राहुल गांधी पर बरसे प्रमोद कृष्णम, ‘जो मां का सम्मान नहीं करते, वह देश की विरासत क्या संभालेंगे’
  • पार्टी में प्रियंका गांधी तक का सम्मान नहीं है। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस के पदाधिकारियों की जारी सूची में उनके नाम के आगे महासचिव बिना पोर्टफोलियो लिखा था।
  • कांग्रेस की इन नीतियों के कारण जिन नेताओं के लहू में कांग्रेसी रंग था। वह एक-एक करके पार्टी छोड़कर चले गए। मैं पार्टी नेताओं को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे कांग्रेस से मुक्त कर दिया।
  • कांग्रेस सनातन को खत्म करने और राम का विरोध करने की कसम खा चुकी है। ऐसे लोग देश का भला कभी नहीं करेंगे।
  • मेरा अगला कदम क्या होगा? यह मैं भी नहीं जानता। 19 फरवरी के बाद काफी कुछ सामने आएगा।
  • यूपी के संभल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमोद कृष्णम ने कहा, मुझे कल रात कई न्यूज चैनलों के माध्यम से ये जानकारी मिली कि कांग्रेस पार्टी ने एक चिट्ठी जारी की है, जिसमें लिखा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है। सबसे पहले मैं कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया। केसी वेणुगोपाल या मल्लिकार्जुन खरगे, ये बताएं कि ऐसी कौन सी गतिविधियां हैं जो पार्टी के विरोध में थीं? क्या भगवान राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है?

    इस बीच कुमार विश्वास ने भी आचार्य प्रमोद कृष्णम का समर्थ किया है। कुमार विश्वास ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा-

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    यूं तो आचार्य प्रमोद कृष्णम शुरू से कांग्रेस नेतृत्व के फैसलों की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन हाल के दिन में अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद वे खुलकर पार्टी के खिलाफ बोलने लगने लगे थे।

    पार्टी नेताओं को कठघरे में खड़ा करने के साथ आचार्य ने भाजपा में जाने की तैयारी कर ली है। 19 फरवरी को श्रीकल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने की संभावना है।

    Who’s Acharya Pramod Krishnam

    आचार्य प्रमोद कृष्णम ने छात्र जीवन से ही कांग्रेस की राजनीति शुरू की थी। विभिन्न पदों पर रहने के अलावा उत्तर प्रदेश में कई बार पार्टी के महासचिव बने। कांग्रेस की पालिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्य रहे। 2018 में पार्टी की तरफ से राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं पंजाब के आम चुनाव में स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी मिली। 2014 में संभल संसदीय सीट और 2019 में लखनऊ से पार्टी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े।

    प्रमोद कृष्णम को कांग्रेस ने क्यों निष्कासित किया

    कारण-1: प्रमोद कृष्णम करीब एक वर्ष से पार्टी को लेकर मुखर हैं। पार्टी नेताओं के सनातन धर्म का विरोध करने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी को इससे नुकसान होने की भी हिदायत दी थी।

    कारण-2: राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हार को उन्होंने सनातन के विरोध का ही कारण बताया था। उनका साफ कहना था कि पार्टी में कुछ नेता वामपंथी विचारधारा के हैं, जो कांग्रेस को बर्बाद कर रहे हैं।

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    कारण-3: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण पत्र ठुकराने को भी पार्टी नेताओं की आलोचना की थी। उनका कहना था कि गांधी परिवार को रामलला के दर्शन करने जाना चाहिए। भगवान सबके हैं।

    कारण-4: मंदिर के निर्माण का श्रेय भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया था। साफ कहा, मोदी जी की वजह से मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। आचार्य ने तीन दिन पहले राहुल गांधी के मिलने का समय नहीं देने की बात भी कही थी।