी उठाकर ले गए।
हैरानी की बात यह है कि बाद में चोरों ने डायरेक्टर को एक नोट लिखकर उनके दोनाें अवॉर्ड्स वापस कर दिए। वो डायरेक्टर के घर के बाहर एक पॉलिथीन बैग में ये अवॉर्ड और नोट छोड़कर गए।

डायरेक्टर मणिकंदन के मदुरै स्थित इस घर में चोरी हुई थी।
कैरी बैग में नोट के साथ वापस कर गए मैडल
तमिलनाडु के मदुरै में हुई यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मामले पर एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने जानकारी दी कि सोमवार रात को उसिलामपट्टी एरिया में स्थित डायरेक्टर के घर पर चोरी हुई।
मंगलवार को चोर उनके घर पर एक कैरी बैग में हैंडरिटेन नोट के साथ चुराए हुए मैडल वापस कर गए। इस नोट में उन्होंने लिखा- ‘सर, हमें माफ करना, आपकी मेहनत सिर्फ आपकी है।’
हालांकि, चोरों ने मणिकंदन के घर से चुराए 1 लाख रुपए कैश और गोल्ड ज्वैलरी वापस नहीं की। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और इन्वेस्टिगेशन कर रही है।

अगले दिन चोरों ने डायरेक्टर के नेशनल अवॉर्ड मैडल कुछ इस तरह कैरी बैग में डालकर वापस कर दिए।

इसे वापस करते हुए चोरों ने माफी मांगते हुए एक नोट भी लिखा।
दोस्त घर पहुंचा तब चोरी का पता चला
बता दें, मणिकंदन अपने परिवार के साथ चेन्नई में रहते हैं। उसिलामपट्टी में उनके पास एक पालतू कुत्ता है, जिसकी देखभाल उनका दोस्त करता है। मणिकंदन के दोस्त को इस चोरी का पता तब चला जब वो कुत्ते को खाना खिलाने घर आए थे।

फिल्म ‘कदैसी विवासयी’ के सेट पर विजस सेतुपति के साथ डायरेक्टर मणिकंदन।
2015 और 2023 में मिले थे यह अवॉर्ड
मणिकंदन को ये दोनों नेशनल अवॉर्ड फिल्म ‘काका मुत्तई’ और ‘कदैसी विवासयी’ के लिए मिले थे। साल 2015 में मणिकंदन की पहली फिल्म ‘काका मुत्तई’ ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था। इसके बाद 2023 में मणिकंदन की फिल्म ‘कदैसी विवासयी’ को बेस्ट तमिल फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला था।
मणिकंदन ने अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्मों में असिस्टेंट सिनेमैटोग्राफर के तौर पर की थी। इसके बाद बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म बनाने में सीनियर फिल्ममेकर वेत्रिमारन ने उनकी मदद की थी।

