Manoj spoke on the growing divorce and drug circumstances within the trade | इंडस्ट्री में बढ़ते तलाक-ड्रग्स के मामले पर बोले मनोज बाजपेयी: कहा- बॉलीवुड के लोग बहुत ओपन माइंडेड हैं, लेकिन पूरी इंडस्ट्री खराब नहीं
14 मिनट पहले
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मनोज बाजपेयी की 100वीं फिल्म ‘भैयाजी’ हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसी बीच मनोज ने एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते तलाक पर रिएक्ट किया है। मनोज का कहना है, अगर आप तीस हजारी कोर्ट में जाएंगे और तलाक की दर जानेंगे, तो आप समझ जाएंगे कि आज हम कहां आ गए हैं। वहां हर दिन रिश्ते और शादियां टूट रही हैं।
मनोज ने कहा- हमारी सोसाइटी ने न्यूक्लियर फैमिली के ट्रेंड को अपनाया और इसके फायदे भी हैं, लेकिन जो नुकसान है, उसे भी हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। नतीजा आप अदालतों में देख सकते हैं।

‘इंडस्ट्री के लोग’ कहे जाने पर मनोज ने रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा- तो क्या इंडस्ट्री समाज का हिस्सा नहीं है? समाज के लोग ही इंडस्ट्री का हिस्सा होते हैं। जब लोग एक ही समाज के होंगे तो क्या जाहिर नहीं है कि समाज में हुआ बदलाव इंडस्ट्री में भी दिखेगा?

पहले इसी इंडस्ट्री में इतने तलाक नहीं होते थे जितने आज हैं। लेकिन अब यहां के लोग ओपन माइंडेड हो गए हैं और खुद को किसी राज्य या देश से नहीं जोड़ते हैं, जो अपने आप में अच्छी बात है।
ड्रग्स लेने की अफवाहों के बारे में बोलते हुए मनोज ने कहा- सबसे पहले तो इसे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री कहिए। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बहुत छोटी है। अब इस छोटी इंडस्ट्री में बहुत सारे लोगों को नौकरियों की जरूरत है। अगर कोई इंसान किसी कोने में कुछ गलत करते हुए पकड़ा गया है, तो इसका ये मतलब नहीं है कि पूरी इंडस्ट्री ही खराब है।

मनोज ने कहा इंडस्ट्री में मैं, मेरे दोस्त और को-एक्टर्स भी इंडस्ट्री का एक पार्ट हैं। इनमें से 95% लोग न केवल अपने काम के लिए बल्कि अपनी फैमिली और दोस्तों के लिए भी ईमानदार और इमोशनल हैं। उन्होंने कहा- कुछ इंसिडेंट्स यह साबित नहीं कर सकते कि पूरी इंडस्ट्री ऐसी ही है।

