तालाब में डूबने से दो छात्रों की मौत, प्रधान पाठक समेत तीन शिक्षक निलंबित
सीपत क्षेत्र के दर्राभाठा में रहने वाले समीर पटेल कक्षा पहली और वंश भट्ट कक्षा दूसरी के छात्र थे। मंगलवार को वे स्कूल गए थे। स्कूल में मध्यान्ह भोजन के बाद वे साथियों के साथ स्कूल के पास स्थित तालाब में नहाने के लिए चले गए। इसकी भनक स्कूल के शिक्षकों को नहीं लगी, साथ गए बच्चे तालाब से लौट आए।
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Thu, 15 Feb 2024 06:16 AM (IST)
Up to date Date: Thu, 15 Feb 2024 06:16 AM (IST)

HighLights
- मध्यान्ह भोजन के बाद पास के तालाब में नहाने चले गए थे बच्चे
- देर रात बच्चों के शव तालाब से निकाला गया।
- स्कूल की प्रधान पाठक और दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सीपत क्षेत्र के दर्राभाठा स्थित प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले दो विद्यार्थी मध्यान्ह भोजन के बाद पास के तालाब में नहाने के लिए चले गए। इस दौरान दोनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इधर बच्चों के गायब होने की भनक स्कूल के शिक्षकों को नहीं लगी। देर शाम तक बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर उनकी तलाश की गई। देर रात बच्चों के शव तालाब से निकाला गया। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की प्रधान पाठक और दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है।
सीपत क्षेत्र के दर्राभाठा में रहने वाले समीर पटेल कक्षा पहली और वंश भट्ट कक्षा दूसरी के छात्र थे। मंगलवार को वे स्कूल गए थे। स्कूल में मध्यान्ह भोजन के बाद वे साथियों के साथ स्कूल के पास स्थित तालाब में नहाने के लिए चले गए। इसकी भनक स्कूल के शिक्षकों को नहीं लगी, साथ गए बच्चे तालाब से लौट आए। वहीं, समीर और वंश तालाब में ही थे। इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। शाम को वे स्कूल से नहीं लौटे तो स्वजन तलाश करने लगे। रात करीब नौ बजे पता चला कि दोपहर को दोनों बच्चे साथियों के साथ तालाब गए थे। कुछ देर बाद उनके साथ गए बच्चे लौट आए थे। इस जानकारी के आधार पर गांव के लोगों ने तालाब में उतरकर बच्चों की तलाश की। कुछ ही देर बाद दोनों बच्चों के शव तालाब में मिल गए। घटना की सूचना पर सीपत पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। इधर सुबह गांव के लोगों ने स्कूल का घेराव कर दिया। इसकी सूचना पर बीईओ अश्वनी भारद्वाज स्कूल पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों को समझाइश दी। साथ ही बताया कि स्कूल की प्रधान पाठक धनेश्वरी प्रधान, सहायक शिक्षक कंचन नवरंग और संतोष भोई को निलंबित कर दिया गया है।
गांव के लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप
घटना की जानकारी लगते ही गांव के लोग आक्रोशित थे। बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने स्कूल का घेराव कर दिया। गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि बच्चों ने अपना बैग स्कूल में ही छोड़ दिया था। छुट्टी के बाद भी उनका बैग में स्कूल में ही था। इसके बाद भी स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों की जानकारी लेना उचित नहीं समझा। इसके अलावा बच्चे जब तालाब गए तब भी शिक्षकों ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण बड़ा हादसा हो गया। हंगामे के बीच पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है।
शव पहुंचते ही फूटा लोगों का गुस्सा
बच्चों के शव को पुलिस ने रात को चीरघर में रखवा दिया था। बुधवार की सुबह पीएम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। स्वजन शव लेकर गांव पहुंचे तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इधर गांव में पुलिस की टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने गांव के लोगों को समझाइश दी। इसका भीड़ पर कोई असर नहीं हुआ। लोगों ने दोनों बच्चों के शव को सांस्कृतिक भवन के पास रखकर हंगामा किया। इस पर अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा और शिक्षकों को निलंबित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए।
माता-पिता को खबर ही नहीं कि अब नहीं रहा उनका लाल
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरबसपुर में रहने वाले रामकुमार पटेल रोजी-मजदूरी करते हैं। वे अपनी पत्नी को लेकर मजदूरी करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए हुए हैं। उनका बेटा समीर दर्राभाठा में रहने वाली अपनी बुआ के घर पर रहकर पढ़ाई करता था। घटना की जानकारी रामकुमार को नहीं दी गई है। उन्हें जरूरी काम बताकर घर वापस बुलाया गया है।

